प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच 16 महीने बाद होने वाली द्विपक्षीय मुलाकात से पहले ट्रंप ने मोदी की जमकर सराहना की है। ट्रंप ने उन्हें एक शांत और मजबूत नेता बताया, जबकि पीएम मोदी ने जी-7 शिखर सम्मेलन में वैश्विक सुरक्षा मुद्दों पर अपनी बात रखी।
ट्रंप ने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जमकर तारीफ करते हुए मोदी को दुनिया के सबसे मजबूत और कड़क बातचीत करने वाले नेताओं में से एक बताया। ट्रंप ने कहा कि उनके नेतृत्व में भारत वैश्विक मंच पर आगे भी बड़ी भूमिका निभाता रहेगा। फ्रांस में जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान पीएम मोदी के साथ द्विपक्षीय बैठक के बाद मीडिया से बात करते हुए ट्रंप ने बार-बार भारतीय प्रधानमंत्री के साथ अपने व्यक्तिगत रिश्तों और भारत-अमेरिका संबंधों की मजबूती का जिक्र किया। ट्रंप ने कहा कि हमारी भारत के प्रधानमंत्री मोदी के साथ बहुत अच्छी बातचीत हुई। अमेरिका और भारत के बीच बहुत सी अच्छी चीजें हो रही हैं।
जब उनसे दोनों देशों के बीच चल रही व्यापार वार्ताओं के बारे में पूछा गया, तो ट्रंप ने पीएम मोदी की बातचीत करने की क्षमता की तारीफ की और संकेत दिया कि दोनों देशों के बीच व्यापार समझौता जल्द हो सकता है। उन्होंने कहा, “हम बहुत करीब हैं।”
ट्रंप ने कहा, “पीएम मोदी बहुत सख्त बातचीत करने वाले नेता हैं। सच कहूं तो वे दुनिया के सबसे कड़े वार्ताकारों में से एक हैं।”
इसके बाद ट्रंप ने पीएम मोदी के बारे में एक दिलचस्प टिप्पणी की। उन्होंने कहा, “आप इन्हें देखिए। ये एक फरिश्ते की तरह हैं, बहुत अच्छे इंसान हैं।”
ट्रंप ने कहा, “असल में ये बहुत मजबूत और सख्त इंसान हैं। वह आपको चौंका देते हैं। उनका शांत और सरल व्यक्तित्व कई बार लोगों को गलतफहमी में डाल देता है। मैं कहता हूं कि वे बहुत सख्त हैं। बातचीत में वे बेहद मजबूत हैं।”
ट्रंप का यह बयान दोनों नेताओं के बीच के आपसी सम्मान और उनके अलग-अलग कार्य करने के तरीकों को दर्शाता है।
फ्रांस के एवियन में जी-7 शिखर सम्मेलन
इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार को फ्रांस के एवियन शहर पहुंचे थे, जहां वह जी-7 शिखर सम्मेलन में शामिल हुए। इस वैश्विक मंच पर भारत की उपस्थिति और पीएम मोदी का संबोधन काफी महत्वपूर्ण रहा। प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन के दौरान दुनिया के सामने मौजूद गंभीर चुनौतियों को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने विशेष रूप से पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और समुद्री मार्गों पर मंडराते असुरक्षा के खतरों पर अपनी बात रखी। पीएम मोदी ने वैश्विक शांति और सुरक्षा के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए इन मुद्दों पर दुनिया का ध्यान आकर्षित किया।
पश्चिम एशिया और समुद्री व्यापार पर चिंता
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि हम पश्चिम एशिया में शांति स्थापित करने के प्रयासों में हो रही प्रगति का स्वागत करते हैं। हालांकि, उन्होंने इस बात पर भी गहरा दुख व्यक्त किया कि इस क्षेत्र में चल रहे संघर्षों के कारण भारत के मित्र देशों को जान और माल का भारी नुकसान उठाना पड़ा है। इसके साथ ही उन्होंने होर्मुज जलडमरूमध्य का जिक्र करते हुए कहा कि इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग से होने वाले व्यापार में किसी भी प्रकार की बाधा पूरी वैश्विक अर्थव्यवस्था पर बुरा असर डालती है।
वैश्विक अर्थव्यवस्था और सुरक्षा का मुद्दा
पीएम मोदी ने स्पष्ट किया कि समुद्री व्यापारिक मार्गों की सुरक्षा केवल क्षेत्रीय मुद्दा नहीं है, बल्कि यह पूरी दुनिया की आर्थिक सेहत से जुड़ा हुआ है। उन्होंने जोर देकर कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य जैसे रणनीतिक रास्तों पर असुरक्षा से वैश्विक सप्लाई चेन प्रभावित होती है। प्रधानमंत्री का यह बयान ऐसे समय में आया है जब दुनिया के कई हिस्सों में भू-राजनीतिक तनाव बढ़ रहा है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की कि वे इन चुनौतियों का समाधान निकालने के लिए एकजुट हों ताकि वैश्विक अर्थव्यवस्था और मानवता को और अधिक नुकसान से बचाया जा सके।

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