रांची : जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में जेपीएससी-जेएसएससी परीक्षाओं में गड़बड़ी के खिलाफ चल रहा छात्र आंदोलन गुरुवार को भी जारी रहा. दोपहर के बाद छात्रों ने सरकार से वार्ता के लिए 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल की सूची जारी की. इसमें आठ छात्र, एक वकील और दो मीडिया प्रतिनिधि शामिल हैं. प्रतिनिधिमंडल की सूची एसडीओ को सौंपी गयी है. वहीं, इससे पहले प्रदर्शन स्थल पर दिनभर सरकार से वार्ता को लेकर चर्चा होती रही. देर शाम तक प्रशासन की ओर से छात्रों को वातों के लिए आमंत्रित नहीं किया गया था. प्रशासन ने छात्रों से वार्ता के लिए पांच लोगों ने नाम ही मांग थे.
जिला प्रशासन ने इस मामले में कहा है कि बातचीत सिर्फ छात्रों से ही होगी. प्रतिनिधिमंडल में छात्र प्रतिनिधि के तौर पर पीयूष कुमार सिंह, रवींद्र पासवान, राजेश प्रसाद, नीतू कुजूर, कार्तिक सोरेन, रवींद्र कुमार रवि, अंकित कुमार और शालू सिंह शामिल किये गये हैं. वहीं, पत्रकार प्रतिनिधि के रूप में शंभूनाथ चौधरी और विकास वर्मा के साथ कानूनविद पूर्व महाधिवक्ता अजीत कुमार शामिल हैं.
इन सबके बीच जेपीएससी-जेएसएससी गड़बड़ी पर सदन में राज्य सरकार के विभिन्न मंत्रियों ने कहा कि हेमंत सोरेन की सरकार का रुख गंभीर है. गड़बड़ी की शिकायत मिलते ही तत्काल कार्रवाई की गयी, केवल सरकार को दोष देने से समाधान नहीं निकलेगा. मंत्रीगण ने कहा कि प्रतियोगिता परीक्षा में चुने गये योग्य अभ्यर्थियों को कोई नुकसान नहीं होगा. इधर, झारखंड में चल रहे छात्र आंदोलन के बीच
लोकसभा में प्रतिपक्ष के नेता राहुल गांधी का बड़ा बयान आया है. कांग्रेस के आला नेता राहुल गांधी ने वीडियो संदेश जारी कर कहा है कि झारखंड के छात्र अपने हक के लिए विरोध कर रहे हैं. कृपया उनका समर्थन करें. यह विरोध-प्रदर्शन देश भर में हो रहा है. गुरुवार को राहुल गांधी ने फोन पर आंदोलन कर रहे छात्रों में से पीयूष और रविंद्र से बात भी की.
छात्रों के आंदोलन के बीच आम जनमानस में यह चर्चा भी देखी जा रही है कि इस आंदोलन को आखिर कौन भड़का रहा है? आंदोलन के नाम पर राज्य और राज्य सरकार को बदनाम करने के लिए कहीं कोई साजिश तो नहीं रची जा रही है इस एंगल से भी जांच की मांग की जा रही है।

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