June 19, 2026

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घंटों लैपटॉप पर करते हैं काम… तो यह योगासन पीठ और गर्दन दर्द से दिलाएंगे राहत

Yoga for neck pain : आज के डिजिटल दौर में अधिकांश लोग दिन का बड़ा हिस्सा लैपटॉप या कंप्यूटर के सामने बैठकर बिताते हैं। चाहे ऑफिस का काम हो, ऑनलाइन पढ़ाई हो या फिर फ्रीलांसिंग, लंबे समय तक एक ही मुद्रा में बैठने से पीठ, गर्दन और कंधों में दर्द की समस्या आम हो गई है। गलत बैठने की आदत, शारीरिक गतिविधि की कमी और लगातार स्क्रीन देखने से शरीर की मांसपेशियों पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। यदि समय रहते इस समस्या पर ध्यान न दिया जाए तो यह लंबे समय तक रहने वाले दर्द का रूप ले सकती है। ऐसे में योग एक प्राकृतिक और प्रभावी उपाय साबित हो सकता है। आइए जानते हैं कुछ ऐसे योगासन जिनकी मदद से पीठ और गर्दन के दर्द से राहत मिल सकती है।

भुजंगासन (Cobra Pose)

भुजंगासन रीढ़ की हड्डी को मजबूत बनाने और पीठ के निचले हिस्से में होने वाले दर्द को कम करने में मदद करता है। यह आसन छाती को खोलता है और लंबे समय तक झुककर बैठने से बने तनाव को दूर करता है।

करने का तरीका

पेट के बल लेट जाएं। दोनों हथेलियों को कंधों के पास रखें। सांस लेते हुए शरीर के ऊपरी हिस्से को धीरे-धीरे ऊपर उठाएं। गर्दन को सीधा रखें और सामने देखें। 15 से 20 सेकंड तक इसी स्थिति में रहें।

फायदे

– रीढ़ की लचक बढ़ती है।

– पीठ और कंधों की जकड़न कम होती है।

– शरीर का पोस्चर सुधरता है।

मार्जरीआसन-बितिलासन (Cat-Cow Pose)

यह योगासन रीढ़ की हड्डी को स्ट्रेच करने के लिए बेहद प्रभावी माना जाता है। लंबे समय तक कुर्सी पर बैठने के कारण पीठ में जमा तनाव को कम करने में यह मदद करता है।

करने का तरीका

हाथों और घुटनों के बल आ जाएं। सांस लेते हुए पीठ को नीचे की ओर झुकाएं और सिर ऊपर उठाएं। सांस छोड़ते हुए पीठ को गोल करें और ठुड्डी को छाती की ओर ले जाएं। इस प्रक्रिया को 10 से 15 बार दोहराएं।

फायदे

– गर्दन और पीठ की मांसपेशियों को आराम मिलता है।

– रीढ़ की लचक बढ़ती है।

– शरीर में रक्त संचार बेहतर होता है।

बालासन (Child Pose)

बालासन एक आरामदायक योग मुद्रा है जो पीठ, गर्दन और कंधों में जमा तनाव को कम करने में मदद करती है।

करने का तरीका

घुटनों के बल बैठ जाएं। एड़ियों पर बैठते हुए शरीर को आगे की ओर झुकाएं। माथे को जमीन पर टिकाएं और हाथों को आगे की ओर फैलाएं। 30 सेकंड से 1 मिनट तक इसी स्थिति में रहें।

फायदे

– मानसिक तनाव कम होता है।

– कमर और गर्दन को आराम मिलता है।

– शरीर में लचीलापन बढ़ता है।

ताड़ासन (Mountain Pose)

ताड़ासन देखने में सरल लगता है लेकिन यह शरीर की मुद्रा सुधारने और रीढ़ को सीधा रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

करने का तरीका

सीधे खड़े हो जाएं। दोनों पैरों के बीच थोड़ा अंतर रखें। हाथों को ऊपर उठाकर पूरे शरीर को खींचें। कुछ सेकंड तक इस स्थिति में रहें।

फायदे

– शरीर का संतुलन बेहतर होता है।

– गलत पोस्चर की समस्या कम होती है।

– गर्दन और पीठ की मांसपेशियां मजबूत होती हैं।

सेतु बंधासन (Bridge Pose)

यह आसन पीठ और गर्दन की मांसपेशियों को मजबूत बनाने के साथ-साथ रीढ़ को लचीलापन प्रदान करता है।

करने का तरीका

पीठ के बल लेट जाएं। घुटनों को मोड़कर पैरों को जमीन पर रखें। सांस लेते हुए कूल्हों को ऊपर उठाएं। हाथों को जमीन पर टिकाकर रखें। 20 से 30 सेकंड तक इस मुद्रा में रहें।

फायदे

– कमर दर्द में राहत मिलती है।

– गर्दन और कंधों का तनाव कम होता है।

– रीढ़ मजबूत बनती है।

गर्दन स्ट्रेच योग

जो लोग लगातार लैपटॉप स्क्रीन देखते हैं, उन्हें गर्दन की एक्सरसाइज जरूर करनी चाहिए।

करने का तरीका

सीधे बैठ जाएं। सिर को धीरे-धीरे दाईं ओर झुकाएं और कुछ सेकंड रोकें। फिर बाईं ओर झुकाएं। सिर को आगे और पीछे भी धीरे-धीरे ले जाएं।

फायदे

– गर्दन की अकड़न दूर होती है।

– मांसपेशियों में लचीलापन आता है।

– लंबे समय तक स्क्रीन देखने से होने वाली थकान कम होती है।

योग एक्‍सपर्ट की सलाह

मोरारजी देसाई राष्ट्रीय योग संस्थान, आयुष मंत्रालय, भारत सरकार में योग प्रशिक्षक वसुधा राजावत कहती हैं, घंटों लैपटॉप पर काम करने से गर्दन और कमर के दर्द के समस्या इन दिनों आम से हो गई है। ऐसी जीवनचर्या में केवल योग की जीवन शैली ही हमें स्वस्थ रख सकती है। कुछ योग के अभ्यास हैं, जो शरीर स्तर पर तो लाभ देंगे ही जबकि मानसिक व भावनात्मक शांति देंगे।

पादहस्तासन

पादहस्तासन कमर के लिए फायदेमंद अभ्यास हे, कमर को लचीला बनाता हे व रीड की हड्डी में जमा अकड़ाहट और तनाव को दूर करता है। नियमित तीन बार 15-20 सेकंड रूकर करें लाभ प्राप्त होता है। ऑफिस में या पढ़ाई के दौरान इस अभ्यास को करना चाहिए।

सावधानी : स्लिप डिस्क है तो ज़्यादा ना झुकें।

अर्धचक्रासन

अर्धचक्रासन का अभ्यास पीठ और रीढ़ के दर्द में राहत देता है। पेट और कमर की मालिश होती है खिंचाव आता है, कमर में जमा तनाव दूर होता है। नियमित तीन बार 5-10 सेकंड रुककर करना चाहिए।

सावधानी : गर्भवती महिलाओं को ये अभ्यास नहीं करना चाहिए।

ग्रीवा शक्ति विकासक क्रिया

इस क्रिया को करने से गर्दन में जमा तनाव व अकड़ाहट दूर होती है। लैपटॉप पर नियमित काम करने से गर्दन में जो दर्द रहता है वो भी दूर होता है। नियमित तीन से पांच बार गर्दन को दाएं से बाएं व बाएं से दाएं घुमाना चाहिए। गर्दन को घुमाते समय गर्दन में आने वाले ख़िंचाव पर ध्यान दें और धीरे धीरे करें। ऐसा करने से पूर्ण लाभ मिलता है।

सावधानी : गर्दन में कोई चोट लगी हो तो अभ्यास ना करेंं।

लैपटॉप पर काम करते हुए कुछ जरूरी सावधानियां

  1. हर 30 से 45 मिनट में कुर्सी से उठकर थोड़ा चलें।
  2. लैपटॉप की स्क्रीन आंखों के स्तर पर रखें।
  3. बैठते समय कमर को पूरा सपोर्ट दें।
  4. योगासन करते समय शरीर पर अधिक दबाव न डालें।
  5. यदि दर्द बहुत ज्यादा हो या पुराना हो तो डॉक्टर की सलाह जरूर लें।
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