August 7, 2026

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दिल्ली हाईकोर्ट से डाबर इंडिया को मिली बड़ी राहत, FSSAI के आदेश पर रोक

Udaan Desk. डाबर इंडिया को दिल्ली हाई कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने कंपनी के 100% प्योर, नेचुरल, ऑर्गेनिक जैसे दावों वाले प्रोडक्ट्स की सेल पर बैन लगा दिया था। उस बैन पर अब दिल्ली हाईकोर्ट ने रोक लगा दी है। डाबर इंडिया की याचिका पर शुक्रवार को जस्टिस अमित महाजन ने FSSAI के आदेश वाली याचिका पर सुनवाई की। जिसमें एफएसएसएआई के साथ केंद्र सरकार और अन्य पक्षों को नोटिस भेजा गया है।

डाबर ने FSSAI के आदेश को दी चुनौती
डाबर ने दिल्ली हाई कोर्ट में यह कहते हुए याचिका दायर की है कि उन्हें बिना किसी सुधार या कारण बताओं नोटिस दिए ये कार्रवाई हुई है। और ना ही कंपनी को अपनी बात रखने का मौका दिया गया। बिना उन्हें बताएं उनके प्रोडक्ट्स की सेल पर रोक लगा दी गई है।एफएसएसएआई के आदेश पर कंपनी की तरफ से यह भी कहा गया है कि फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड (एडवरटाइजिंग एंड क्लेम्स) रेगुलेशन 2018 में या लिखा गया है कि यदि रेगुलेटर किसी कंपनी या प्रोडक्ट के खिलाफ कार्यवाही करता है तो उसे पहले स्पष्टीकरण और जवाब मांगना पड़ेगा।

क्या लगा है आरोप?
3 अगस्त 2026 को एफएसएसएआई ने डाबर इंडिया के कुछ प्रोडक्ट्स जिनमें 100% ऑर्गेनिक, शुद्धता जैसे दावे किए जा रहे थे उनकी बिक्री को तुरंत रोकने का आदेश दिया था। इस आदेश के साथ में यह कहा गया कि प्रोडक्ट पर किए जा रहे दावें और स्पष्ट है। ऐसे भ्रामक दावों से उपभोक्ता गुमराह होते हैं।

इस आदेश के साथ डाबर के कई प्रॉडक्ट्स की बिक्री पर रोक लगी जिनमें डाबर हिमालय एप्पल साइडर विनेगर, डाबर हनी, डाबर वर्जिन कोकोनट ऑयल, हनी स्क्वीजी, डाबर सुंदरबन हनी आदि शामिल है।

डाबर ने अपनी याचिका में यह भी कहा है कि एफएसएसएआई ने अपने आदेश का सोशल मीडिया पर प्रचार किया। इसके बाद कुछ चैनल ने उनके प्रोडक्ट को ना खरीदने की सलाह दी है जिससे उनका नुकसान हुआ है। यदि यह आदेश वापस नहीं लिया गया तो पहले से डाबर के जो प्रोडक्ट बाजार में मौजूद हैं उन्हें वापस बुलाना पड़ सकता है।

आपको बता दें कि इसके पहले डाबर की तरफ से एफएसएसएआई के आरोप के बाद बयान जारी किया गया था कि उन्होंने अपने प्रोडक्ट की लेबलिंग को बदलना शुरू कर दिया है। इस बयान के बाद कंपनी ने दिल्ली हाईकोर्ट में एफएसएसएआई के आदेश पर रोक लगाने के लिए याचिका दायर की थी।

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