प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी न सिर्फ राजनीतिक तौर पर चर्चा में रहते हैं, बल्कि फ़िटनेस को लेकर भी सुर्खियों में रहते हैं. एक प्रधानमंत्री के तौर पर इतने दवाब के बावजूद उनकी अनुशासित जीवनशैली और सेहत का राज हर कोई जानना चाहता है. पिछले कुछ सालों में, पीएम मोदी ने हमेशा स्वस्थ जीवनशैली की वकालत की है और अपने भाषणों में योग, शरीर में पानी की सही मात्रा बनाए रखने और संतुलित खान-पान पर जोर दिया है. इस साल स्वतंत्रता दिवस पर अपने भाषण में, उन्होंने भारत में तेजी से बढ़ते मोटापे पर चिंता जताई और लोगों से अपनी सेहत का बेहतर ध्यान रखने की अपील की. जो बात उनके फिटनेस रूटीन को सबसे अलग बनाती है, वह है सादगी और अनुशासित दिनचर्या.
सूरज उगने से पहले होती है अनुशासन की शुरुआत
कई रिपोर्ट्स के अनुसार, पीएम मोदी अपने दिन की शुरुआत सुबह 4 बजे ही कर देते हैं. उनकी सुबह आमतौर पर शारीरिक और मानसिक सेहत के लिए समर्पित होती है, जिसमें टहलना, योग (खासकर सूर्य नमस्कार) और ध्यान शामिल हैं. माना जाता है कि ये आदतें उन्हें बहुत व्यस्त शेड्यूल के बावजूद शारीरिक रूप से सक्रिय रहने और साथ ही ध्यान केंद्रित रखने और शांत रहने में मदद करती हैं. योग लंबे समय से उनकी सेहत से जुड़ी सोच का एक अहम हिस्सा रहा है और उन्होंने कई बार दुनिया भर के मंचों पर इसके फायदों के बारे में भी बताया है.
एक सादा, सात्विक आहार
खबरों के अनुसार, पीएम मोदी मुख्य रूप से शाकाहारी और सात्विक आहार लेते हैं, जिसमें हल्का, पौष्टिक और आसानी से पचने वाला भोजन शामिल होता है. उनका नाश्ता अक्सर सादा और पारंपरिक होता है, जिसमें उपमा, खिचड़ी, खाखरा, उबली या भुनी हुई चीजें और कढ़ी जैसी चीजें शामिल होती हैं। वे अपनी सुबह की शुरुआत अदरक वाली चाय के एक कप से भी करते हैं. उनके खान-पान की आदतों में सबसे ज्यादा चर्चा जिस बात की होती है, वह है उनका जल्दी खाना खा लेने का नियम. खबरों के मुताबिक, वे शाम 6 बजे के बाद कुछ भी खाने से बचते हैं. यह आदत बेहतर पाचन और अच्छी नींद से जुड़ी मानी जाती है.
उपवास रखने की नियमित आदत
पिछले साल लेक्स फ्रिडमैन के साथ एक पॉडकास्ट बातचीत में, पीएम मोदी ने उपवास को 70 के दशक की उम्र में भी अपनी अच्छी सेहत का एक मुख्य कारण बताया था. प्रधानमंत्री के अनुसार, उपवास का मतलब सिर्फ खाना न खाना नहीं है। वे इसे एक ऐसी प्रक्रिया मानते हैं जो इंद्रियों को तेज करती है, आत्म-अनुशासन को बेहतर बनाती है, मानसिक स्पष्टता बढ़ाती है और जागरूकता को बढ़ावा देती है. उन्होंने बताया कि वे पिछले पांच दशकों से ज़्यादा समय से नियमित रूप से उपवास कर रहे हैं.
कई हिंदू परंपराओं में माने जाने वाले चार महीने के मॉनसून काल, यानी ‘चातुर्मास’ के दौरान, पीएम मोदी कथित तौर पर हर 24 घंटे में सिर्फ एक बार भोजन करते हैं. वे साल में दो बार नवरात्रि के दौरान भी कड़ा उपवास रखते हैं। नवरात्रि के एक उपवास के दौरान वे केवल गर्म पानी पीते हैं, जबकि दूसरे उपवास में वे पूरे नौ दिनों तक हर दिन सिर्फ़ एक तरह का फल खाते हैं.
नींद, आराम और रूटीन
इतने व्यस्त शेड्यूल के बावजूद, PM मोदी एक सख्त रूटीन बनाए रखने के लिए जाने जाते हैं. रिपोर्ट्स के मुताबिक, वे रात में लगभग 3.5 घंटे की नींद लेते हैं. माना जाता है कि जल्दी रात का खाना खाने और रोज़ाना एक तय शेड्यूल का पालन करने से उनकी बॉडी क्लॉक को ठीक रखने और पाचन स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में मदद मिलती है. हालांकि नींद की ज़रूरतें हर व्यक्ति के लिए अलग-अलग होती हैं, लेकिन सोने के समय में एकरूपता को सेहत के लिए फायदेमंद माना जाता है.

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