केंद्र सरकार ने देश के नेशनल हाईवे और एक्सप्रेसवे पर सफर करने वाले वाहन चालकों के लिए राहत भरा फैसला लिया है। सरकार द्वारा जारी नई SOP यानि की स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रॉसीजर के मुताबिक अब वाहन चालकों को हर 60 किमी के दायरे में बार- बार टोल नहीं देना होगा। यानि की अब देश में बनने वाले नए हाईवे पर हर 60 किमी से पहले कोई भी टोल प्लाजा नहीं बनाया जाएगा। इससे वाहन चालकों को बड़ी राहत मिलेगी। इस संबंध में सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने इस संबंध में सख्त निर्देश जारी किए हैं।
60 किमी से कम दूरी पर टोल के लिए लेनी होगी विशेष मंजूरी
सरकार द्वारा जारी नई गाइडलाइंस के अनुसार अगर कोई कंपनी या फिर ठेकेदार किसी विशेष परिस्थिति में 60 किलोमीटर से कम की दूरी पर या किसी शहर की सीमा से 10 किलोमीटर के दायरे में टोल प्लाजा बनाना चाहता है, तो उसे सड़क के निर्माण से पहले उसे टोल कमेटी से स्पेशल लिखित में परमिशन लेनी होगी।
क्यों पड़ी इस नए नियम की जरूरत?
वर्तमान में देश में तकरीबन 130 ऐसे स्थान हैं, जहां पर वाहन चालकों को 60 किमी की दूरी में 2 बार टोल चुकाना पड़ता है। इतना ही नहीं 22 टोल प्लाजा ऐसे भी हैं, जहां 30 किमी की दूरी पर टोल चुकाना पड़ता है। इसे ठीक करने के लिए सरकार ने यह कदम उठाया है।
NHAI के नेतृत्व में ‘टोल कमेटी’ का गठन किया
इस नई नीति को सख्ती से लागू करने के लिए केंद्र सरकार ने एक हाई-लेवल कमेटी बनाई है। इस कमेटी की अध्यक्षता NHAI के सदस्य करेंगे।
दिल्ली-NCR में नियम तोड़ने पर अब मिलेगा ‘ई-नोटिस’
दिल्ली- NCR में अब नियम तोड़ने पर ई- नोटिस जारी होगा। अगर टोल प्लाजा पर नियमों की उल्लंघना होती है तो इस पर दिल्ली नगर निगम सख्त रुख अपनाएगी। इसके लिए MCD अधिनियम में संशोधन के प्रस्ताव को सदन से मंजूरी मिल चुकी है। अब इसे अंतिम मंजूरी के लिए दिल्ली सरकार के पास भेजा गया है, जिसके बाद इसकी आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी जाएगी।

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