August 11, 2026

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परेशान करती है बार-बार हिचकी आना, जानें राहत पाने के आसान घरेलू उपाय

Udaan Desk. हिचकी एक आम समस्या है, जिसका अनुभव लगभग हर व्यक्ति को कभी न कभी होता है। यह अक्सर खाना खाते समय, जल्दी-जल्दी खाने या अचानक भावनात्मक बदलाव जैसे हंसने या रोने के दौरान शुरू हो सकती है। ज्यादातर मामलों में हिचकी कुछ ही मिनटों में अपने आप ठीक हो जाती है, लेकिन कभी-कभी यह लंबे समय तक बनी रहकर परेशानी का कारण बन सकती है।

मेडिकल विशेषज्ञों के अनुसार, हिचकी का संबंध शरीर की एक महत्वपूर्ण मांसपेशी डायफ्राम से होता है। डायफ्राम फेफड़ों के नीचे मौजूद एक मांसपेशी है, जो सांस लेने की प्रक्रिया में मदद करती है। जब यह मांसपेशी अचानक सिकुड़ जाती है, तो स्वर तंत्र के पास मौजूद रास्ता तुरंत बंद हो जाता है। इसी वजह से “हिक” जैसी आवाज निकलती है, जिसे हम हिचकी कहते हैं। इसे रोकने के कई आसान घरेलू उपाय हैं।

  1. विशेषज्ञ बताते हैं कि ठंडा पानी धीरे-धीरे पीना हिचकी रोकने का सबसे सरल तरीका है। जब ठंडा पानी गले से होकर नीचे जाता है, तो यह वहां मौजूद नसों को संकेत देता है। इससे दिमाग को नया संदेश मिलता है और हिचकी पैदा करने वाला अनियंत्रित चक्र टूट जाता है। खास बात यह है कि पानी को एक बार में गटकने की बजाय छोटे-छोटे घूंट में पीना अधिक लाभदायक माना जाता है। इससे गले और डायफ्राम के बीच तालमेल दोबारा सामान्य होने में मदद मिलती है।
  2. इसके अलावा, कुछ सेकंड के लिए सांस रोकना भी काफी आसान तरीका है। वैज्ञानिकों के अनुसार, जब व्यक्ति गहरी सांस लेकर थोड़ी देर तक उसे रोकता है, तो शरीर में कार्बन डाइऑक्साइड की मात्रा थोड़ी बढ़ जाती है। यह बदलाव दिमाग को डायफ्राम की गतिविधि को नियंत्रित करने का संकेत देता है, जिससे हिचकी रुक सकती है। शहद का सेवन भी कुछ लोगों के लिए राहत देने वाला उपाय है।
  3. शहद गले की अंदरूनी सतह पर एक परत बना देता है। इससे गले की नसों को आराम मिलता है और हिचकी पैदा करने वाले संकेत कम होते हैं। इसके अलावा, शहद में ऐसे प्राकृतिक तत्व पाए जाते हैं जो गले को शांत रखने में मदद करते हैं।
  4. वहीं मुंह में थोड़ी मात्रा में चीनी रखने से हिचकी रुक सकती है। इसके पीछे वजह यह मानी जाती है कि चीनी के छोटे-छोटे दाने मुंह और गले की नसों को एक नया संवेदनात्मक संकेत देते हैं। जब दिमाग का ध्यान इस नए संकेत की ओर जाता है, तो हिचकी पैदा करने वाला रिफ्लेक्स कमजोर पड़ जाता है। हालांकि डायबिटीज के मरीजों को यह उपाय अपनाने से पहले सावधानी बरतनी चाहिए।

 

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