इस साल 3 जुलाई से शुरू हुई वार्षिक अमरनाथ यात्रा में तीर्थयात्रियों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। यात्रा पर जाने वाले बाबा बर्फानी के भक्तों का उत्साह चरम पर नजर आ रहा है। जम्मू के भगवती नगर यात्री निवास से रविवार को 9,153 श्रद्धालुओं का 11वां जत्था पवित्र अमरनाथ गुफा के लिए रवाना हुआ। जम्मू से बालटाल और नुनवान-पहलगाम को भेजे गए दोनों जत्थे में 6522 पुरुष, 2,233 महिलाएं, 18 बच्चे, 267 साधु,112 साध्वी और एक साधु बालक शामिल हैं, जो पूरे जोश और भक्ति भाव के साथ यात्रा पर निकले हैं। सुरक्षा के पुख्ता इंतजामों के बीच भक्तों को कुल 359 वाहनों के काफिले में रवाना किया गया।
पहला काफिला तड़के करीब 2.44 बजे बालटाल मार्ग के लिए रवाना हुआ जिसमें 2250 पुरुष, 1051 महिलाएं, 14 बच्चे, 92 साधु, 21 साध्वी व एक साधु बालक सहित कुल 3,429 श्रद्धालु शामिल थे। इसके बाद दूसरा काफिला सुबह लगभग 3.35 बजे पहलगाम के नूनवान बेस कैंप के लिए निकला जिसमें 4272 पुरुष, 1182 महिलाए, 4 बच्चे, 175 साधु और 91 साध्वियां सहित 5,724 श्रद्धालु शामिल थे। पूरे रास्ते में सी.आर.पी.एफ. और जम्मू-कश्मीर पुलिस की बहुस्तरीय (मल्टी-लेयर) सुरक्षा व्यवस्था की गई है, ताकि श्रद्धालुओं को किसी तरह की असुविधा न हो।
अब तक 2.30 लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं ने टेका माथा
जम्मू से 2 जुलाई को शुरू हुई यात्रा में अब तक 79,947 तीर्थयात्री बाबा बर्फानी की पवित्र गुफा के दर्शन हेतु दक्षिण कश्मीर के बालटाल और पहलगाम बेस कैम्पों को रवाना हो चुके हैं, जबकि बालटाल व पहलगाम से 3 जुलाई से शुरू हुई यात्रा में अब तक 2.30 लाख से ज्यादा श्रद्धालु माथा टेक चुके हैं। इस वार्षिक अमरनाथ यात्रा में भक्तों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। 57 दिनों तक चलने वाली यह अमरनाथ यात्रा रक्षाबंधन के पावन पर्व के दिन यानी 28 अगस्त को समाप्त होगी।
भक्तों की बढ़ती संख्या और उनके उत्साह को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है और यात्रा मार्ग पर हर संभव सुविधा उपलब्ध कराने की कोशिश की जा रही है। यात्रा के दौरान चौबीसों घंटे निगरानी की व्यवस्था की गई है। आधुनिक सुरक्षा उपकरणों और प्रशिक्षित जवानों की मदद से पूरे यात्रा मार्ग पर लगातार नजर रखी जा रही है, साथ ही सुरक्षाबलों अन्य सुरक्षा एजैंसियों, स्थानीय पुलिस और प्रशासन के साथ लगातार समन्वय बनाए हुए है। विभिन्न एजैंसियों के बीच सूचनाओं का आदान-प्रदान और संयुक्त रणनीति के जरिए किसी भी आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने की तैयारी की गई है।

Related Posts
राम मंदिर चढ़ावा केस में अब मनी ट्रेल खंगालेगी पुलिस, 50 खाते रडार पर
कोरोना की फिर दस्तक! 3 राज्यों में 10 एक्टिव केस, 2 की मौत, रहें सर्तक
अमेरिका-ईरान तनाव से कच्चे तेल की कीमतों में बड़ा उछाल; भारत पर कितना पड़ेगा असर?