July 26, 2026

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Nippon India पर निवेशकों का भरोसा : 4 करोड़ फोलियो पार करने वाली देश की पहली AMC बनी

Udaan Desk. निप्पॉन इंडिया म्युचुअल फंड (Nippon India MF) देश की पहली एसेट मैनेजमेंट कंपनी (AMC) बन गई है, जिसने 4 करोड़ फोलियो का ऐतिहासिक आंकड़ा पार कर लिया है। एसोसिएशन ऑफ म्युचुअल फंड्स इन इंडिया (AMFI) के आंकड़ों के मुताबिक, जून के अंत तक म्युचुअल फंड उद्योग में कुल 27.86 करोड़ फोलियो थे, जिनमें निप्पॉन इंडिया म्युचुअल फंड की हिस्सेदारी 14.4 फीसदी यानी 4.02 करोड़ फोलियो रही।

फंड हाउस ने यह भी बताया कि उसके पास उद्योग का सबसे बड़ा 2.41 करोड़ यूनिक निवेशकों का आधार है, जो म्युचुअल फंड उद्योग के कुल 6.19 करोड़ यूनिक निवेशकों का 39 फीसदी है।

निप्पॉन पर 4 करोड़ निवेशकों का भरोसा
निप्पॉन लाइफ इंडिया एसेट मैनेजमेंट के एमडी और सीईओ संदीप सिक्का ने कहा, “4 करोड़ निवेशकों का भरोसा और भारत के खास इन्वेस्टर बेस में 39 फीसदी हिस्सेदारी मिलना हमारे लिए गर्व की बात है। यह उपलब्धि उस वेल्थ क्रिएशन (संपत्ति निर्माण) यात्रा को दिखाती है जिसे हमने लाखों रिटेल निवेशकों के लिए मुमकिन बनाया है।”

उन्होंने कहा कि कंपनी लगातार घरेलू बचत को भारत के पूंजी बाजारों तक पहुंचाने का काम कर रही है। साथ ही, वह जापानी निवेशकों को भी भारत की विकास यात्रा में भागीदारी का अवसर उपलब्ध करा रही है।

टॉप-10 AMC की लिस्ट
अन्य प्रमुख फंड हाउस में, ICICI प्रूडेंशियल म्युचुअल फंड 3.18 करोड़ फोलियो के साथ दूसरे स्थान पर रहा। इसके बाद HDFC म्युचुअल फंड के 3.11 करोड़, SBI म्युचुअल फंड के 2.24 करोड़ और UTI म्युचुअल फंड के पास 1.42 करोड़ फोलियो थे।

फोलियो संख्या के आधार पर टॉप-10 एसेट मैनेजमेंट कंपनियों (AMC) में शामिल अन्य फंड हाउसों में एक्सिस म्युचुअल फंड (1.35 करोड़ फोलियो), टाटा म्युचुअल फंड (1.28 करोड़), कोटक महिंद्रा म्युचुअल फंड (1.19 करोड़), आदित्य बिड़ला सन लाइफ म्युचुअल फंड (1.11 करोड़) और डीएसपी म्युचुअल फंड (1.03 करोड़) शामिल रहे।

टॉप-10 AMC के पास 72% फोलियो
कुल मिलाकर, टॉप 10 AMC के पास 19.94 करोड़ फोलियो थे, जो इंडस्ट्री के कुल फोलियो का 71.6 फीसदी है, जबकि बाकी फंड हाउस के पास 7.92 करोड़ फोलियो थे, जो 28.4 फीसदी के बराबर है।

जून के आखिर तक इस इंडस्ट्री में 6.19 करोड़ यूनिक इन्वेस्टर्स थे, जिससे पता चलता है कि एक औसत इन्वेस्टर के पास अलग-अलग स्कीम और फंड हाउस में कई म्युचुअल फंड अकाउंट होते हैं।

फोलियो की संख्या और यूनिक इन्वेस्टर्स के बीच का अंतर रिटेल इन्वेस्टर्स के बीच पोर्टफोलियो डाइवर्सिफिकेशन (अलग-अलग तरह के निवेश) के बढ़ने को दिखाता है।

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