Udaan Desk. इंट्राडे ट्रेडिंग में बाजार तेजी से बदलता है. ऐसे में हर मौके पर ट्रेड करना जरूरी नहीं है. एक अनुशासित ट्रेडर यह समझता है कि सही समय पर ट्रेड करना जितना महत्वपूर्ण है, गलत समय पर ट्रेड से बचना भी उतना ही जरूरी है.
ट्रेडिंग में अनुशासन अतिरिक्त खूबी
स्टॉक मार्केट में ट्रेडिंग करने वाले ज्यादातर लोग मुनाफा कमाने की रणनीति पर तो काफी ध्यान देते हैं, लेकिन ट्रेडिंग में अनुशासन कितना महत्वपूर्ण है, इसे अक्सर नजरअंदाज कर देते हैं. अच्छी रणनीति होने के बावजूद अगर ट्रेडर अपने नियमों का पालन नहीं करता, तो कुछ गलत ट्रेड कई अच्छे ट्रेडों का मुनाफा खत्म कर सकते हैं. इंट्राडे ट्रेडिंग में बाजार तेजी से बदलता है. ऐसे में हर मौके पर ट्रेड करना जरूरी नहीं है. एक अनुशासित ट्रेडर यह समझता है कि सही समय पर ट्रेड करना जितना महत्वपूर्ण है, गलत समय पर ट्रेड से बचना भी उतना ही जरूरी है.
हर दिन ट्रेड करना जरूरी नहीं
ट्रेडिंग को रोज की कमाई का जरिया समझना कई बार नुकसानदेह हो सकता है. बाजार में हर दिन आपकी रणनीति के मुताबिक सेटअप मिले, यह जरूरी नहीं है.
अगर बाजार में स्पष्ट सेटअप नहीं बन रहा है तो ट्रेड से दूर रहना भी एक फैसला है. केवल इसलिए ट्रेड लेना कि आज कुछ कमाना ही है, ओवरट्रेडिंग की शुरुआत कर सकता है. इसलिए यह समझना जरूरी है कि नो ट्रेड भी एक वैध ट्रेडिंग निर्णय है.
पहले से तय करें कि कितना जोखिम लेना है
किसी भी ट्रेड में प्रवेश करने से पहले यह तय होना चाहिए कि अगर अनुमान गलत साबित हुआ तो कितना नुकसान स्वीकार किया जा सकता है. ट्रेड लेने से पहले जोखिम की सीमा तय होने से भावनात्मक फैसलों से बचने में मदद मिल सकती है.
स्टॉप लॉस सिर्फ चार्ट पर लगाया गया एक स्तर नहीं है, बल्कि यह आपके जोखिम प्रबंधन का हिस्सा है. लगातार नुकसान होने के बाद ट्रेड का आकार बढ़ाकर नुकसान की भरपाई करने की कोशिश स्थिति को और खराब कर सकती है. एक अनुशासित ट्रेडर का उद्देश्य हर ट्रेड जीतना नहीं होता. उसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना होता है कि कुछ गलत ट्रेड उसके पूरे ट्रेडिंग कैपिटल को नुकसान न पहुंचा दें.
नुकसान के बाद तुरंत बदला लेने की कोशिश न करें
लगातार दो-तीन ट्रेड में नुकसान होने के बाद कई ट्रेडर्स भावनात्मक हो जाते हैं. उन्हें लगता है कि अगला ट्रेड बड़ा होना चाहिए ताकि पिछला नुकसान जल्दी वापस आ सके. यहीं से रिवेंज ट्रेडिंग शुरू होती है.
ऐसे समय में ट्रेडर अक्सर अपने सामान्य नियमों को छोड़ देता है, बड़ा पोजीशन साइज लेता है या कमजोर सेटअप में भी प्रवेश कर जाता है. परिणामस्वरूप छोटा नुकसान बड़ा नुकसान बन सकता है. इसलिए पहले से एक दैनिक नुकसान सीमा तय करना उपयोगी हो सकता है. सीमा पूरी होने के बाद उस दिन ट्रेडिंग बंद कर देना अनुशासन का हिस्सा है.
प्रॉफिट में भी अनुशासन जरूरी है
अनुशासन का मतलब केवल नुकसान रोकना नहीं है. लगातार कुछ अच्छे ट्रेड मिलने के बाद अति-आत्मविश्वास भी ट्रेडर के लिए जोखिम पैदा कर सकता है. मसलन, अगर किसी ट्रेडर ने एक दिन अच्छा मुनाफा कमाया है तो इसका मतलब यह नहीं कि अगले ट्रेड में वह पहले से ज्यादा जोखिम ले सकता है. एक अच्छा ट्रेडर अपने नियमों को जीत और हार, दोनों परिस्थितियों में समान रखता है.
अपनी रणनीति को बार-बार बदलने से बचें
किसी रणनीति के कुछ ट्रेड असफल होने का मतलब यह नहीं कि वह रणनीति तुरंत खराब हो गई. ट्रेडिंग में किसी भी रणनीति के प्रदर्शन को समझने के लिए पर्याप्त संख्या में ट्रेड और उनका डेटा देखना जरूरी होता है.
कई ट्रेडर्स कुछ नुकसान के बाद अपनी रणनीति बदल देते हैं और फिर नई रणनीति में कुछ नुकसान होने पर दूसरी रणनीति तलाशने लगते हैं. इससे किसी भी सिस्टम का पर्याप्त डेटा इकट्ठा नहीं हो पाता. रणनीति का मूल्यांकन कुछ ट्रेडों के आधार पर नहीं, बल्कि पर्याप्त संख्या में लिए गए ट्रेडों के डेटा और लंबे समय के प्रदर्शन के आधार पर करना ज्यादा उपयोगी है.
ट्रेडिंग जर्नल को गंभीरता से लें
अनुशासन सुधारने का सबसे अच्छा तरीका अपने ट्रेड का रिकॉर्ड रखना हो सकता है. ट्रेडिंग जर्नल से ट्रेडर को अपनी गलतियों और फैसलों के पैटर्न को समझने में मदद मिल सकती है.
जर्नल में सिर्फ एंट्री, एग्जिट और मुनाफा-नुकसान लिखना पर्याप्त नहीं है. ट्रेडर यह भी लिख सकता है कि उसने ट्रेड क्यों लिया, सेटअप उसके नियमों के मुताबिक था या नहीं, ट्रेड के दौरान उसकी सोच क्या थी और क्या उसने किसी नियम का उल्लंघन किया. कुछ समय बाद यही रिकॉर्ड यह समझने में मदद कर सकता है कि नुकसान बाजार की वजह से हुआ या ट्रेडर की अपनी गलती से.
ट्रेडिंग में अनुशासन का मतलब यह नहीं है कि ट्रेडर कभी गलती नहीं करेगा. गलती होना स्वाभाविक है. असली अनुशासन यह है कि एक गलती के बाद ट्रेडर अपने नियमों से और दूर जाने के बजाय वापस अपनी प्रक्रिया पर लौटे. बाजार में किसी भी ट्रेडर के पास हर अगले ट्रेड का परिणाम निश्चित रूप से जानने का तरीका नहीं है. इसलिए ध्यान हर ट्रेड के नतीजे पर नहीं, बल्कि जोखिम, प्रक्रिया और निर्णय लेने की गुणवत्ता पर होना चाहिए.
ट्रेडिंग में लंबे समय तक टिके रहने के लिए जरूरी नहीं कि हर दिन बड़ा मुनाफा हो. जरूरी यह है कि खराब दिनों में नुकसान सीमित रहे और अच्छे दिनों में ट्रेडर अपने सिस्टम पर कायम रहे. ट्रेडिंग में अनुशासन कोई अतिरिक्त खूबी नहीं, बल्कि जोखिम को नियंत्रित करने की बुनियादी जरूरत है.

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