September 4, 2026

Udaan Publicity

The Voice of Democracy

हज आवेदकों को राहत, दो वेटिंग लिस्ट क्लियर, 627 को मिला मौका

नई हज पॉलिसी में वेटिंग लिस्ट के 20 फीसदी आवेदकों को प्राथमिकता, शॉर्ट हज पैकेज जारी

भोपाल। हज पर जाने की उम्मीद लगाए बैठे मध्यप्रदेश के आवेदकों के लिए राहत की खबर है। हज-2027 की प्रक्रिया में प्रतीक्षा सूची से बड़ी संख्या में आवेदकों को मौका मिलने का रास्ता साफ हुआ है। हज कमेटी ऑफ इंडिया ने पहली वेटिंग लिस्ट के बाद अब दूसरी वेटिंग लिस्ट भी जारी कर दी है। मध्यप्रदेश के हज आवेदकों के बीच भी इसे लेकर उत्साह है। राज्य से जुड़े चयन आंकड़ों में 627 तक चयन क्रम दिखाई देता है, जबकि प्रतीक्षा सूची में भी बड़ी संख्या में आवेदक शामिल हैं। हज कमेटी की आधिकारिक वेबसाइट पर मध्यप्रदेश की चयनित और प्रतीक्षा सूची अलग-अलग उपलब्ध कराई गई है।

नई नीति ने बढ़ाई उम्मीद
इस बार हज प्रक्रिया की सबसे अहम बात यह है कि हज नीति-2027 में वर्ष 2026 की अंतिम वेटिंग लिस्ट के शीर्ष 20 प्रतिशत आवेदकों को प्राथमिकता देने का प्रावधान किया गया है। इसका मकसद लगातार बढ़ती प्रतीक्षा सूची के बीच उन आवेदकों को अतिरिक्त अवसर देना है, जो पिछले साल चयन से मामूली अंतर से रह गए थे। केंद्र सरकार ने इसे वेटिंग लिस्ट के बेहतर और अपेक्षाकृत न्यायसंगत प्रबंधन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है।

70:30 का कोटा, बढ़ाने की कोशिश
हज-2027 के लिए हज कमेटी ऑफ इंडिया और निजी हज ऑपरेटरों के बीच सीटों का अनुपात 70:30 रखने का प्रस्ताव है। मौजूदा व्यवस्था के अनुसार हज कमेटी के हिस्से में 1,22,518 सीटें, जबकि निजी क्षेत्र के लिए 52,507 सीटें प्रस्तावित हैं। पिछले वर्ष भारत का कुल हज कोटा 1,75,025 था। केंद्र सरकार ने भारतीय जायरीनों के लिए सऊदी अरब से अतिरिक्त कोटा हासिल करने के प्रयास जारी रखने की बात कही है।

हर 135 जायरीन पर एक हज इंस्पेक्टर
नई नीति में जमीनी स्तर पर हज यात्रियों को बेहतर सहायता देने के लिए स्टेट हज इंस्पेक्टर की व्यवस्था भी मजबूत की गई है। अब हर 135 हज यात्रियों पर एक स्टेट हज इंस्पेक्टर होगा। पहले यह अनुपात 150 यात्रियों पर एक निरीक्षक का था। इससे सऊदी अरब में हज यात्रियों की स्थानीय समस्याओं, मार्गदर्शन और आवश्यक सहायता को अधिक प्रभावी तरीके से उपलब्ध कराने का प्रयास किया गया है।

शॉर्ट हज पैकेज को मिली निरंतरता
हज-2026 में शुरू किए गए 20 दिन के लघु हज पैकेज को हज-2027 में भी जारी रखने का फैसला किया गया है। कम अवधि में हज की इबादत पूरी कर वापस लौटने के इच्छुक जायरीनों के लिए यह विकल्प खासा उपयोगी माना जा रहा है। इसके अलावा मीना में सोफा-कम-बेड, मक्का में होटल शैली के आवास और मक्का-मदीना के बीच हाई-स्पीड ट्रेन जैसी यात्री-केंद्रित व्यवस्थाओं को भी आगे बढ़ाया जा रहा है।

कोलकाता नया एम्बार्केशन प्वाइंट
हज-2027 की व्यवस्था में कोलकाता को अतिरिक्त एम्बार्केशन प्वाइंट के रूप में शामिल किया गया है। पूर्वी भारत से बढ़ती मांग को देखते हुए यह फैसला किया गया है। हज कमेटी की मौजूदा प्रक्रिया में विभिन्न राज्यों के जायरीन को निर्धारित एम्बार्केशन प्वाइंट से सऊदी अरब रवाना किया जाता है।

मेडिकल जांच होगी ज्यादा सख्त
नई हज नीति में स्वास्थ्य और सुरक्षा को भी खास महत्व दिया गया है। मेडिकल स्क्रीनिंग को सऊदी अरब के स्वास्थ्य संबंधी दिशा-निर्देशों के अनुरूप और सख्त किया गया है। गंभीर अथवा कुछ पुरानी बीमारियों से जूझ रहे आवेदकों को हज यात्रा की अनुमति नहीं दिए जाने का प्रावधान रखा गया है। उद्देश्य यह है कि यात्रा के दौरान जायरीनों की सेहत से जुड़ी गंभीर परिस्थितियों को न्यूनतम किया जा सके।

अब एआई बताएगा हज की राह
हज-2027 की नीति में तकनीक का इस्तेमाल भी बड़े स्तर पर बढ़ाया गया है। आवेदन और दस्तावेजों के सत्यापन, उड़ानों की मांग के आकलन तथा शिकायतों की रियल टाइम निगरानी जैसे कामों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित व्यवस्थाएं लागू करने की योजना है।

इसके अलावा हिंदी, उर्दू और प्रमुख क्षेत्रीय भाषाओं में संवाद करने वाला एआई असिस्टेंट विकसित किया जा रहा है। यह यात्रियों को आवेदन, भुगतान, उड़ान, आवास, सामान, शिकायत और आपातकालीन सहायता से जुड़ी जानकारी उपलब्ध कराने में मदद करेगा। इससे विशेष रूप से पहली बार हज पर जाने वाले और बुजुर्ग यात्रियों को सुविधा मिलने की उम्मीद है। सऊदी अरब के नुसुक प्लेटफॉर्म के साथ भी भारतीय व्यवस्था को जोड़ने की योजना है।

हज प्रक्रिया हुई और डिजिटल
हज-2027 के आवेदन हज कमेटी ऑफ इंडिया के पोर्टल और हज सुविधा ऐप के माध्यम से ऑनलाइन लिए गए हैं। हज कमेटी ने आवेदन, चयन, प्रतीक्षा सूची और आगे की प्रक्रिया को डिजिटल माध्यम से संचालित करने पर जोर दिया है। आधिकारिक वेबसाइट पर चयनित और वेटिंग लिस्ट के आवेदकों की जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है।

मध्यप्रदेश के आवेदकों में बढ़ी उम्मीद
दो वेटिंग लिस्ट जारी होने और नई नीति में पुराने वेटिंग आवेदकों के शीर्ष 20 प्रतिशत को प्राथमिकता दिए जाने से मध्यप्रदेश के उन आवेदकों में उम्मीद जगी है, जो चयन से वंचित रह गए थे। अब सीटों के रिक्त होने और निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार आगे चयन होने पर प्रतीक्षा सूची के आवेदकों को भी हज का अवसर मिल सकता है।

Spread the love