पन्ना
“नीम हकीम खतरा-ए-जान” कहावत पन्ना जिले में उस समय सच साबित हो गई, जब जोड़ों और कमर दर्द से राहत पाने के लिए अपनाया गया देसी नुस्खा एक परिवार पर भारी पड़ गया।
पन्ना निवासी 45 वर्षीय सावित्री बाई को किसी परिचित ने धतूरा और एक स्थानीय जड़ी-बूटी का काढ़ा पीने की सलाह दी। बिना चिकित्सकीय परामर्श के उन्होंने घर पर काढ़ा तैयार कर लिया।
तेज चक्कर, उल्टियां और शरीर सुन्न
दोपहर में सावित्री बाई ने स्वयं काढ़ा पिया और अपने बेटे शिवम आदिवासी (22 वर्ष) व बेटी रेखा आदिवासी (24 वर्ष) को भी पिला दिया। कुछ ही देर में तीनों को तेज चक्कर, उल्टियां और शरीर सुन्न होने की शिकायत शुरू हो गई।
जड़ी-बूटियों के सेवन से बचने की अपील
हालत बिगड़ने पर परिजन उन्हें तुरंत जिला अस्पताल पन्ना लेकर पहुंचे। चिकित्सकों ने इसे भोजन विषाक्तता का मामला मानते हुए तत्काल उपचार शुरू किया। समय पर इलाज मिलने से बड़ा हादसा टल गया। चिकित्सकों ने बिना सलाह जहरीली जड़ी-बूटियों के सेवन से बचने की अपील की है।

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