भारतीय कॉर्पोरेट जगत की कहानियों में उतार-चढ़ाव आम हैं, लेकिन कुछ कंपनियां ऐसा कमबैक करती हैं कि दुनिया देखती रह जाती है। जानिए, एक ऐसी ही कंपनी इंडियाबुल्स लिमिटेड (Indiabulls) की शानदार वापसी की कहानी, जिसने संघर्ष से कामयाबी की मिसाल कायम की…
बाजार में छाई ‘इंडियाबुल्स’ की गूंज
इसी साल 25 फरवरी, 2026 को कंपनी का शेयर अपने 52-सप्ताह के निचले स्तर यानी 8.93 रुपये पर था। लेकिन, चंद महीनों में ही इसकी तस्वीर बदल गई। 10 जून, 2026 तक आते-आते यही शेयर 25.50 रुपये के स्तर को छू गया। यानी सिर्फ कुछ महीनों में कंपनी के शेयर ने 185% का शानदार रिटर्न दिया। सिर्फ इतना ही नहीं, पिछले तीन महीनों में इस स्टॉक ने 145% की छलांग लगाई है और केवल पिछले एक महीने में ही ये 25% चढ़ गया है। कुछ महीनों में आई इस तेजी के बीच निवेशकों के मन में सिर्फ एक ही सवाल है कि आखिर ऐसा क्या हुआ कि इंडियाबुल्स का भाग्य बदल गया?
कैसे मिली इंडियाबुल्स को ये कामयाबी?
इंडियाबुल्स की इस कामयाबी के पीछे सबसे बड़ा मास्टरस्ट्रोक कॉर्पोरेट रिस्ट्रक्चरिंग है। अगस्त 2025 में नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) की मंजूरी के बाद एक बहुत बड़ा बदलाव आया, जिसमें यारी डिजिटल इंटीग्रेटेड सर्विसेज, धन सर्विसेज और इंडियाबुल्स एंटरप्राइजेज को एक ही लिस्टेड कंपनी के रूप में मिला दिया गया। इसी के जरिए समीर गहलोत की कंपनी में एक प्रमुख प्रमोटर के तौर पर वापसी हुई। निवेश जगत में प्रमोटरों का हिस्सा बढ़ना हमेशा कंपनी के भविष्य में उनके गहरे भरोसे का संकेत माना जाता है।
समीर गहलोत ने बदली कंपनी की तस्वीर
समीर गहलोत का इंडियाबुल्स की इस कायापलट में योगदान बेहद खास रहा है। उन्होंने सबसे पहले कंपनी की वर्षों से चली आ रही उलझी हुई कॉर्पोरेट संरचना को खत्म करके एक नई कंपनी इंडियाबुल्स लिमिटेड बनाया। उन्होंने आसान और साफ रणनीति अपनाई। प्रमोटर ने अपनी हिस्सेदारी बढ़ाकर निवेशकों को भरोसा दिलाया कि वे कंपनी के भविष्य के लिए पूरी तरह गंभीर हैं। गहलोत ने कंपनी का ध्यान रियल एस्टेट और वित्तीय सेवाओं जैसे तेजी से बढ़ते क्षेत्रों पर लगाया। साथ ही पूंजी जुटाने के नए तरीके और कामकाज में सुधार ने कंपनी को घाटे से निकालकर मुनाफे की राह पर ला खड़ा किया। उनके सटीक और सफल नेतृत्व के दम पर कंपनी आज मुनाफा कमा रही है।
मुनाफे में आई कंपनी
इस फैसले के बाद सिर्फ कंपनी का ढांचा ही नहीं बदला, उसकी तिजोरी भी अब भरने लगी है। वित्तीय वर्ष 2026 के आंकड़ों पर नजर डालें तो कंपनी ने 880.78 करोड़ रुपये का राजस्व हासिल किया, जो पिछले साल के 539.95 करोड़ रुपये के मुकाबले 63% ज्यादा है। पिछले साल जिस कंपनी को 272.73 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था, इस बार उसने 346.13 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा कमाया है। मार्च तिमाही (Q4) में तो कंपनी ने रफ्तार और बढ़ा दी, जहां 194.26 करोड़ रुपये का लाभ दर्ज किया गया।

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