July 25, 2026

Udaan Publicity

The Voice of Democracy

अभिजीत दीपके के पिता बोले-‘धर्मेंद्र प्रधान को धन्यवाद देना चाहता हूं’…इस्तीफे की खबर सुनकर भावुक हुआ परिवार

उड़ान डेस्क। NEET 2026 पेपर लीक विवाद के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके के परिवार में भावुक माहौल देखने को मिला। लंबे समय से चल रहे छात्र आंदोलन के बाद आए इस फैसले पर अभिजीत के माता-पिता ने इसे छात्रों के संघर्ष की जीत बताया और कहा कि अब उन्हें राहत महसूस हो रही है।

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की खबर सामने आने के बाद अभिजीत के माता-पिता भावुक हो गए। परिवार का कहना है कि 6 जून के बाद पहली बार उन्हें मानसिक राहत मिली है। अभिजीत की मां अनीता दीपके ने कहा कि पिछले ढाई महीने से छात्र लगातार अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे थे और अब उनकी मेहनत रंग लाई है।

उन्होंने बताया कि आंदोलन के दौरान अभिजीत को कई मुश्किलों का सामना करना पड़ा। कई बार आलोचना हुई, लेकिन उसने धैर्य नहीं छोड़ा और छात्रों के मुद्दों पर डटा रहा। अनीता ने कहा कि इतनी कम उम्र में अपने बेटे को इतने बड़े आंदोलन का नेतृत्व करते देख उन्हें गर्व महसूस होता है।

राजनीति नहीं, समाज के लिए काम करना चाहता है बेटा

भगवान शंकर दीपके ने कहा कि उनके परिवार का राजनीति से कभी कोई संबंध नहीं रहा। उन्होंने बताया कि शुरुआत में उनका सपना था कि अभिजीत सिविल सेवा में जाए और UPSC परीक्षा पास करे, लेकिन बेटे ने अपनी अलग राह चुनी।

उन्होंने कहा कि अभिजीत ने उनसे साफ कहा था कि वह राजनीति में नहीं जाएगा, बल्कि समाज और युवाओं के मुद्दों पर काम करना चाहता है। आंदोलन के दौरान भी उसने अपने माता-पिता से दिल्ली नहीं आने को कहा ताकि वे किसी परेशानी में न पड़ें।

इंजीनियरिंग छोड़ पत्रकारिता को चुना

अभिजीत की पढ़ाई का जिक्र करते हुए उनके पिता ने बताया कि उसने पहले इंजीनियरिंग में दाखिला लिया था, लेकिन उसका मन उस क्षेत्र में नहीं लगा। बाद में उसने पत्रकारिता को अपना करियर चुना और पुणे के तिलक महाराष्ट्र विद्यापीठ से पत्रकारिता की पढ़ाई पूरी की।

इसके बाद उसने जनसंपर्क (पब्लिक रिलेशन्स) में उच्च शिक्षा हासिल करने का फैसला किया। परिवार ने शिक्षा ऋण लेकर उसे विदेश में पढ़ाई का मौका दिया, जहां उसने बोस्टन यूनिवर्सिटी के कॉलेज ऑफ कम्युनिकेशन से पोस्ट ग्रेजुएशन किया।

आंदोलन के बाद मिली राहत

परिवार का कहना है कि आंदोलन के दौरान वे लगातार बेटे की सुरक्षा को लेकर चिंतित थे। घर के बाहर पुलिस की मौजूदगी और लगातार चल रही गतिविधियों के बीच पूरा परिवार तनाव में था। अब धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद उन्हें उम्मीद है कि छात्र आंदोलन के प्रमुख मुद्दों पर आगे भी सकारात्मक समाधान निकलेगा।

Spread the love