June 25, 2026

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एअर इंडिया की ‘ईज़ी कनेक्ट’ फ़्लाइट सेवा वाराणसी एयरपोर्ट से हुई लांच

एअर इंडिया ने आज भारत सरकार के नए हब-एंड-स्पोक फ्रेमवर्क के तहत अपनी पहली ‘ईज़ी कनेक्ट’ फ़्लाइट के लॉन्च के साथ भारतीय विमानन उद्योग में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। इस बदलावकारी मॉडल का उद्देश्य भारत को दुनिया से और दुनिया को भारत से जोड़ना है। ईज़ी कनेक्ट सर्विस के तहत पहली फ़्लाइट एआई 1111 आज सुबह 9:23 बजे वाराणसी से रवाना हुई। इस फ़्लाइट में ऐसे इंटरनेशनल यात्री सवार थे जो दिल्ली से आगे भारत के बाहर 9 गंतव्यों – जैसे दुबई, कोलंबो, जेद्दा, रियाद, काठमांडू और फुकेत – के लिए कनेक्टिंग फ़्लाइट लेने वाले थे।

केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री, किंजरापु राम मोहन नायडू ने वाराणसी के लाल बहादुर शास्त्री इंटरनेशनल एयरपोर्ट से पहली ‘ईज़ी कनेक्ट’ फ़्लाइट का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने कहाः “आज हम हवाई यात्रा को और आसान बनाने तथा भविष्य के लिए तैयार, आत्मनिर्भर भारतीय एविएशन उद्योग बनाने के अपने विज़न को पूरा करने की दिशा में बड़ा कदम उठा रहे हैं, एक ऐसा उद्योग कुशल, समावेशी और विश्वस्तर पर प्रतिस्पर्धी हो।

एअर इंडिया के सीईओ और मैनेजिंग डायरेक्टर, कैंपबेल विल्सन ने कहा, “ग्लोबल एविएशन में भारत एक बड़ी ताकत है, फिर भी दशकों से विदेश जाने वाले ज़्यादातर भारतीय यात्रियों को आराम और सुविधा से समझौता कर विदेशी ट्रांज़िट पॉइंट्स का इस्तेमाल करना पड़ता है। इसी को ध्यान में रखते हुए एअर इंडिया की ‘ईज़ी कनेक्ट’ फ़्लाइट्स शुरू की गई हैं।”

अगले कुछ महीनों में, एअर इंडिया अहमदाबाद, अमृतसर, चेन्नई, गोवा, गुवाहाटी, हैदराबाद, कोच्चि, मुंबई, पटना, वडोदरा और विशाखापट्नम सहित कई अन्य भारतीय शहरों से भी ईज़ी कनेक्ट सर्विस शुरू करने की योजना बना रही है। इससे भारतीय यात्रियों के लिए दुनिया भर के गंतव्यों की यात्रा का तरीका पूरी तरह से बदल जाएगा।

हर साल लगभग 25 मिलियन यात्री भारत से लंबी दूरी की यात्रा करते हैं, जिनमें से लगभग 20 मिलियन कनेक्टिंग यात्री होते हैं और इनमें से तकरीबन 85 फीसदी (करीब 17 मिलियन) यात्रियों को भारतीय एयरपोर्ट्स के बजाय विदेशी हब से होकर गुज़रना पड़ता है।

ईज़ी कनेक्ट फ़्लाइट्स के बारे में जानें

1. एअर इंडिया की ईज़ी कनेक्ट सर्विस, छोटे स्पोक एयरपोर्ट्स से बड़े हब एयरपोर्ट्स तक की फ़्लाइट्स हैं। इन्हें इस तरह से प्लान किया गया है कि बड़े हब एयरपोर्ट्स से आगे इंटरनेशनल गंतव्य तक आसानी से पहुँचा जा सके। यानि जिन शहरों से कई इंटरनेशनल गंतव्यों के लिए सीधी फ़्लाइट्स नहीं हैं, वहाँ के यात्री अब अपने ही शहर से इंटरनेशनल यात्रा शुरू कर सकते हैं।

2. शुरुआती एयरपोर्ट पर ही अंतिम गंतव्य तक के लिए चेक-इन की सुविधा

3. बड़े एयरपोर्ट पर इमिग्रेशन क्लीयरेंस कराने के बजाय, शुरूआती एयरपोर्ट पर ही क्लीयरेंस की सुविधा

4. बड़े एयरपोर्ट से बैगेज को दोबारा चेक-इन किए बिना आसानी से इंटरनेशनल ट्रांज़िट की सुविधा, इससे यात्री दिल्ली या मुंबई से होकर इंटरनेशनल ट्रांज़िट पैसेंजर के रूप में यात्रा कर सकते हैं। उन्हें बार-बार औपचारिक प्रक्रियाओं से होकर नहीं गुज़रना पड़ता और विदेशी हब के अनजान माहौल में ट्रांज़िट के दौरान होने परेशानी काफी कम हो जाती है।

5. एअर इंडिया की ‘ईज़ी कनेक्ट’फ़्लाइट्स के यात्रियों को यात्रा आसान बनाने के लिए उड़ान भरने से पहले और ट्रांज़िट के दौरान कुछ ज़रूरी प्रक्रियाओं को पूरा करना होता है; इसमें भारतीय नागरिकों के लिए ‘डिजीयात्रा’में रजिस्ट्रेशन करवाना भी अनिवार्य है। ‘ईज़ी कनेक्ट’फ़्लाइट्स से अंतरराष्ट्रीय यात्रा करने वाले भारतीय पासपोर्ट धारकों के लिए ‘डिजीयात्रा’ में रजिस्ट्रेशन करवाना और उड़ान भरने से पहले ऐप पर अपने बोर्डिंग पास अपलोड करना ज़रूरी है। ‘स्पोक एयरपोर्ट्स’ पर वेब चेक-इन और कस्टम्स डिक्लेरेशन की सुविधा उपलब्ध नहीं है।

6. एअर इंडिया के नए हब-एंड-स्पोक मॉडल के तहत ईज़ी कनेक्ट फ़्लाइट्स की बुकिंग अब सभी चैनलों -एअर इंडिया की वेबसाइट, मोबाइल ऐप, कॉन्टैक्ट सेंटर और ट्रैवल एजेंट्स- पर शुरू हो चुकी है।

वाराणसी-दिल्ली फ़्लाइट एआई1111, दिल्ली पहुंचने के चार घंटे के भीतर 17 इंटरनेशनल गंतव्यों जैसे लंदन, रोम, मिलान, फ्रैंकफर्ट, ज़्यूरिख, दुबई, रियाद और जेद्दाह के लिए सहज कनेक्शन देती है।

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