August 10, 2026

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राहत इंदौरी ने बॉलीवुड को दिए कई यादगार गीत

खान अशु
मंच के मारूफ, मकबूल और पसंदीदा शायर डॉ. राहत इंदौरी बॉलीवुड की भी जान हुआ करते थे। उनके लिखे और मंच से कहे गए कई शेर जहां आज भी नई तरंग फैलाते हैं, वहीं कई फ़िल्मों में लिखे गए गीत भी इन फिल्मों की पहचान बन गए।
मंच की मसरूफियत के बीच 1993 में महेश भट्ट की फिल्म सर के साथ उनका फिल्मी सफ़र शुरू हुआ। संगीतकार अन्नू मलिक ने उनसे फिल्म का टाइटल सांग “आज हमने दिल का हर किस्सा तमाम कर दिया, खुद भी पागल हो गए तुमको भी पागल कर दिया…” लिखवाया। नसीर उद्दीन शाह, परेश रावल और पूजा भट्ट की मौजूदगी वाली इस फिल्म का यह गीत काफी पसंद किया गया। महेश भट्ट और अन्नू मलिक की सफल और चर्चित जोड़ी ने डॉ राहत इंदौरी को यहां तक कह दिया कि वे जितने भी गीत लिख सकते हैं, वह उन सबको अपनी फिल्मों में शामिल करेंगे।

बुमरो-बुमरो…
राहत इंदौरी अपने अशआर को परफेक्शन देने के लिए यहां तक भी एहतियात रखा करते थे कि जब विदु विनोद चोपड़ा की फिल्म मिशन कश्मीर में गीत लिखने का मौका मिला तो, उन्होंने कई दिन कश्मीर की वादियां खंगाली, वहां के लोकगीत को करीब से समझा और उन अल्फ़ाज के नजदीक पहुंचने के बाद बूमरो बूमरो श्याम रंग बूमरो… लिखा। ऋत्विक रोशन और प्रीति जिंटा पर फिल्माया गया यह गीत फिल्म मिशन कश्मीर की पहचान बन गया। आज भी खुशियों भरे माहौल में इस गीत का संगीत गूंजता सुनाई देता है।

सर के लिए पहले गीत पर सारे शागिर्द जमा
राहत साहब का पहला फिल्मी गीत, आज हमने दिल का हर किस्सा तमाम कर दिया… जब सिनेमा में अवतरित हुआ तो उसके लिए राहत के चाहतमंदों में दीवानगी बनी हुई थी। इंदौर के मधुमिलन सिनेमा में जहां रानीपुरा मंडली में राहत खुद मौजूद थे, वहीं उनका खानदान भी इस नजारे को देखने को जमा था। उस वक्त इस्लामिया करीमियां कॉलेज के सर रहे राहत साहब के स्टूडेंट्स और मुशायरों में राहत के लिए दीवानगी रखने वाले लोग भी हाज़िर थे।

मुंबई रास न आई…
लंबे रास्तों पर संगीतकार अन्नू मलिक की वैनिटी वैन…  बजता कोई म्यूजिक… और अन्नू की फरमाइश, इस संगीत पर कुछ अच्छे से बोल लिख दीजिए…! राहत साहब को फिल्मों का यही रवैया पसंद न आया। मंच से आती तात्कालिक रिस्पॉन्स, तालियों और वाहवाहियां, लोगों के खिले चेहरे के बरसों के साथ। इधर फिल्मी गीतों का देर से और गुमसुम सा प्रतिसाद राहत साहब के लिए कमतर था। यही वजह है कि वे फिल्मों की तरफ ज्यादा तवज्जो नहीं दे पाए।

इन गीतों से बनी फिल्मों की पहचान
अंतरराष्ट्रीय पहचान रखने वाले शायर राहत इंदौरी ने बॉलीवुड को कई सदाबहार गीत दिए। उन्होंने लगभग 40 फिल्मों में 100 से अधिक गाने लिखे, जिनमें करीब, इश्क, मुन्ना भाई MBBS, खुद्दार, मिशन कश्मीर, घायल और मर्डर के गीत शामिल हैं।
राहत इंदौरी द्वारा लिखे गए सबसे लोकप्रिय गानों में ‘चोरी चोरी जब नज़रें मिलीं’ (करीब), ‘नींद चुराई मेरी’ (इश्क), ‘तुम सा कोई प्यारा’ (खुद्दार) और ‘दिल को हज़ार बार रोका’ (मर्डर) शामिल हैं। उन्होंने सर (1993), घातक (1996), मिशन कश्मीर (2000), मुन्ना भाई MBBS (2003) और बेगम जान (2017) जैसी फिल्मों के लिए भी गीत लिखे।

एक फिल्म में अभिनय भी : राहत साहब ने वर्ष 1994 में रिलीज़ हुई फिल्म दिलबर में एक ‘शायर कैदी’ का छोटा सा किरदार निभाया था और पर्दे पर अपनी शायरी भी सुनाई थी। फिल्म उनके इंदौरी साथी फिल्मकार नूर गौरी ने बनाई थी। ममता कुलकर्णी और अतुल अग्निहोत्री फिल्म की कास्ट में शामिल थे।

आइटम सांग से राहत
वर्ष 2004 में आई फिल्म ‘मर्डर’ फिल्म जितनी फेमस भीगे होंठ… की वजह से हुई थी, उतना ही इस फिल्म में
प्रसिद्ध शायर राहत इंदौरी साहब द्वारा लिखा गया सुपरहिट गीत “दिल को हजार बार रोका, रोका, रोका” पसंद किया गया। सनी देओल की फिल्म घायल में भी उनका एक आइटम सांग कोई जाए तो ले आए, मेरी लाख दुआएं पाए… खासतौर से मौजूद शामिल किया गया। इसी तरह मुन्ना भाई MBBS में उनका लिखा गीत देख ले, आंखों में आंख डाल देख ले… काफी पसंद किया गया था।

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