• अब कब्रिस्तान में सजदे करने की मजबूरी
• बोर्ड अध्यक्ष को गुमराह कर कमेटी ने रचा प्रपंच
खान अशु, भोपाल
जामा मस्जिद और ईदगाह के नाम पर मौजूद एक वक्फ संपत्ति को लालचखोर कमेटी संचालकों ने तहसनहस कर दिया है। सजदों के लिए तय जगह पर अब दुकानें खड़ी की जा रही हैं। कमेटी पदाधिकारियों ने उन्हें ओनेपौने किराए पर अपने और अपने रिश्तेदारों के नाम पर कर लिया है। बोर्ड को चिंदी किराया अदा कर अपना जेब भरने में पदाधिकारी लगे हैं। बताया जा रहा है कि वक्फ बोर्ड के प्रयासों को धक्का लगाते हुए इस कई एकड़ भूमि को उम्मीद पोर्टल पर भी दर्ज नहीं कराया गया है।
मामला नरसिंहपुर जिले से ताल्लुक रखता है। जिले के वक्फ खुरखवाहों ने इस मामले की पुकार वक्फ बोर्ड अध्यक्ष डॉ. सनवर पटेल पहुंचाई है। जिसमें कहा गया है कि नरसिंहपुर जिले की तहसील करेली स्थित जामा मस्जिद मय ईदगाह वक्फ गजट क्र. 117 दिनांक 13.05.1983, वक्फ आई.डी. MP380134 के नाम से वक्फ रिकॉर्ड में दर्ज है। इस बेशकीमती जमीन के मामले में स्थानीय वक्फ कमेटी द्वारा गंभीर अनियमितता बरती जा रही हैं। इस बेनामी क्रय की गलत जानकारी एवं ईदगाह नमाजगाह पर 43 दुकानों के अवैध निर्माण पर रोक लगाने की बात भी बोर्ड अध्यक्ष से कही गई है।
यह है गड़बड़झाला
उपरोक्त वक्फ संपत्ति, जिसका जिक्र 13 मई 1983 के गजट में कुल रकबा खसरा 88/1 (1.870 हे), 126, 127 सहित 3 एकड़ से अधिक है, पर सलाउद्दीन पटेल की अध्यक्षता वाली कमेटी द्वारा कई गंभीर अनियमितताएं की जा रही हैं –
1. किरायेदारी में भारी भ्रष्टाचार
तत्कालीन बोर्ड अध्यक्ष मरहूम गुफरान-ए-आज़म के समय 53 दुकानों की बुकिंग बोर्ड की अनुमति बिना 10 से 15 लाख रु. बतौर धरोहर राशि लेकर बिना निविदा के की गई। बाद में इन्हीं दुकानों को कमेटी की मिलीभगत से 20-35 लाख रु. में आगे बेच दिया गया, जिसकी सूचना बोर्ड को नहीं दी गई। वर्तमान में दुकान किराया 12,000 रु. प्रति दुकान वसूला जा रहा है, जबकि मस्जिद खाते में मात्र 2,000-3,000 रु. दिखाकर शेष राशि का गबन किया जा रहा है। कमेटी के पदाधिकारियों ने स्वयं कई दुकानें अपने नाम रखी हैं।
2. बगैर अनुमति बेनामी जमीन क्रय
कमेटी द्वारा वक्फ की आय से लगभग 5 वर्ष पूर्व कुछ नई भूमियां बोर्ड की अनुमति के बिना “अध्यक्ष वक्फ जामा मस्जिद करेली” के निजी नाम पर क्रय की गई है, जो वक्फ एक्ट धारा 51 के तहत बेनामी व अवैध है। इसे आज तक पोर्टल पर नहीं चढ़ाया गया।
4. ईदगाह की नमाजगाह पर नया निर्माण
कमेटी ने बोर्ड को गुमराह कर पिछले वर्ष 2025 को ईदगाह की नमाजगाह के स्थल पर ही 43 दुकानों के नए कॉम्प्लेक्स की मंजूरी लेकर निर्माण कर दिया है। ईदगाह से लगकर कब्रिस्तान है, ऐसे में ईद की नमाज कब्रों पर पढ़नी पड़ेगी, जो शरीयत व वक्फ के उद्देश्य के खिलाफ है। नगर पालिका करेली (Property ID 1003136631) में भी इसका कोई वैध नक्शा नहीं है।
यह की जा रही मांग
जिले से ताल्लुक रखने वाले वक्फ खैरख्वाह ने मप्र वक्फ बोर्ड को पत्र लिखकर मांग की है कि उक्त 53+43 दुकानों के समस्त किरायानामों की जांच कराई जाए। उन्होंने इस संपत्ति को UMEED पोर्टल पर दर्ज कराने और बेनामी खरीदी जमीन को वक्फ में जब्त करने की मांग भी की है। साथ ही ईदगाह नमाजगाह पर हो रहे 43 दुकानों के निर्माण पर तत्काल रोक लगाने और कमेटी को भंग कर प्रशासक नियुक्त किए जाने की मांग भी की गई है।

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