September 12, 2026

Udaan Publicity

The Voice of Democracy

शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का बड़ा आश्वासन, बोले- किसी भी छात्र की शिकायत लंबित नहीं रहेगी

नई दिल्ली

CBSE की परीक्षा मूल्यांकन प्रक्रिया को लेकर उठ रहे सवालों के बीच केंद्र सरकार ने स्थिति साफ कर दी है. केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) सिस्टम को लेकर विस्तार से जानकारी देते हुए कहा कि यह व्यवस्था पूरी तरह आधुनिक, पारदर्शी और छात्रों के हित में बनाई गई है. उन्होंने आंकड़ों के साथ बताया कि किस तरह पहली बार इतने बड़े स्तर पर डिजिटल मूल्यांकन कर छात्रों को भरोसेमंद और निष्पक्ष परिणाम देने की कोशिश की गई है. CBSE OSM में गड़बड़ियों पर धर्मेन्‍द्र प्रधान ने कहा कि किसी भी छात्र की शिकायत अनसुलझी नहीं रहेगी।

40 करोड़ पेज स्कैन:पहली बार हुआ इतना बड़ा डिजिटल मूल्यांकन
धर्मेंद्र प्रधान ने बताया कि इस साल करीब 17 लाख छात्रों ने परीक्षा दी. इन परीक्षाओं में लगभग 98 लाख आंसर शीट्स को सुरक्षित रखा गया. हर आंसर शीट औसतन 40 पन्नों की थी यानी कुल मिलाकर करीब 40 करोड़ पेज स्कैन किए गए.उन्होंने कहा कि CBSE ने पहली बार OSM यानी ऑन-स्क्रीन मार्किंग के जरिए मूल्यांकन किया जो दुनिया भर की यूनिवर्सिटीज और संस्थानों में तेजी से अपनाई जा रही आधुनिक प्रणाली है।

छात्रों के लिए फायदेमंद
केंद्रीय मंत्री के मुताबिक OSM पूरी तरह स्टूडेंट फ्रेंडली सिस्टम है. इससे छात्रों को अपने अंकों की जानकारी पारदर्शी तरीके से मिलती है और मूल्यांकन प्रक्रिया में भरोसा बढ़ता है. यही वजह है कि बड़ी संख्या में छात्र इस व्यवस्था से संतुष्ट नजर आ रहे हैं।

आंकड़े खुद बता रहे हैं छात्रों का भरोसा
बोर्ड के आंकड़ों के मुताबिक कुल 18.57 लाख पंजीकृत छात्रों में से केवल 4.06 लाख छात्रों ने अपनी उत्तर पुस्तिकाओं की स्कैन कॉपी के लिए आवेदन किया.OSM के तहत कुल 98.66 लाख आंसर बुक्स स्कैन की गईं, जबकि 11.38 लाख आंसर बुक्स ही देखने के लिए मांगी गईं. इन आंकड़ों से साफ है कि अधिकांश छात्र मूल्यांकन प्रक्रिया से संतुष्ट हैं।

अफवाहों से निपटने के लिए CBSE की सख्त रणनीति
OSM एक तकनीक आधारित सुधार है इसलिए केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने अफवाहों से बचने के लिए मजबूत कम्युनिकेशन रणनीति अपनाई.CBSE ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल्स @cbseindia29 के जरिए लगातार जानकारी दी, ताकि गलत या भ्रामक खबरों पर रोक लगाई जा सके और सिस्टम की संरचना व सुरक्षा उपायों को समझाया जा सके।

केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करने की अपील
बोर्ड ने सार्वजनिक नोटिस जारी कर छात्रों, अभिभावकों और मीडिया से अपील की है कि वे असत्यापित और सनसनीखेज सोशल मीडिया दावों से बचें और केवल CBSE वेबसाइट पर जारी आधिकारिक सर्कुलर पर ही भरोसा करें. इस पूरे माहौल में कई छात्र, शिक्षक और स्कूल प्रिंसिपल सामने आए हैं और उन्होंने OSM के जरिए हुई मूल्यांकन प्रक्रिया को लेकर अपने अनुभव साझा किए हैं.CBSE ने साफ किया है कि बोर्ड ने न तो कोई लिखित आदेश जारी किया है और न ही किसी पर दबाव डाला गया है कि वे इस प्रक्रिया के समर्थन में बयान दें।

Spread the love