Udaan Desk. अनिल अग्रवाल के स्वामित्व वाले वेदांता ग्रुप की दिग्गज कंपनी हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड (HZL) ने बड़े निवेश प्लान का ऐलान किया है। कंपनी ने कहा कि चालू फाइनेंशियल ईयर में वह लगभग 50 से 60 करोड़ अमेरिकी डॉलर या लगभग 5000 करोड़ रुपये का कैपिटल इन्वेस्टमेंट करेगी। कंपनी के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO) अरुण मिश्रा ने एक इंटरव्यू में बताया कि इस निवेश का लगभग 80 प्रतिशत हिस्सा पहले से चल रहे प्रोजेक्ट्स पर खर्च किया जाएगा, जबकि 20 प्रतिशत रकम नए प्रोजेक्ट्स के लिए रखी गई है। उन्होंने आगे कहा कि इसका ऐलान जल्द ही किया जाएगा।
2.5 लाख टन क्षमता को मंजूरी
उन्होंने बताया कि ग्रुप की कुल प्रोजेक्ट्स कैपिसिटी 10 लाख टन है, जिसमें से 2.5 लाख टन यानी 25 प्रतिशत क्षमता को पहले ही 12,000 करोड़ रुपये के निवेश के साथ मंजूरी मिल चुकी है। इनमें खनन और खनिजीकरण से जुड़े काम शामिल हैं। मिश्रा के मुताबिक, खनन संबंधी उपकरणों के ऑर्डर दिए जा चुके हैं और स्मेल्टर का निर्माण कार्य शुरू हो गया है, जबकि मिलिंग और कन्संट्रेट से जुड़े ऑर्डर अभी जारी होने बाकी हैं।
सालाना कैपिटल एक्सपेंडिचर बढ़कर 8000 करोड़ होने का अनुमान
उन्होंने कहा कि बाकी 6.5 लाख टन क्षमता के विस्तार के लिए भी लगभग इसी अनुपात में निवेश किया जाएगा। इसके लिए निवेश स्टेप-बाय-स्टेप अगले चार से पांच साल में किया जाएगा। इसके तहत, कंपनी का एवरेज एनुअल कैपिटल एक्सपेंडिचर 7,000-8,000 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है। हालांकि, चालू वित्त वर्ष में इस निवेश का केवल 15-20 प्रतिशत ही एक्चुअल कैश एक्सपेंडिचर के रूप में दिखाई देगा।
वेदांता के पास है 60% से ज्यादा शेयरहोल्डिंग
हालांकि, उन्होंने नए प्रोजेक्ट्स की डेडलाइन या उनसे जुड़ी फाइनेंशियल डिटेल्स नहीं दिया। वेदांता सब्सिडरी हिंदुस्तान जिंस देश की प्रमुख जिंक प्रोड्यूसर कंपनियों में से है। यह हालिया सालों में ऑपरेशन के मोर्चे पर अपनी क्षमता बढ़ाने और दक्षता सुधारने के लिए लगातार निवेश कर रही है। यह जिंक, सीसा और चांदी प्रोडक्शन के मामले में टॉप कंपनियों में शामिल है। BSE और NSE पर लिस्टेड हिंदुस्तान जिंक में वेदांता लिमिटेड की 60.71 प्रतिशत और केंद्र सरकार की 27.92 प्रतिशत हिस्सेदारी है।

Related Posts
ओडिशा में बनेगा देश का पहला AI-ऑप्टिमाइज्ड डेटा सेंटर, HCLTech करेगी ₹14,257 करोड़ का निवेश
विप्रो का बड़ा ऐलान : 2 बड़े ब्रांड खरीदेगी कंपनी, होम और पर्सनल केयर कारोबार होगा और मजबूत
एविएशन सेक्टर में बड़े बदलाव की तैयारी, नई एयरलाइन कंपनियों की एंट्री होगी आसान