उड़ान डेस्क। कहते हैं कि ऊपरवाला जब भी देता है तो छप्पर फाड़कर देता है। कर्नाटक के उडुपी जिले के रहने वाले शांतनु शेट्टीगर के साथ कुछ ऐसा ही हुआ है। ओमान में एक रिटेल स्टोर के इंचार्ज के तौर पर मामूली नौकरी करने वाले इस शख्स की तकदीर ने ऐसी करवट ली कि वह अब अरबपति बन चुके हैं। अबू धाबी में हुए मशहूर ‘बिग टिकट लकी ड्रॉ’ में शांतनु ने 49 करोड़ रुपए (2 करोड़ दिरहम) का बंपर जैकपॉट अपने नाम किया है।
फोन कॉल ने बदली दुनिया
34 वर्षीय शांतनु पिछले आठ सालों से मस्कट (मस्कट) में रहकर अपनी आजीविका चला रहे हैं। पिछले पांच सालों से वह अपनी किस्मत आजमा रहे थे, लेकिन पिछले तीन सालों से उन्होंने एक भी ड्रॉ नहीं छोड़ा। हाल ही में हुए ‘सीरीज़ 283’ के लाइव ड्रॉ के दौरान जब उन्हें फोन पर यह खबर मिली कि उनके टिकट नंबर 305810 ने सबसे बड़ा इनाम जीता है, तो उन्हें यकीन ही नहीं हुआ। हजारों लोग इस ऐतिहासिक पल के गवाह बने।
बेटी की किस्मत और ‘दोस्ती’ का फर्ज
शांतनु का मानना है कि उनकी नन्ही बेटी उनके जीवन में यह सौभाग्य लेकर आई है। दिलचस्प बात यह है कि यह भारी-भरकम राशि वह अकेले नहीं रखेंगे। उन्होंने बताया कि वह यह टिकट पिछले कई सालों से अपने उडुपी के ही एक साथी सुनील के साथ मिलकर खरीदते थे। नियमों और दोस्ती के वादे के मुताबिक, वे इस प्राइज मनी को आपस में बांटेंगे। शांतनु ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि वह खुद को बहुत भाग्यशाली मानते हैं क्योंकि लोग दशकों तक मेहनत करते हैं, फिर भी ऐसा मौका नहीं मिलता।
रातों-रात करोड़ों के मालिक बने शांतनु ने अभी यह तय नहीं किया है कि वह इतनी बड़ी रकम का इस्तेमाल कैसे करेंगे। फिलहाल वह इस जीत के अहसास में डूबे हैं और अपने परिवार व दोस्तों के साथ इस खुशी को मना रहे हैं। इस जीत ने शांतनु को बिग टिकट इतिहास के सबसे बड़े विजेताओं की सूची में शामिल कर दिया है।

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