होर्मुज जलडमरूमध्य में तीन वाणिज्यिक पोतों (कमर्शियल जहाजों) पर ईरानी हमलों के बाद खाड़ी क्षेत्र में युद्ध की आग एक बार फिर भड़क उठी है. जवाबी कार्रवाई करते हुए अमेरिकी सेना ने बुधवार तड़के ईरान के खिलाफ बड़े पैमाने पर हवाई हमले शुरू कर दिए. इसके तुरंत बाद ईरान ने भी पलटवार किया, जिसके चलते पड़ोसी देशों, बहरीन और कुवैत में हड़कंप मच गया है.
अमेरिकी हमलों के जवाब में ईरान द्वारा दागी गईं मिसाइलों को देखते हुए बहरीन में बुधवार सुबह मिसाइल हमले की चेतावनी देने वाले सायरन बजाए गए. बहरीन सरकार ने अपने नागरिकों से तुरंत सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने की अपील की है. बहरीन में अमेरिकी नौसेना के पांचवें का मुख्यालय है, जो पहले भी ईरानी हमलों का निशाना बनता रहा है. ईरान के सरकारी मीडिया ने भी देश के तटीय इलाकों केशम और बंदर अब्बास में भीषण धमाकों की आवाजें सुने जाने की पुष्टि की है.
कुवैत की एयर डिफेंस सिस्टम एक्टिव
कुवैत की सेना ने भी आपातकालीन घोषणा करते हुए बताया कि संभावित हवाई खतरों और मिसाइलों को हवा में ही नष्ट करने के लिए उसकी वायु रक्षा प्रणालियां (Air Defense Systems) पूरी तरह सक्रिय हो चुकी हैं. फिलहाल दोनों देशों में किसी बड़े नुकसान या सटीक निशाने की तत्काल पुष्टि नहीं हुई है.
ईरान के किन ठिकानों पर हुए अमेरिकी हमले?
‘यूएस सेंट्रल कमांड’ ने सोशल मीडिया पर इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग में जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए यह जवाबी कार्रवाई जरूरी थी. अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, इस अभियान में ईरान के इन ठिकानों को निशाना बनाया जा रहा है. वायु रक्षा प्रणालियां और तटीय निगरानी केंद्र जमीन से हवा में मार करने वाली मिसाइलें पोत-रोधी क्रूज मिसाइलें और ड्रोन प्रक्षेपण (लॉन्च) स्थल ईरान की रणनीतिक बंदरगाह सुविधाएं
शांति समझौते को लगा बड़ा झटका
28 फरवरी से शुरू हुए इस युद्ध को स्थायी रूप से समाप्त करने के लिए दोनों पक्षों के बीच एक अंतरिम समझौता हुआ था. हालांकि, तीन टैंकरों पर ईरान के ताजा हमलों के बाद अमेरिका ने उस लाइसेंस को रद्द कर दिया है जिसके तहत ईरान को तेल बेचने की अनुमति दी गई थी. इस नए टकराव से होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने और तेहरान के विवादित परमाणु कार्यक्रम को प्रतिबंधित करने की चल रही शांति वार्ता पूरी तरह खटाई में पड़ती नजर आ रही है.

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