Udaan Desk. नेपाल में भारी बारिश के बाद बाढ़ का खतरा बढ़ गया है. देश की तीन बड़ी नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया है. इसे देखते हुए अधिकारियों ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है. खासकर मध्य, पश्चिमी और पूर्वी हिस्सों में रहने वाले लोगों को सावधानी बरतने को कहा गया है. इस बीच, राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीआरआरएमए) ने रुक-रुक कर हो रही बारिश और नदियों के उफान को देखते हुए नुवाकोट, रसुवा और काठमांडू घाटी सहित 25 से अधिक जिलों में अचानक बाढ़ का नया अलर्ट जारी किया है. बुधवार (दो सितंबर) सुबह छह बजे तक सुन कोशी, बूढ़ी गंडकी और महाकाली नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर था. प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए है.
जल एवं मौसम विज्ञान विभाग ने बताया कि लामजुंग जिले में मार्स्यांगदी नदी का जलस्तर रात 11 बजकर 15 मिनट पर भुकुंडेबेसी जलस्तर निगरानी केंद्र में खतरे के निशान के ऊपर दर्ज किया गया. विभाग की ओर से जारी ताजा जानकारी के अनुसार, मार्स्यांगदी नदी में जलस्तर अब भी बढ़ रहा है. नदी में पानी का बहाव बढ़ने से बाढ़ का खतरा अधिक है.
शवों के मिलने का सिलसिला जारी
नेपाल पुलिस के अनुसार, चितवन से 348, नवलपरासी पूर्व से 217, नवलपरासी पश्चिम से 190 और नुवाकोट से 155 शव बरामद किए गए हैं. इसी तरह गोरखा से 66, धादिंग से 59, रसुवा से 45 और तनाहूं से 38 शव बरामद हुए हैं. पुलिस ने बताया कि 1,113 शवों का पोस्टमार्टम और कानूनी पहचान की प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है, जबकि 95 शव परिजनों को सौंपे जा चुके हैं.
नेपाल में अब ‘मानसिक आघात’ का बड़ा संकट
भौतिक तबाही के बाद प्रभावितों में गंभीर मनोवैज्ञानिक आघात (पीटीएसडी) देखा जा रहा है. बच्चे रात में बाढ़ के डर से चीखकर जाग रहे हैं और वयस्क गहरे तनाव में हैं. सरकार ने सबसे प्रभावित रसुवा और नुवाकोट में 50 मनोचिकित्सक तैनात किए हैं तथा 1166 और 1115 हेल्पलाइन के जरिए चौबीसों घंटे टेली-काउंसलिंग शुरू की है.

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