June 22, 2026

Udaan Publicity

The Voice of Democracy

राम मंदिर चढ़ावा मामला : SIT को मिले चोरी के सबूत, ट्रस्ट पदाधिकारियों की भूमिका संदिग्ध

अयोध्या. उत्तर प्रदेश के अयोध्या में स्थित राम मंदिर के चढ़ावे से कथित चोरी की जांच कर रही एसआईटी को अहम सबूत मिले हैं. एसआईटी को चोरी के सबूत मिले हैं. एसआईटी की टीम रविवार या सोमवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अपनी प्रारंभिक जांच रिपोर्ट सौंप सकती है. इस पूरे मामले में SIT ने अनिल मिश्रा और गोपाल राव की भूमिका संदिग्ध पाई है. SIT को सीसीटीवी फुटेज से रकम पार किए जाने के साक्ष्य मिले हैं. कुछ सीसीटीवी फुटेज डिलीट किए जाने का भी शक है. एसआईटी ने लापरवाही और साजिश इन दोनों पहलुओं की जांच की है. दान राशि की गणना प्रक्रिया की निगरानी तंत्र पूरी तरह फेल हो गई है.

इन पदाधिकारियों की भूमिका संदिग्ध

टिन्नू यादव, कुछ गरणाकर्मी और बैंक कर्मियों के खिलाफ FIR भी दर्ज हो सकती है. ट्रस्ट के पदाधिकारी के अयोध्या छोड़ने पर एसआईटी ने रोक लगा दी है. SIT ने ट्रस्ट के पदाधिकारी अनिल मिश्रा और निर्माण सहायक गोपाल राव की भूमिका को संदिग्ध करार दिया है. महासचिव चंपत राय भी सवालों के घेरे में हैं. SIT ने छह दिनों में करीब 150 लोगों से पूछताछ की है. ट्रस्ट के 3 पदाधिकारियों समेत प्रबंधन के 20-25 लोगों की लापरवाही या संलिप्तता सामने आई है. 6 कर्मी SBI के और TCS के 6 कर्मियों से पूछताछ हुई.

SIT अपनी रिपोर्ट में दे सकती है कई सुझाव

SIT की रिपोर्ट आने के बाद होने मंदिर ट्रस्ट के प्रबंधन में बड़े बदलाव हो सकते हैं. इसके अलावा एसआइटी नए सिरे से ट्रस्ट का गठन करने, पारदर्शिता के लिए काशी विश्वनाथ की तर्ज पर कार्यपालक अधिकारी की नियुक्ति, ट्रस्ट के सरकारी पदेन 3 सदस्यों को चढ़ावे की गणना की जिम्मेदारी बढ़ाई जाने. तय समय में चढ़ावे का ऑडिट कराए जाने और उसकी रिपोर्ट शासन को देने, कर्मचारियों की भर्ती को पारदर्शिता बनाए जाने, सिफारिश के आधार पर भर्ती ना करने, बैंक गणना कार्यों में अपने नियमित कर्मचारियों को लगाने और निगरानी तंत्र को और मजबूत करने का सुझाव दे सकती है.

Spread the love