अयोध्या के राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी मामले की जांच कर रहे विशेष अन्वेषण दल (SIT) की शुरुआती रिपोर्ट में अविनाश शुक्ला को मुख्य आरोपी बताया गया है। सूत्रों ने बुधवार को बताया कि जांचकर्ताओं को शक है कि 40 दिनों तक चली इस चोरी में मंदिर के दान की रकम की गिनती के दौरान चोरी के लगभग 70 मामले शामिल थे।
मंदिर से जुड़े सूत्रों ने बताया कि तीन सदस्यों वाली SIT के अंतरिम नतीजों पर सोमवार को श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की अहम बैठक में चर्चा हुई। सूत्रों के अनुसार शुरुआती रिपोर्ट के मुताबिक, मंदिर में भक्तों के चढ़ावे की गिनती करने के काम में शामिल अविनाश शुक्ला के खिलाफ SIT को सबसे मजबूत सुबूत मिले हैं, लिहाजा उसे इस मामले में मुख्य आरोपी बनाया गया है।
उन्होंने बताया कि रिपोर्ट में कहा गया है कि यह कथित चोरी का पूरा प्रकरण शुक्ला के इर्द-गिर्द केंद्रित था और उसकी निशानदेही पर ही जांचकर्ताओं को पांच अन्य आरोपियों की पहचान करने और मंदिर के दान राशि गणना कक्ष के अंदर संदिग्ध काम करने के तरीके को समझने में मदद मिली।
सूत्रों ने बताया कि 23 जून को प्रदेश के गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव संजय प्रसाद को सौंपी गई नौ पेज की रिपोर्ट में 30 वर्षीय अविनाश शुक्ला को जांच का केंद्र बताया गया है। उन्होंने कहा कि SIT ने प्रथम दृष्ट्या लगभग 40 दिनों के दौरान मंदिर के दान राशि गणना कक्ष से कथित चोरी के लगभग 70 मामलों की पहचान की है।
सूत्रों के अनुसार, सीसीटीवी फुटेज की बार-बार जांच में कथित तौर पर शुक्ला को कई मौकों पर दान की रकम के खुले नोटों के बंडल हटाते और छुपाते हुए दिखाया गया। उन्होंने बताया कि यह भी पता लगा है कि जांचकर्ताओं ने दान राशि की आवाजाही का पता लगाने और इस मामले में शामिल अन्य लोगों की भूमिकाओं की पहचान करने के लिए फुटेज पर बहुत ज्यादा भरोसा किया है।
सूत्रों ने कहा कि रिपोर्ट में कहा गया है कि शुक्ला के खिलाफ सबूतों की पुष्टि सीसीटीवी फुटेज, रिकवरी रिकॉर्ड, बैंक खातों के विश्लेषण और गवाहों के बयानों से हुई जिससे शुक्ला उन छह आरोपियों में पहला आरोपी बना जिनकी इस मामले में प्रथम दृष्ट्या संलिप्तता नजर आई है।
सूत्रों के मुताबिक सीसीटीवी फुटेज में कथित तौर पर अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा और करुणेश पांडे भी शुक्ला को दान की रकम छुपाने और निकालने में मदद करते दिखे, जबकि मनीष कुमार यादव कथित तौर पर गणना कक्ष के अंदर उनकी मदद कर रहा था। उन्होंने बताया कि मंदिर ट्रस्ट के प्रतिनिधियों द्वारा दिए गए अलग फुटेज में कथित तौर पर रमाशंकर मिश्रा नकदी के बंडलों को संभालता और छुपाता नजर आ रहा है।
सूत्रों ने कहा कि अब तक जांची गई सामग्री के आधार पर SIT इस निष्कर्ष पर पहुंची है कि सभी छह आरोपियों की पहली नजर में संलिप्तता साबित होती है। रिपोर्ट के अनुसार अयोध्या पुलिस द्वारा ली गई तलाशी के दौरान जांचकर्ताओं ने उसके पास से 20.39 लाख रुपये नकद, 1121 डॉलर, सोने और चांदी के गहने, दूसरा कीमती सामान और एक कीमती कार बरामद की है।
रिपोर्ट के मुताबिक जांचकर्ताओं को यह भी पता चला है कि अविनाश शुक्ला के बैंक खातों में उसकी आमदनी के ज्ञात स्रोतों से अधिक धनराशि जमा की गई और रकम का लेन-देन हुआ है। रिपोर्ट में बताया गया है कि श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने दान राशि गिनती के लिए जिन लोगों को रखा है, उन्हें कटौती के बाद हर महीने 15 हजार से कुछ ही ज्यादा तनख्वाह मिलती है, जबकि गिरफ्तारी से पहले शुक्ला की बैंकिंग गतिविधियों में शामिल की गई रकम उसकी ज्ञात आमदनी से काफी ज्यादा थी।
अधिकारियों के मुताबिक शुक्ला ही वह आरोपी है जिसे जांच के दौरान सबसे पहले पुलिस रिमांड पर लिया गया था। सूत्रों ने बताया कि शुक्ला के घर की तलाशी के दौरान पुलिस को एक दान का बक्सा भी मिला था जिस पर “रामराज्य कोष” लिखा था और उस पर एक क्यू आर कोड भी चिपका था।
उन्होंने बताया कि पुलिस ने प्रतापगढ़ जिले में स्थित अविनाश के घर की भी तलाशी ली है और वह पिछले कुछ सालों में उसके वित्तीय लेन-देन, हस्तगत धनराशि और वहां उसकी सम्पत्ति की भी जांच कर रही है। राम मंदिर कथित चढ़ावा चोरी मामले में अब तक आठ लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है जिनमें अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, मनीष कुमार यादव, करुणेश पांडे, रमा शंकर मिश्रा, सुभाष श्रीवास्तव और रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू शामिल हैं। अयोध्या की एक स्थानीय अदालत ने सोमवार को अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा और करुणेश पांडेय को एक दिन की पुलिस रिमांड पर दे दिया।
जांचकर्ताओं ने अदालत को बताया कि पहले हिरासत में लिए गए पांच आरोपियों से पूछताछ के दौरान नए सुबूत मिले हैं। पुलिस के मुताबिक, सुभाष श्रीवास्तव को छोड़कर बाकी आरोपियों से अब तक 79 लाख रुपये से ज्यादा की बरामदगी हो चुकी है।
राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के मामले में प्रदेश सरकार ने जांच के लिए तीन सदस्यों वाली SIT बनाई थी जिसकी प्रारम्भिक रिपोर्ट के आधार पर आठ लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया जा चुका है। अधिकारियों के अनुसार टीम ने पिछले पांच सालों के ट्रस्ट के अकाउंट्स का दोबारा ऑडिट करने का भी सुझाव दिया है और वह पिछले दो सालों में मंदिर परिसर में हुए बड़े आयोजनों पर हुए खर्च की जांच भी कर रही है। SIT ने मंदिर में सुरक्षा और प्रक्रियात्मक खामियों को भी सामने रखा है।
पुलिस रिमांड पर तीन आरोपी
अयोध्या के राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी के मामले में गिरफ्तार तीन आरोपियों को एक स्थानीय अदालत के आदेश पर बुधवार को 24 घंटे की पुलिस रिमांड पर सौंप दिया गया। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि मामले की जांच कर रहे अयोध्या के पुलिस क्षेत्राधिकारी आशुतोष तिवारी ने सुबह करीब सात बजे ज़िला जेल से अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा और करुणेश पांडे को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया।
विशेष अदालत (भ्रष्टाचार रोधी) के आदेश के अनुसार रिमांड की यह अवधि बुधवार सुबह सात बजे शुरू हुई। सूत्रों के अनुसार, जांच के दौरान सामने आए नए सुबूतों के बारे में आरोपियों से पूछताछ की जाएगी और पुलिस उन जगहों पर तलाशी भी ले सकती है जिनकी आरोपियों ने निशानदेही की है ताकि चोरी की गई नकदी और अन्य सामान बरामद किया जा सके।
अधिकारियों के मुताबिक अभियोजन पक्ष ने रिमांड की मांग इसलिए की थी ताकि मामले में गिरफ्तार अन्य लोगों से पूछताछ के दौरान इकट्ठा की गई सामग्री और सबूतों के आधार पर इन तीनों आरोपियों से पूछताछ की जा सके। मामले की जांच के लिए गठित विशेष टीम (SIT) द्वारा इस मामले में सबसे पहले मुख्य आरोपी अविनाश शुक्ला को पुलिस रिमांड पर लिया गया था।
अयोध्या के राम मंदिर से चढ़ावे की कथित चोरी के मामले में SIT की शुरुआती रिपोर्ट के आधार पर आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया है। शुरुआती तफ्तीश के अनुसार, जांचकर्ताओं ने 40 दिनों की अवधि में चोरी की लगभग 70 संदिग्ध घटनाओं की पहचान की है और वे आरोपियों की भूमिका के साथ-साथ मंदिर में दान की रकम की गिनती की व्यवस्था में कथित प्रक्रियागत और सुरक्षा सम्बन्धी खामियों की भी जांच कर रहे हैं।

Related Posts
ग्रीनलैंड पर ट्रंप की नजर : नाटो समिट में कहा ग्रीनलैंड पर हो अमेरिका का अधिकार
अमेरिकी हमलों के बाद ईरान का पलटवार, कुवैत की एयर डिफेंस सिस्टम एक्टिव
US ने ईरान पर किए “जवाबी हमले”, तेल लाइसेंस भी रद्द