Udaan Desk. देश के ऑटोमोबाइल बाजार के लिए जुलाई 2026 का महीना शानदार रहा है. जुलाई 2026 में भारत में पैसेंजर व्हीकल की बिक्री ने नया रिकॉर्ड बनाया है. इस दौरान देशभर में करीब 4.7 लाख कारों और एसयूवी की बिक्री हुई है, जो पिछले साल जुलाई 2025 के मुकाबले करीब 33 प्रतिशत अधिक है. बता दें कि यह अब तक का सबसे मजबूत जुलाई प्रदर्शन माना जा रहा है.
जुलाई 2026 में बड़ी पैसेंजर व्हीकल की बिक्री
पिछले साल जुलाई 2025 में देश में करीब 3.5 लाख पैसेंजर वाहन बिके थे. वहीं इस बार यह आंकड़ा बढ़कर 4.65 लाख से 4.70 लाख यूनिट तक पहुंच गया है. ऑटो इंडस्ट्री का मानना है कि पिछले कुछ महीनों में ग्राहकों का भरोसा बढ़ा है और बेहतर आर्थिक माहौल ने नई कार खरीदने के फैसलों को बढ़ावा दी है. विशेषज्ञों के अनुसार, कार की बिक्री में तेजी आने के कई कारण हैं, जो कुछ इस तरह से हैं-
- भारतीय रिजर्व बैंक यानी RBI द्वारा रेपो रेट में कटौती के बाद कई बैंकों ने कार लोन सस्ता किया है. इससे कार खरीदने वालों की मासिक EMI का बोझ कम हुआ है.
- 12 लाख रुपये तक की इनकम वाले लोगों को मिली टैक्स राहत से उनके हाथ में ज्यादा पैसा बच रहा है, जिसस नई कार खरीदने की क्षमता बढ़ी है.
- GST से जुड़े नए बदलावों ने भी बाजार में सकारात्मक माहौल बनाया है, जिसका फायदा ऑटो सेक्टर को मिल रहा है.
SUV की बढ़ती लोकप्रियता
ऑटो कंपनियों के अनुसार, ग्राहकों का ज्यादा आकर्षण SUV और CNG वाहनों की ओर बढ़ रहा है. जहां SUV बेहतर स्पेस और फीचर्स की वजह से पसंद की जा रही हैं. वहीं CNG गाड़ियां कम ईंधन खर्च के कारण ग्राहकों की पहली पसंद बनती जा रही हैं.
साथ ही आने वाले कुछ महीनों में त्योहारी सीजन शुरू हो जाएगा. ऐसे में ऑटो कंपनियों की बिक्री और बढ़ सकती है. ऑटो उद्योग को उम्मीद है कि रक्षाबंधन, गणेश उत्सव, नवरात्रि, दशहरा और दिवाली के दौरान कारों की मांग और बढ़ सकती है. अगर यही रफ्तार बनी रही, तो 2026 ऑटो सेक्टर के लिए रिकॉर्ड वर्ष साबित हो सकता है.

Related Posts
स्विगी-जोमैटो के पूर्व टेक लीडर्स ने लॉन्च किया ProFound, मिलेंगे नए करियर मौके
रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं, 5.25% पर बरकरार, महंगाई और ग्लोबल संकट पर नजर
डाबर के 100 प्रतिशत शुद्धता वाले दावों पर FSSAI का कड़ा एक्शन, बिक्री पर रोक