देश के करोड़ों किसानों के लिए बैंकिंग और खेती-किसानी से जुड़ी एक बेहद अहम खबर आई है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) योजना को लेकर अपने नियमों में एक बड़ा बदलाव किया है। अब किसानों को कर्ज लेने और उसे वापस चुकाने में एक बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। रिजर्व बैंक का यह नया नियम 1 जनवरी 2027 से पूरे देश में प्रभावी रूप से लागू हो जाएगा। इस नए संशोधन के तहत रिजर्व बैंक ने क्रॉप सीजन की परिभाषा को बैंकों के एसेट क्लासिफिकेशन (IRAC) नियमों के दायरे में ला दिया है।
बुवाई से लेकर बिक्री तक की अवधि माना जाएगा फसल सीजन
अब फसल सीजन का सीधा मतलब उस अवधि से होगा, जो फसल की बुवाई से शुरू होकर उसकी कटाई और बाजार में बिक्री होने तक चलेगी। इससे फायदा यह होगा कि बैंकों को अब हर इलाके की फसल के हिसाब से लोन की समीक्षा करनी होगी। यह नया ढांचा आरबीआई कमर्शियल बैंक्स – किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) स्कीम डायरेक्शंस, 2026 के नाम से जाना जाएगा। इसका मुख्य उद्देश्य किसानों और खेती से जुड़े अन्य काम करने वाले लोगों को सही समय पर और जरूरत के मुताबिक पैसा उपलब्ध कराना है।
बिना गारंटी लोन सीमा बढ़ाने की मांग खारिज
इस नए नियम के आने के बाद कृषि क्षेत्र से जुड़े कई संगठनों ने मांग की थी कि बिना गारंटी मिलने वाले लोन की सीमा को थोड़ा और बढ़ाया जाए। हालांकि, रिजर्व बैंक ने इस मांग को साफ तौर पर खारिज कर दिया है। केंद्रीय बैंक का कहना है कि दिसंबर 2024 में ही इस सीमा को पहले ही काफी बढ़ा दिया गया था, इसलिए फिलहाल इसमें और बढ़ोतरी करने का कोई विचार नहीं है। इसके बावजूद, नए दिशानिर्देशों में छोटे किसानों के हितों का पूरा ध्यान रखा गया है।
2 लाख रुपये तक के लोन पर सिक्योरिटी माफ
नई गाइडलाइन के मुताबिक, 2 लाख रुपये तक के कृषि और उससे जुड़े लोन के लिए किसानों को किसी भी तरह की सिक्योरिटी या मार्जिन मनी देने की आवश्यकता नहीं होगी। बैंक इसे पूरी तरह से माफ करेंगे। वहीं, जिन किसानों का लोन 2 लाख रुपये से अधिक है, उनके लिए बैंक अपनी आंतरिक क्रेडिट पॉलिसी और आरबीआई के नियमों के तहत सिक्योरिटी तय कर सकते हैं। इसके अलावा, एक और बड़ी राहत देते हुए आरबीआई ने कहा है कि अगर लोन फसलों की हाइपोथिकेशन या रिकवरी टाई-अप व्यवस्था के तहत सुरक्षित है, तो 3 लाख रुपये तक के कर्ज पर भी बैंक कोलैटरल सिक्योरिटी से पूरी छूट दे सकते हैं।
शॉर्ट-टर्म क्रेडिट लिमिट की समीक्षा करेंगे बैंक
आरबीआई ने सभी कमर्शियल बैंकों को यह भी निर्देश दिया है कि वे खेती और उससे जुड़ी गतिविधियों के लिए दिए गए शॉर्ट-टर्म क्रेडिट लिमिट की समय-समय पर समीक्षा और रिन्यूअल करते रहें। यह समीक्षा बैंकों को अपनी क्रेडिट नीति के अनुसार करनी होगी, जिससे किसानों की बदलती जरूरतों और मौसम के मिजाज के हिसाब से कर्ज की राशि को घटाया या बढ़ाया जा सके।

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