Udaan Desk. उत्तराखंड के ऋषिकेश में गंगा नदी पर बना प्रसिद्ध राम झूला अब आम लोगों के लिए अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है। करीब 40 साल पुराने इस सस्पेंशन ब्रिज को व्यापक मरम्मत, अपग्रेडेशन और सुदृढ़ीकरण के लिए दोनों ओर से बंद कर दिया गया। अधिकारियों के अनुसार, राज्य सरकार ने इस परियोजना के लिए 10 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं और काम पूरा होने के बाद दिसंबर 2026 तक पुल को दोबारा जनता के लिए खोलने की योजना है।
राम झूला ऋषिकेश के सबसे प्रमुख पैदल पुलों में गिना जाता है। यह करीब 220 मीटर लंबा और लगभग दो मीटर चौड़ा है तथा पौड़ी गढ़वाल और टिहरी गढ़वाल जिलों को जोड़ता है। हर दिन हजारों स्थानीय लोग, श्रद्धालु और पर्यटक इस पुल का इस्तेमाल करते हैं। सावन और चारधाम यात्रा जैसे धार्मिक अवसरों पर यहां आवाजाही कई गुना बढ़ जाती है। लोक निर्माण विभाग (PWD) के अधिकारियों के मुताबिक, समय के साथ पुल की संरचना में कई तकनीकी समस्याएं सामने आई हैं। सस्पेंशन केबल के कुछ हिस्सों में क्षति, नींव में कमजोरी और पुल में दरारें पाए जाने के बाद विशेषज्ञों ने व्यापक मरम्मत की सिफारिश की थी। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सरकार ने पुल को अस्थायी रूप से बंद करने का फैसला लिया है, ताकि मरम्मत का काम बिना किसी जोखिम के पूरा किया जा सके।
साल 1986 में निर्मित राम झूला ऋषिकेश की पहचान और प्रमुख पर्यटन आकर्षणों में शामिल है। गंगा के दोनों किनारों को जोड़ने वाला यह पुल धार्मिक, पर्यटन और स्थानीय आवागमन के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।

Related Posts
जन-आकांक्षाओं की पूर्ति सरकार की प्रतिबद्धता : राज्यमंत्री कृष्णा गौर
पुरातत्व विभाग करेगा देवरा के प्राचीन शिव मंदिर का जीर्णोद्धार
MP में होटल एवं उद्योग क्षेत्र में निवेश के लिए दुबई से आएगा प्रतिनिधिमंडल