उड़ान डेस्क। दिल्ली-NCR और देश के कुछ अन्य हिस्सों में मानसून के दौरान बदलते और उमस भरे मौसम के बीच H1N1 (स्वाइन फ्लू) के मामलों में बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक इस मौसम में इन्फ्लुएंजा और अन्य श्वसन संक्रमण के मामले बढ़ना आम है। विशेषज्ञों ने बुजुर्गों, छोटे बच्चों और पहले से बीमार लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है।
क्या हैं H1N1 के लक्षण?
AIIMS दिल्ली के मेडिसिन विभाग के प्रोफेसर डॉ. नीरज निश्चल के अनुसार, इस मौसम में सामान्य सर्दी-जुकाम, इन्फ्लुएंजा और अन्य वायरल बुखार आम हैं। इनके लक्षण काफी हद तक एक जैसे हो सकते हैं।
H1N1 में प्रमुख लक्षण
– तेज बुखार
– खांसी
– नाक बहना या जुकाम
– गले में परेशानी
– शरीर में तेज दर्द
– अत्यधिक थकान
विशेषज्ञों के अनुसार केवल लक्षणों के आधार पर हर संक्रमण को H1N1 मानना उचित नहीं है। जरूरत पड़ने पर चिकित्सकीय जांच और डॉक्टर की सलाह जरूरी है।
किन लोगों को ज्यादा खतरा?
इन्फ्लुएंजा से गंभीर जटिलताओं का जोखिम बुजुर्गों, अन्य बीमारियों से जूझ रहे लोगों और COPD या अस्थमा जैसी पहले से मौजूद श्वसन संबंधी समस्याओं वाले मरीजों में अधिक हो सकता है। छोटे बच्चों और कमजोर प्रतिरक्षा वाले लोगों को भी फ्लू के लक्षण होने पर विशेष निगरानी की जरूरत होती है।
अस्पतालों में बढ़ रहे मामले
बेंगलुरु के SPARSH Hospital के लीड कंसल्टेंट डॉ. मनोहर केएन ने बताया कि उनके अस्पताल की OPD में रोजाना करीब 5-6 मरीज फ्लू जैसे लक्षणों के साथ पहुंच रहे हैं। इनमें से करीब 2-3 मरीजों को गंभीर लक्षण होने पर भर्ती की जरूरत पड़ रही है।
उन्होंने बताया कि हल्के मामलों का उपचार आमतौर पर डॉक्टर की सलाह के अनुसार लक्षणों के आधार पर किया जाता है और मरीज को घर पर अलग रहने की सलाह दी जाती है।
दिल्ली के आकाश हेल्थकेयर (Aakash Healthcare) की डॉ. हरप्रीत कौर ने भी H1N1 मामलों में बढ़ोतरी की जानकारी दी। उनके अनुसार जुलाई में अस्पताल में डेंगू और H1N1 के मामले सामने आए थे, जबकि अगस्त में H1N1 मामलों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई।
डेंगू और H3N2 का भी खतरा
एशियन हॉस्पिटल (Asian Hospital) के डॉ. सुनील राणा के अनुसार अस्पताल में डेंगू, स्वाइन फ्लू और H3N2 के मामले भी सामने आ रहे हैं। मरीजों में सामान्य खांसी और गले में दर्द से लेकर गंभीर निमोनिया तक के लक्षण देखे जा रहे हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून में कई तरह के संक्रमण एक साथ फैल सकते हैं। इसलिए केवल बुखार होने पर खुद से दवा लेने के बजाय डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।
H1N1 से बचने के लिए क्या करें?
विशेषज्ञों ने संक्रमण से बचाव के लिए कुछ सामान्य सावधानियां बरतने की सलाह दी है:
भीड़भाड़ वाली जगहों पर अच्छी तरह फिट होने वाला मास्क पहनें।
खांसते या छींकते समय मुंह और नाक ढकें।
हाथों की स्वच्छता का ध्यान रखें।
फ्लू जैसे लक्षण होने पर दूसरों से दूरी बनाए रखें और घर पर रहें।
बिना डॉक्टर की सलाह के एंटीबायोटिक या अन्य दवाएं न लें।
गंभीर या लगातार बढ़ते लक्षणों में चिकित्सक से संपर्क करें।
हाई-रिस्क समूह के लोग डॉक्टर की सलाह से इन्फ्लुएंजा वैक्सीन लगवा सकते हैं।
कब तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें?
अगर फ्लू जैसे लक्षणों के साथ सांस लेने में कठिनाई, लगातार तेज बुखार, अत्यधिक कमजोरी या हालत तेजी से बिगड़ने लगे तो चिकित्सकीय मदद लेने में देरी नहीं करनी चाहिए। खासतौर पर बच्चों, बुजुर्गों और पहले से किसी बीमारी से पीड़ित लोगों में लक्षण गंभीर होने पर तत्काल डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है।

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