Udaan Desk. भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) ने मान्यता प्राप्त निवेशक (Accredited Investor) के नियमों में बदलाव का प्रस्ताव दिया है। इसके तहत निवेश प्रबंधकों को निवेशक की पात्रता जांचने और उसे मान्यता प्राप्त निवेशक के रूप में दर्ज करने की अनुमति दी जा सकती है।
मान्यता प्राप्त निवेशक ऐसे निवेशक होते हैं, जिनके पास पर्याप्त पैसा और निवेश की अच्छी समझ होती है। वे यह समझ सकते हैं कि किसी निवेश में कितना जोखिम हो सकता है और जरूरत पड़ने पर उस जोखिम को उठाने की आर्थिक क्षमता भी रखते हैं। इसलिए ऐसे निवेशकों को निवेश के कुछ मामलों में सामान्य निवेशकों के मुकाबले ज्यादा आजादी और सुविधाएं दी जाती हैं।
सेबी ने मान्यता प्राप्त निवेशक की पात्रता तय करने के लिए शेयर बाजार और अन्य सिक्योरिटीज में किए गए निवेश को भी एक आधार बनाने का प्रस्ताव दिया है। इसके अलावा, भारत से बाहर रहने वाले लोगों और फॉरेन पोर्टफोलियो इन्वेस्टर्स (FPI) को भी मान्यता प्राप्त निवेशक का दर्जा देने का प्रस्ताव रखा गया है।
अलग-अलग मैनेजर के लिए हर बार होगी पात्रता की जांच
प्रस्तावित नई व्यवस्था में अगर निवेशक अलग-अलग निवेश प्रबंधकों के उत्पादों में निवेश करता है, तो हर बार उसकी पात्रता की जांच करनी होगी। लेकिन अगर सभी उत्पाद एक ही निवेश प्रबंधक के हैं, तो एक बार की गई पात्रता जांच तीन साल तक मान्य रह सकती है। यह नई व्यवस्था मौजूदा मान्यता प्राप्त निवेशक व्यवस्था के साथ एक अतिरिक्त विकल्प के तौर पर लागू होगी।
निवेशकों के लिए सुरक्षा के भी होंगे इंतजाम
सेबी ने कई सुरक्षा उपाय भी प्रस्तावित किए हैं, जिनमें मान्यता देने की नीति, रिकॉर्ड का रखरखाव, स्वतंत्र निगरानी और जवाबदेही की व्यवस्था शामिल है। मैनेजर के जरिए मान्यता लेने वाले निवेशकों को खुद अपना मान्यता प्राप्त निवेशक स्टेटस घोषित करने की अनुमति नहीं होगी।
सेबी ने पात्रता के लिए सिक्योरिटीज मार्केट में मौजूद संपत्ति को भी एक आधार बनाने का प्रस्ताव दिया है। कम से कम 5 करोड़ रुपये की ऐसी संपत्ति रखने वाले व्यक्ति पात्र हो सकते हैं, जबकि कंपनियों और अन्य कॉरपोरेट संस्थाओं के लिए यह सीमा 20 करोड़ रुपये प्रस्तावित है।
3.70 लाख निवेशक हो सकते हैं पात्र
पात्र संपत्तियों में डीमैट में रखे इक्विटी और डेट इंस्ट्रूमेंट, REITs/InvITs, अल्टरनेटिव इन्वेस्टमेंट फंड, म्युचुअल फंड होल्डिंग्स, फ्यूचर्स ओपन इंटरेस्ट, डीमैट रूप में रखी अनलिस्टेड सिक्योरिटीज और विदेशी सिक्योरिटीज मार्केट में किए गए निवेश शामिल होंगे। सेबी का अनुमान है कि प्रस्तावित सिक्योरिटीज मार्केट एसेट मानदंड के तहत करीब 3.70 लाख निवेशक पात्र हो सकते हैं। फिलहाल करीब 96,000 निवेशक मान्यता प्राप्त निवेशक हैं।

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