Udaan Desk. भारत में गोल्ड खरीदना निवेश का साधन ही नहीं बल्कि वर्षों से चली रही परंपरा है। शादी से लेकर त्योहार तक पर भारत में लोग सालों से गोल्ड खरीदते आ रहे हैं। हालांकि इस साल ये तस्वीर कुछ बदली हुई सी नजर आ रही है। विश्व स्वर्ण परिषद (World Gold Council) की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, अप्रैल-जून 2026 तिमाही में भारत में सोने की मांग छह साल के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई है। आइए जानते हैं कि क्यों गोल्ड की मांग घट गई।
कैसे 6 साल के निचले स्तर पर पहुंची सोने की मांग?
विश्व स्वर्ण परिषद के आंकड़ों के मुताबिक, अप्रैल से जून 2026 के दौरान भारत में सोने की कुल मांग पिछले छह वर्षों में सबसे कम रही। सोने की कीमतें लगातार नए रिकॉर्ड बना रही हैं। इस वजह से लोग ज्यादा गोल्ड नहीं खरीद पा रहे हैं। इसकी वजह से सोने की मांग में गिरावट आई है। गोल्ड की मांग में आई कमी की तीन वजह भी दिखाई दे रही है।
गोल्ड के कम मांग की 3 वजह
1. रिकॉर्ड ऊंची कीमतें : सोने के दाम लगातार नए रिकॉर्ड बना रहे हैं। महंगा होने के कारण लोग कम मात्रा में सोना खरीद रहे हैं या खरीदारी टाल रहे हैं। सबसे बड़ा असर इसी वजह से पड़ा। खरीदे गए सोने की मात्रा घट गई।
2. शादी और त्योहारों का सीजन नहीं : अप्रैल-जून तिमाही में शादी-ब्याह और बड़े त्योहार कम होते हैं। अक्षय तृतीया के बाद बाजार में खरीदारी सुस्त रही। ज्वेलरी की मांग घटी और कुल बिक्री में कमी आई।
3. बढ़ी हुई लागत : सोने की ऊंची कीमत के साथ मेकिंग चार्ज, जीएसटी और अन्य खर्चों से ज्वेलरी और महंगी हो गई। ग्राहक हल्के वजन की ज्वेलरी खरीद रहे हैं या खरीदारी टाल रहे हैं, जिससे मांग में गिरावट आई।
क्या आने वाले महीनों में बढ़ेगी मांग?
गोल्ड की मांग घटने पर कुछ बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले महीनों में ये तस्वीर बदल सकती है। अगस्त से शुरू होने वाले त्योहारों के बाद नवरात्रि, धनतेरस, दिवाली में गोल्ड की मांग काफी बढ़ जाती है। ऐसे में ये इन गिरे हुए आंकड़ों को सुधार सकती है। इसके अलावा शादी का सीजन आने पर भी गोल्ड की मांग में असर दिख सकता है। वहीं अगर गोल्ड की कीमत और ऊपर चली गई, तो बाजार में बुरा असर भी देखने को मिल सकता है।

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