नई दिल्ली.
अमेरिका के बदनाम फाइनेंशर और यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन से जुड़ी फाइल्स ने भारत में भी राजनैतिक बवाल मचाया हुआ है। कांग्रेस की तरफ से पहले केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी के ऊपर हमला किया गया, अब भाजपा ने भी पलटवार करते हुए पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल पर निशाना साधा है। भाजपा ने राहुल गांधी से जवाब देने की मांग करते हुए दावा किया कि कपिल सिब्बल को एक ऐसे कार्यक्रम के दौरान पुरस्कार मिला था, जिसे यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन ने फंड किया था।
कपिल सिब्बल से जब इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने इस दावे के बकवास बताकर खारिज कर दिया। कांग्रेस की तरफ से प्रवक्ता पवन खेड़ा ने इन आरोपों पर जवाब दिया। मीडिया से बात करते हुए पवन खेड़ा ने कहा कि उस समय सिब्बल केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री थे। उन्हें ''शिक्षा में वैश्विक सहयोग के प्रति उनके दृढ़ समर्थन' के लिए समारोह में पुरस्कार दिया गया था। खेड़ा ने कहा, ''इसका जेफ्री एप्स्टीन से कोई संबंध नहीं है।''
दरअसल यह पूरा मामला उस वक्त शुरू हुआ, जब भाजपा प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर एक पोस्ट करते हुए कपिल सिब्बल पर निशाना साधा। उन्होंने लिखा, "2010 में, जेफ्री एप्स्टीन द्वारा कथित तौर पर वित्त पोषित एक पुरस्कार कांग्रेस के (तत्कालीन) वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल को मिला था। सिब्बल को लंबे समय से गांधी परिवार के करीबी के रूप में देखा जाता रहा है।'' भंडारी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस की विदेश इकाई के प्रमुख सैम पित्रोदा भी ''उसी गुट'' से जुड़े हुए थे।
2010 में, जेफ्री एप्स्टीन द्वारा कथित तौर पर वित्त पोषित एक पुरस्कार कांग्रेस के (तत्कालीन) वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल को मिला था। सिब्बल को लंबे समय से गांधी परिवार के करीबी के रूप में देखा जाता रहा है।'' उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस की विदेश इकाई के प्रमुख सैम पित्रोदा भी ''उसी गुट'' से जुड़े हुए थे। आपको बता दें, सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल 2022 तक कांग्रेस में शामिल थे। इसके बाद उन्होंने कांग्रेस छोड़ दी, वर्तमान में वह समाजवादी पार्टी के समर्थन से राज्यसभा के सांसद हैं।
एपस्टीन फाइल्स में केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी का नाम सामने आने पर कांग्रेस लगातार हमलावर बनी हुई है। कांग्रेस की तरफ से पवन खेड़ा ने पुरी पर हमला बोलते हुए कहा था कि वह लगातार झूठ बोल रहे हैं, ऐसे व्यक्ति को पद पर बने रहने का अधिकार नहीं है, उन्हें तुरंत इस्तीफा दे देना चाहिए। हालांकि, केंद्रीय मंत्री ने इस मामले पर अपना पक्ष रखते हुए कहा था कि उनकी काम के सिलसिले में एपस्टीन से जान-पहचान थी, उसके अपराधों से उनका कोई लेना-देना नहीं।

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