April 29, 2026

Udaan Publicity

The Voice of Democracy

होमगार्ड एनरोलमेंट-2025 परीक्षा सकुशल संपन्न, सख्त निगरानी से नकल और फर्जीवाड़े की कोशिशें नाकाम

होमगार्ड एनरोलमेंट-2025 परीक्षा सकुशल संपन्न, सख्त निगरानी से नकल और फर्जीवाड़े की कोशिशें नाकाम

25, 26 और 27 अप्रैल को दो पालियों में आयोजित परीक्षा रही शांतिपूर्ण

1053 केंद्रों पर तीन दिन चली परीक्षा में सख्ती के बीच नकल माफिया पर कार्रवाई

कूटरचना, प्रतिरूपण और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस के दुरुपयोग में कई गिरफ्तारियां

लखनऊ
उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड द्वारा आयोजित होमगार्ड एनरोलमेंट-2025 की लिखित परीक्षा 25, 26 और 27 अप्रैल 2026 को प्रदेश के 74 जनपदों के 1053 परीक्षा केंद्रों पर दो पालियों में सफलतापूर्वक संपन्न हुई। पूरे परीक्षा आयोजन के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे, जिससे परीक्षा शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित वातावरण में कराई जा सकी। परीक्षा के दौरान बायोमैट्रिक सत्यापन, फोटो मिलान और डिजिटल निगरानी के जरिए नकल और फर्जीवाड़े पर कड़ी नजर रखी गई। इसी के चलते कूटरचित दस्तावेज, प्रतिरूपण और अनुचित साधनों के उपयोग के मामलों पर त्वरित कार्रवाई करते हुए संबंधित अभियोग पंजीकृत किए गए।

तकनीकी निगरानी और प्रशासनिक सख्ती पूरी तरह प्रभावी
होमगार्ड एनरोलमेंट-2025 परीक्षा में सख्ती का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि 27 अप्रैल को हापुड़ और फतेहपुर में प्रवेश पत्र में जन्मतिथि से छेड़छाड़ कर कूटरचित दस्तावेज बनाने वाले छोटेलाल और विक्रम सिंह को तत्काल गिरफ्तार किया गया, वहीं अलीगढ़ और हाथरस में बायोमैट्रिक सत्यापन के दौरान प्रतिरूपण की कोशिश कर रहे अमित कुमार और धर्मपाल सिंह को मौके पर ही पकड़ लिया गया। इससे पहले 26 अप्रैल को कानपुर नगर के बीएनएसडी इंटर कॉलेज में प्रतिबंधित इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस छुपाने के मामले में एक सहायक अध्यापक सहित तीन लोगों की गिरफ्तारी हुई थी। एटा में फर्जी प्रवेश पत्र तैयार करने वाले तेजवीर सिंह पर कार्रवाई की गई, जबकि बरेली में अलग-अलग नामों से दो केंद्रों पर परीक्षा देने वाले अभ्यर्थी को बायोमैट्रिक मिलान के आधार पर दबोच लिया गया, जिससे स्पष्ट है कि पूरी परीक्षा प्रक्रिया में तकनीकी निगरानी और प्रशासनिक सख्ती पूरी तरह प्रभावी रही।

सोशल मीडिया पर भ्रामक सूचना फैलाने वालों पर भी कार्रवाई
परीक्षा के दौरान सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पेपर लीक और भ्रामक सूचना फैलाने के मामलों को भी गंभीरता से लिया गया। यूट्यूब चैनल और टेलीग्राम ग्रुप के माध्यम से अफवाह फैलाने वाले अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ लखनऊ में आईटी एक्ट और भारतीय न्याय संहिता के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। पूरी परीक्षा आयोजन के दौरान प्रशासन ने पारदर्शिता और निष्पक्षता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। उन्नत तकनीक, सघन चेकिंग और सुरक्षा व्यवस्था के चलते किसी भी बड़े व्यवधान की स्थिति नहीं बनी और परीक्षा सफलतापूर्वक संपन्न हो सकी।

Spread the love