June 19, 2026

Udaan Publicity

The Voice of Democracy

भारत आएंगी जापान की प्रधानमंत्री! व्यापारिक साझेदारी के लिहाज से बेहद अहम होगा यह दौरा

जापान की प्रधानमंत्री सनाए तकाइची जुलाई के शुरू में असम की राजधानी गुवाहाटी का दौरा करेंगी। तकाइची के साथ जापान की 50 कंपनियों के अधिकारियों का एक प्रतिनिधिमंडल भी आ रहा है। जापान की प्रधानमंत्री की इस यात्रा को रणनीतिक लिहाज से बेहद खास बेहद खास बताया जा रहा है।

असम सरकार और केंद्र के सूत्रों के मुताबिक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जापान की प्रधानमंत्री के बीच असम की राजधानी में प्रतिनिधिमंडल स्तर की बातचीत होगी। दोनों नेताओं के बीच यह बातचीत संभवतः 1 जुलाई को हो सकती है। दोनों पक्षों के बीच निवेश और आपूर्ति श्रृंखला से जुड़े समझौतों पर हस्ताक्षर होने की संभावना है। साथ ही, रणनीतिक तेल भंडार बनाने के लिए भारत को टोकियो से मिलने वाली वित्तीय मदद पर भी चर्चा हो सकती है।

सेमीकंडक्टर, नवीकरणीय ऊर्जा और वाहन जैसे कुछ अन्य क्षेत्र भी हैं जिनमें जापानी और भारतीय कंपनियां समझौते कर सकती हैं। मई में ‘क्वाड’ देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक के लिए नई दिल्ली आए जापान के विदेश मंत्री तोशिमित्सु मोतेगी ने भारत की ऊर्जा सुरक्षा में जापान के सहयोग की इच्छा जताई थी।

इसमें जापान की ‘पार्टनरशिप ऑन वाइड एनर्जी ऐंड रिसोर्सेज रेजिलिएंस’और 2 अरब डॉलर की ‘साउथ-ईस्ट एशिया इन्वेस्टमेंट फाइनैंसिंग फैसिलिटी’ के जरिये भारत के रणनीतिक भंडार को बढ़ाना शामिल हो सकता है। जापानी मीडिया ने गुरुवार को खबर चलाई कि तकाइची 50 से अधिक जापानी कंपनियों एवं संगठनों के अधिकारियों के एक उच्च- स्तरीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगी। इस प्रतिनिधिमंडल में वाहन क्षेत्र की नामी कंपनी सुजूकी मोटर के अध्यक्ष तोशिहिरो सुजूकी की भी शामिल होंगे।

हालांकि, जापान के तत्कालीन प्रधानमंत्री शिंजो आबे ने दिसंबर 2015 में प्रधानमंत्री मोदी के लोक सभा क्षेत्र वाराणसी का दौरा किया था मगर लेकिन ताकाइची का असम दौरा और मोदी के साथ प्रतिनिधिमंडल स्तर की बातचीत बेहद खास होगी और कभी-कभार ही ऐसा देखने को मिलता है। इसकी वजह यह है कि इस द्विपक्षीय शिखर सम्मेलन का आयोजन नई दिल्ली में न होकर देश के पूर्वोत्तर राज्यों में एक की राजधानी में हो रहा है।

असम की सीमा चीन से लगती है और जापानी प्रधानमंत्री का यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब हिंद-प्रशांत में बीजिंग के आक्रामक रुख को लेकर टोकियो में चिंता बढ़ रही है। मई में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाला राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) असम में सत्ता में फिर वापसी की। इस बार राज्य में पहली बार भाजपा ने अकेले ही साधारण बहुमत का आंकड़ा पार किया। असम का मोरीगांव ज़ला भारत की पहला स्वदेशी सेमीकंडक्टर सुविधा केंद्र है जिसका परिचालन टाटा सेमीकंडक्टर असेंबली ऐंड टेस्ट चला रही है।

असम में हुआ यह सम्मेलन जापान के तत्कालीन प्रधानमंत्री फूमियो किशिदा की रणनीतिक योजना के अनुरूप है। किशिदा ने वर्ष 2023 में नई दिल्ली में ‘इंडियन काउंसिल फॉर वर्ल्ड अफेयर्स’ में दिए गए भाषण में चर्चा की थी। किशिदा ने भारत के पूर्वोत्तर, बंगाल की खाड़ी और हिंद-प्रशांत क्षेत्र को जोड़ने वाली एक औद्योगिक मूल्य श्रृंखला बनाए जाने की जरूरत बताई थी।

उन्होंने कहा था,‘जमीन से घिरे पूर्वोत्तर भारत में अभी भी आर्थिक क्षमता का पूरा इस्तेमाल नहीं हो पाया है। बांग्लादेश और दक्षिण के अन्य इलाकों को एक ही आर्थिक क्षेत्र के तौर पर देखते हुए हम पूरे क्षेत्र के विकास को बढ़ावा देने के लिए भारत और बांग्लादेश के सहयोग से ‘बंगाल की खाड़ी-पूर्वोत्तर भारत औद्योगिक वैल्यू श्रृंखला’ की संकल्पना आगे बढ़ाएंगे’। अगस्त 2025 में मोदी की जापान यात्रा के दौरान जापान ने अगले दस वर्षों में भारत में 10 लाख करोड़ येन का निजी निवेश करने का वादा किया था।

Spread the love