July 11, 2026

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ट्रंप की ईरान को चेतावनी : ‘मेरी हत्या की कोशिश की तो…” मिट्टी में मिला देंगे

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को सीधे शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा है कि अमेरिका की 1000 मिसाइलें ‘लॉक्ड एंड लोडेड’ हैं और वे ईरान के हर हिस्से को मिट्टी में मिलाने के लिए तैयार हैं। ट्रंप का यह आक्रामक बयान उनके सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर आया है, जिसने वैश्विक राजनीति में हड़कंप मचा दिया है।

इजरायल ने दी खुफिया जानकारी
राष्ट्रपति ट्रंप ने दावा किया है कि उन्हें इजरायल की ओर से एक महत्वपूर्ण ‘टिप’ मिली है, जिसमें ईरान द्वारा उनकी हत्या की साजिश रचने की बात कही गई है। ट्रंप ने हाल ही में नाटो सम्मेलन के दौरान भी यह मुद्दा उठाया था कि वह ईरान की ‘हिट लिस्ट” में सबसे ऊपर हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि अमेरिकी खुफिया एजेंसियों को भी ईरान की ओर से संभावित साजिशों की सूचना मिली है, जिसके बाद उन्होंने सैन्य जवाबी कार्रवाई के कड़े निर्देश पहले ही जारी कर दिए हैं।

एक साल तक लगातार बमबारी की धमकी
ट्रंप ने अपने संदेश में बेहद सख्त लहजे का इस्तेमाल करते हुए लिखा कि अगर ईरानी सरकार दुनिया के किसी भी हिस्से में मेरे खिलाफ हत्या की धमकी को अमल में लाने की कोशिश करती है, तो अमेरिका ईरान के सभी इलाकों को पूरी तरह तबाह कर देगा।
उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि अमेरिकी सेना आदेश मिलते ही पूरे एक साल तक ईरान पर लगातार हमले करने में सक्षम है। ट्रंप के अनुसार, सेना को इस संबंध में पहले ही निर्देश दिए जा चुके हैं कि यदि उन्हें कुछ होता है, तो ईरान को इसका खामियाजा भुगतना होगा।

खत्म हुआ युद्धविराम
यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब जून में दोनों देशों के बीच हुए तनाव के बाद लागू हुआ एक अस्थायी युद्धविराम खत्म हो चुका है। इसके बाद से ही सैन्य गतिविधियों में अचानक तेजी आई है और तीखी बयानबाजी ने स्थिति को फिर से 2026 के सबसे संवेदनशील स्तर पर पहुंचा दिया है। इससे पहले भी चाबहार और शाहिद टर्मिनल जैसे इलाकों में सैन्य स्ट्राइक की खबरें आ चुकी हैं, जिससे संकेत मिलता है कि क्षेत्रीय सुरक्षा का संतुलन पूरी तरह बिगड़ा हुआ है।

वैश्विक स्थिरता पर सवाल
ट्रंप के इस बयान ने यह साफ कर दिया है कि अमेरिका अब किसी भी तरह की धमकी को हल्के में लेने के मूड में नहीं है। हालांकि इजरायल द्वारा दी गई सूचनाओं की अभी पुष्टि नहीं हुई है लेकिन वॉशिंगटन और तेहरान के बीच बढ़ता यह तनाव  में एक बार फिर बड़े सैन्य टकराव की ओर इशारा कर रहा है।

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