August 10, 2026

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पश्चिम बंगाल : सरकार बदली है…सड़कों के नाम तो बदलेंगे

कोलकाता. पश्चिम बंगाल की राजनीति में सड़क और सार्वजनिक स्थलों के नामकरण को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है. पार्क सर्कस स्थित सुहरावर्दी एवेन्यू का नाम बदलकर ‘गोपाल मुखर्जी रोड’ किये जाने के बाद मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने संकेत दिया है कि राज्य में अन्य सड़कों और इलाकों के नामों की भी समीक्षा की जायेगी. इस उद्देश्य से एक विशेष समिति का गठन किया गया है, जिसकी जिम्मेदारी कार्तिक महाराज को सौंपी गयी है.

विधानसभा में इस मुद्दे पर चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि कोलकाता या राज्य में किसी मुगल, पठान अथवा अत्याचारी ब्रिटिश शासक के नाम पर सड़कें नहीं रहेंगी. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार बंगाल की संस्कृति, गौरव और राष्ट्रवादी विरासत को प्राथमिकता देते हुए नामकरण की प्रक्रिया आगे बढ़ायेगी. सीएम ने यह भी कहा कि भगिनी निवेदिता को छोड़कर किसी विदेशी के नाम पर सड़क रखने की आवश्यकता नहीं है. हालांकि, उन्होंने पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम जैसे राष्ट्रभक्त व्यक्तित्वों को सम्मान देने की बात भी कही.

रितब्रत बंद्योपाध्याय ने उठाया मुद्दा
बता दे कि मंगलवार को विपक्ष के नेता रितब्रत बंद्योपाध्याय ने विधानसभा में सुहरावर्दी एवेन्यू का नाम बदलने पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि इतिहास को तोड़ा-मरोड़ा जा रहा है. उनका दावा था कि इस सड़क का नाम पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री हुसैन शहीद सुहरावर्दी के नाम पर नहीं, बल्कि उनके दादा मौलाना उबैदुल्लाह सुहरावर्दी के नाम पर रखा गया था. विपक्ष और कुछ इतिहासकारों ने भी इस मुद्दे पर सरकार के तर्कों पर आपत्ति जतायी है.

जनता से मागेंगे सुझाव
मुख्यमंत्री ने अपने जवाब में स्वतंत्रता सेनानी बीना दास का उल्लेख करते हुए कहा कि बंगाल के इतिहास और राष्ट्रीय स्वाभिमान को सामने लाने के लिए नामकरण की समीक्षा आवश्यक है. उन्होंने नागरिकों से भी सुझाव देने की अपील की और कहा कि नई समिति सभी प्रस्तावों पर विचार करेगी. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में कोलकाता सहित राज्य के अन्य हिस्सों में भी कई नामों के पुनर्मूल्यांकन की प्रक्रिया शुरू हो सकती है.

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