September 11, 2026

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योगी सरकार गन्ना समितियों में व्यवसाय के लिए महिलाओं को देगी निशुल्क स्थान

लखनऊ. 
योगी सरकार ने प्रदेश की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए गन्ना समितियों में रोजगार के लिए निशुल्क स्थान देने का निर्णय लिया है। यह स्थान ‘आधी आबादी’ को प्रेरणा कैंटीन और अपने उत्पादों के प्रदर्शन व बिक्री के लिए दिया जाएगा। ऐसे में सीएम योगी के निर्देश पर चीनी उद्योग एवं गन्ना विकास विभाग और उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन ने एमओयू साइन किया है। योगी सरकार की पहल से स्वयं सहायता समूह की ग्रामीण महिलाओं को गन्ना समितियों के माध्यम से सीधे रोजगार और स्वरोजगार के अवसर प्राप्त होंगे। 

दो साल के लिए दिया जाएगा निशुल्क स्थान
गन्ना आयुक्त मिनिस्थी एस. ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप प्रदेश की आधी आबादी को आत्मनिर्भर बनाने के लिए गन्ना समितियों में अपने उत्पादों की बिक्री के लिए स्थान दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि प्रदेश की गन्ना सहकारी समितियां अपने परिसरों में उपलब्ध खाली या अतिरिक्त स्थान को महिला स्वयं सहायता समूहों को उपलब्ध कराएंगी। यह स्थान प्रेरणा कैंटीन चलाने और अपने उत्पादों के प्रदर्शन व बिक्री के लिए उपयोग किया जाएगा। खास बात यह है कि इन स्थानों के उपयोग के लिए शुरुआती दो वर्षों तक कोई किराया नहीं लिया जाएगा। दो साल की मोरेटोरियम अवधि के बाद स्वयं सहायता समूहों को केवल 50 प्रतिशत किराया ही देना होगा, जो जिला प्रशासन द्वारा निर्धारित सर्किल रेट के अनुसार तय किया जाएगा। 

डिस्प्ले/मार्केटिंग सेंटर से हस्तनिर्मित और घरेलू उत्पादों की कर सकेंगी बिक्री
गन्ना आयुक्त ने बताया कि गन्ना समितियों द्वारा उपलब्ध कराए गए स्थान का स्वामित्व पूरी तरह संबंधित समिति के पास ही रहेगा। किसी भी परिस्थिति में इस स्थान का स्वामित्व स्वयं सहायता समूहों या किसी अन्य संस्था को हस्तांतरित नहीं किया जाएगा। इससे सरकारी परिसंपत्तियों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी। प्रेरणा कैंटीन और डिस्प्ले/मार्केटिंग सेंटर के माध्यम से महिलाएं अपने हस्तनिर्मित और घरेलू उत्पादों को बेच सकेंगी। इनमें खाद्य पदार्थों के अलावा सोलर लैंप, हस्तशिल्प, कृषि उत्पाद और अन्य स्थानीय वस्तुएं शामिल हैं। इससे न केवल महिलाओं की आय बढ़ेगी, बल्कि स्थानीय उत्पादों को भी एक संगठित बाजार मिलेगा। इसके लिए विभाग स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को प्रशिक्षण, विपणन और प्रचार-प्रसार में भी सहयोग देगा। महिलाओं को मेलों, प्रदर्शनियों और अन्य सार्वजनिक आयोजनों में भाग लेने का अवसर मिलेगा, जिससे उनके उत्पादों की पहुंच बढ़ेगी। इसके अलावा जरूरत पर अतिरिक्त सहयोग भी प्रदान किया जाएगा ताकि गन्ना क्षेत्र से जुड़ी महिलाओं को अधिक से अधिक अवसर मिल सकें।

ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगी मजबूती, बढ़ेगा उत्पादन और खपत
उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (यूपीएसआरएलएम) को भी योजना में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई है। मिशन यह सुनिश्चित करेगा कि स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को कैंटीन संचालन, साफ-सफाई, खाद्य सुरक्षा और गुणवत्ता नियंत्रण का उचित प्रशिक्षण मिले। वहीं, खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने के लिए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) के साथ समन्वय भी किया जाएगा। इससे उपभोक्ताओं को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण सेवाएं मिलेंगी। इससे जहां एक ओर महिलाओं को रोजगार मिलेगा, वहीं दूसरी ओर गन्ना समितियों की गतिविधियों में भी विविधता आएगी। स्थानीय स्तर पर उत्पादन और खपत बढ़ेगी, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

 

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