June 12, 2026

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मेलोडी टॉफी के भ्रम में रॉकेट हुआ पारले इंडस्ट्री का शेयर, 22 दिन में पैसा डबल

Share Market : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा इटली की पीएम जॉर्जिया मेलोनी को मेलोडी टॉफी भेंट करने के वीडियो के बाद पारले इंडस्ट्रीज के शेयरों में भारी उछाल आया। निवेशकों ने नाम के भ्रम में इस कंपनी के शेयर खरीदे, जिससे महज 22 दिन में 116 प्रतिशत का रिटर्न मिला, जबकि यह कंपनी टॉफी नहीं बनाती।

शेयर बाजार में अक्सर ऐसी घटनाएं देखने को मिलती हैं जब किसी एक खबर या सोशल मीडिया ट्रेंड का सीधा असर कंपनियों के शेयरों पर पड़ता है। हाल ही में एक बेहद दिलचस्प मामला सामने आया है, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एक तोहफे ने शेयर बाजार के निवेशकों की किस्मत बदल दी। पिछले महीने इटली दौरे के दौरान पीएम मोदी ने वहां की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी को मशहूर टॉफी मेलोडी भेंट की थी। मेलोनी द्वारा इस मुलाकात का वीडियो सोशल मीडिया पर साझा करते ही यह तेजी से वायरल हो गया। इस वायरल वीडियो का असर यह हुआ कि शेयर बाजार में पारले इंडस्ट्रीज के शेयरों की जमकर खरीदारी शुरू हो गई। देखते ही देखते 22 दिनों के भीतर ही इस कंपनी के शेयर ने 116 प्रतिशत का छप्परफाड़ रिटर्न देकर निवेशकों का पैसा दोगुना कर दिया।

मेलोडी की मिठास से शेयर बाजार में आई हलचल

इटली में दोनों प्रधानमंत्रियों की मुलाकात का वीडियो 20 मई को चर्चा में आया था। ठीक इसी दिन शेयर बाजार में पारले इंडस्ट्रीज का स्टॉक 5 रुपये के भाव पर कारोबार कर रहा था। जैसे ही मेलोडी वाली खबर ने बाजार में जोर पकड़ा, इस शेयर में खरीदारी हावी हो गई। अपर सर्किट लगने के साथ यह 5 रुपये 25 पैसे के स्तर पर पहुंच गया। बाजार में इस स्टॉक की मांग इतनी तेजी से बढ़ी कि कुछ ही कारोबारी सत्रों को छोड़ दें, तो इसमें लगातार अपर सर्किट लगने का सिलसिला जारी रहा। निवेशकों के इस उत्साह का नतीजा यह हुआ कि 11 जून (गुरुवार) को भी इस शेयर में 5 प्रतिशत का अपर सर्किट लगा और अब यह स्टॉक 10 रुपये 81 पैसे के स्तर पर पहुंच चुका है।

नाम के भ्रम ने बदली इस स्टॉक की किस्मत

इस पूरी घटना का सबसे हैरान करने वाला पहलू यह है कि निवेशकों ने जिस पारले इंडस्ट्रीज के शेयरों में जमकर पैसा लगाया है, उसका मेलोडी टॉफी से दूर-दूर तक कोई नाता नहीं है। यह कंपनी असल में बुनियादी ढांचा (इंफ्रास्ट्रक्चर), रियल एस्टेट विकास के साथ-साथ पेपर वेस्ट रीसाइक्लिंग के क्षेत्र में काम करती है। मुंबई से संचालित होने वाली इस कंपनी का मेलोडी टॉफी के निर्माण या बिक्री से कोई संबंध नहीं है। पारले प्रोडक्ट्स के वाइस प्रेसिडेंट मयंक शाह ने खुद इस बात की आधिकारिक पुष्टि की है कि पारले इंडस्ट्रीज एक पूरी तरह से अलग व्यापारिक इकाई है। आम निवेशकों को केवल दोनों कंपनियों के नाम में पारले शब्द होने की वजह से भारी भ्रम हुआ और उन्होंने बिना पड़ताल किए शेयर खरीद लिए।

कौन बनाता है असली मेलोडी टॉफी?

बाजार में जिस कंपनी के उत्पाद हम पारले-जी, मेलोडी, मोनाको, क्रैकजैक या हाइड एंड सीक के नाम से खरीदते हैं, वह दरअसल पारले प्रोडक्ट्स है और यह देश की एक बहुत बड़ी और प्रतिष्ठित एफएमसीजी कंपनी है, जो फिलहाल शेयर बाजार में लिस्टेड ही नहीं है। निवेशकों ने मेलोडी के वायरल वीडियो को पारले इंडस्ट्रीज से जोड़कर देखा और 20 मई से खरीदारी शुरू कर दी। जिन निवेशकों ने उस समय 5 रुपये के भाव पर निवेश किया था, उनका निवेश महज 22 दिन में ही दोगुने से भी अधिक हो चुका है। शेयर बाजार के नजरिए से इतने कम समय में 116 प्रतिशत का उछाल आना किसी चमत्कार से कम नहीं है, भले ही इसकी वजह सिर्फ एक नाम का भ्रम ही क्यों न रही हो।

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