शिवसेना (UBT) के नेता संजय राउत ने दावा किया कि मुझे जानकारी है कि सांसदों को 15-15 करोड़ रुपये एडवांस में दिए गए, जिसके बाद वे नांदेड़ और पुणे समेत तीन जगहों से चार्टर फ्लाइट में सवार हुए. उन्होंने यह भी दावा किया कि सांसदों को 50-50 करोड़ देने का वादा किया गया है. हमने कल पार्लियामेंट्री पार्टी मीटिंग के लिए व्हिप जारी किया है. सभी नौ सांसदों को कल सुबह 11 बजे पार्टी की मीटिंग में शामिल होने को कहा है. जो लोग पार्टी के चुनाव चिह्न पर चुने गए हैं, उन्हें पार्टी के साथ गद्दारी करने का कोई अधिकार नहीं है.
संजय राउत ने प्रेस कान्फ्रेंस में कहा कि अगर 2022 की तरह पार्टी में फिर फूट डालने की कोशिश की गई तो महाराष्ट्र की जनता और शिवसेना (उबाठा) के सांसद चुप नहीं बैठेंगे. इस मौके पर संजय राउत के साथ उनकी पार्टी के नौ लोकसभा सदस्यों में से केवल तीन सांसद- अरविंद सावंत, अनिल देसाई और राजाभाऊ मौजूद थे.उन्होंने बागी सांसदों से कहा कि उद्धव ठाकरे और शिवसेना (उबाठा) के कार्यकर्ताओं ने सांसदों की जीत सुनिश्चित करने के लिए कड़ी मेहनत की है. अगर वे पाला बदलना है तो पहले इस्तीफा दें.हालांकि उन्होंने कहा कि सांसदों के पार्टी छोड़ने की उन्हें कोई आधिकारिक सूचना नहीं है.
ये सांसद बना सकते हैं अलग ग्रुप
शिवसेना (UBT) के चुने हुए सांसदों को अपनी तरफ खींचने की शिवसेना की कोशिशों को नाम दिया गया है-ऑपरेशन टाइगर.शिंदे कैंप के नेताओं का दावा है कि शिवसेना (UBT) के छह सांसद एक अलग ग्रुप बना सकते हैं और शिवसेना के साथ आ सकते हैं. इससे पहले वे लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को एक लेटर दे सकते हैं.जिन छह सांसदों के अलग ग्रुप बनाने की संभावना है, उनके नाम हैं-संजय जाधव (परभणी), भाऊसाहेब वाकचौरे (शिरडी), संजय देशमुख (यवतमाल), नागेश पाटिल अष्टीकर (हिंगोली), ओमराजे निंबालकर (धाराशिव), संजय पाटिल (मुंबई नॉर्थ ईस्ट).
बुधवार को आयोजित प्रेस काॅफ्रेंस में संजय राउत ने बागी सांसदों को चुनौती दी कि अगर वे पाला बदलना चाहते हैं तो इस्तीफा दे दें. उन्होंने कहा कि इन सांसदों को जीत शिव सेना के चिह्न पर मिली है ना कि मोदी के चेहरे पर. अगर वे धोखा करना चाहते हैं, तो पहले इस्तीफा दे दें.

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