June 21, 2026

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फिर बंद हुआ होर्मुज स्ट्रेट : ईरान ने अमेरिका पर लगाया वादाखिलाफी का आरोप

ईरान की संयुक्त मिलिट्री कमांड ने होर्मुज स्ट्रेट को दोबारा बंद करने का फैसला किया है। सेना ने इसके लिए अमेरिका द्वारा युद्धविराम के वादों को पूरा न करने और लेबनान में इजरायली हमलों को जिम्मेदार ठहराया है।

ईरान की संयुक्त मिलिट्री कमांड ने एक बार फिर सामरिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण होर्मुज स्ट्रेट को बंद करने का आधिकारिक ऐलान कर दिया है। सेना ने इस बड़े कदम के पीछे लेबनान में जारी इजरायली हमलों और अमेरिका की “बदनीयती” को मुख्य कारण बताया है और ईरान का आरोप है कि अमेरिका युद्ध खत्म करने के अपने वादों को पूरा करने में विफल रहा है, जिसे उन्होंने समझौते का “साफ तौर पर उल्लंघन” करार दिया है। यह घटनाक्रम ऐसे समय में आया है जब इस हफ्ते की शुरुआत में ही अमेरिका और ईरान के बीच एक अंतरिम समझौते पर हस्ताक्षर हुए थे, जिसके बाद इस जलडमरूमध्य से जहाजों की आवाजाही फिर से शुरू की गई थी।

अमेरिका पर वादाखिलाफी का गंभीर आरोप

सरकारी टेलीविजन पर प्रसारित एक बयान में ईरान की संयुक्त मिलिट्री कमांड ने स्पष्ट किया कि होर्मुज स्ट्रेट को फिर से बंद कर दिया गया है और ” ईरान का मानना है कि अमेरिका ने युद्धविराम को लेकर जो वादे किए थे, उन्हें जमीन पर लागू नहीं किया गया है। इस स्थिति ने दोनों देशों के बीच हुए हालिया कूटनीतिक प्रयासों पर संकट के बादल मंडरा दिए हैं।

ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बगाहेई ने इस मुद्दे पर सरकार का रुख स्पष्ट करते हुए कहा कि जब तक ईरान को यह महसूस नहीं होता कि अमेरिका अपनी जिम्मेदारियों को पूरी तरह निभा रहा है, तब तक बातचीत आगे बढ़ना मुश्किल है। बगाहेई ने जोर देकर कहा कि अंतिम समझौते के लिए औपचारिक बातचीत तभी शुरू हो सकती है जब लेबनान में लड़ाई खत्म करने जैसे मुख्य वादे पूरे किए जाएं।

लेबनान में भीषण हमले और 16 लोगों की मौत

होर्मुज स्ट्रेट को बंद करने का यह फैसला लेबनान में हुई ताजा हिंसा के बाद लिया गया है। शनिवार को दक्षिणी लेबनान पर इजराइल द्वारा किए गए हमलों में कम से कम 16 लोगों की मौत हो गई, जिनमें 2 बच्चे भी शामिल थे। ये हमले उस समय हुए जब कुछ ही घंटों पहले युद्धविराम को लेकर सकारात्मक खबरें आ रही थीं। लगातार हो रही इस गोलाबारी और मौतों ने मिडिल-ईस्ट में शांति बहाली के लिए अमेरिका और ईरान के बीच हुए अंतरिम समझौते को खतरे में डाल दिया है।

इजरायल और हिज्बुल्लाह के बीच आरोप-प्रत्यारोप

इजरायली सेना ने इन हमलों को हिज्बुल्लाह की कार्रवाई का जवाब बताया है। सेना के एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर जानकारी दी कि हिज्बुल्लाह ने रात भर में दक्षिणी लेबनान में इजरायली सेना पर 50 से ज्यादा प्रोजेक्टाइल दागे थे। इसके जवाब में इजरायली वायुसेना ने हिज्बुल्लाह के कमांड सेंटरों और रॉकेट लॉन्च करने वाली जगहों को निशाना बनाया। वॉशिंगटन में इजरायल के राजदूत येचिएल लीटर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि अगर हिज्बुल्लाह हमलों को रोकता है, तो इजरायल “तत्काल युद्धविराम के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध” है।

दूसरी तरफ, हिज्बुल्लाह ने एक बयान जारी कर इजरायल पर ही युद्धविराम के उल्लंघन का आरोप लगाया। हिज्बुल्लाह की सैन्य शाखा ने कहा कि उन्होंने युद्धविराम का पालन करने का वादा किया था, लेकिन शुक्रवार रात इजरायल ने कई बार नियमों को तोड़ा। समूह ने स्पष्ट किया कि वह युद्धविराम का पालन करना चाहता है, लेकिन इजरायली सैनिकों द्वारा किए जाने वाले किसी भी हमले का करारा जवाब दिया जाएगा। फिलहाल, होर्मुज स्ट्रेट के बंद होने से वैश्विक तेल आपूर्ति और क्षेत्रीय सुरक्षा पर गहरा असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।

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