महाराष्ट्र के परभणी जिले में बड़ा हादसा हो गया है। यहां के मानवत तहसील स्थित प्रसिद्ध यशवाड़ी मारुति मंदिर परिसर में सभा मंडप की छत अचानक गिर गई है। इसके बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। हादसे के वक्त मंदिर में कई श्रद्धालु मौजूद थे। रिपोर्ट के मुताबिक, हादसे में 7 लोगों की मौत हो गई है और करीब 25 घायल हुए हैं। अभी भी कुछ लोगों के मलबे में दबे होने की खबर है।
हादसे के वक्त मंदिर में दर्शन-पूजन के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ मौजूद थी, जिसके कारण छत गिरते ही वहां चीख-पुकार और अफरा-तफरी मच गई। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन, भारी पुलिस बल और आपदा प्रबंधन की टीमें तुरंत मौके पर पहुंच गई हैं और मलबे को हटाने के लिए युद्ध स्तर पर राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया गया है। प्रशासन का इस वक्त सबसे मुख्य उद्देश्य मलबे के नीचे दबे हुए श्रद्धालुओं को जल्द से जल्द सुरक्षित बाहर निकालना है।
स्थानीय नागरिकों और बचाव दल की मदद से क्रेन के जरिए भारी सीमेंट के स्लैब और मलबे को हटाया जा रहा है। मलबे से निकाले गए घायल श्रद्धालुओं को तत्काल प्राथमिक उपचार देने के बाद एम्बुलेंस के जरिए इलाज के लिए परभणी जिला सामान्य अस्पताल में भर्ती कराया गया है। प्राथमिक और स्थानीय सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, इस हादसे में कुछ श्रद्धालुओं की मौत होने की भी दुखद खबर सामने आ रही है। हालांकि, जिला प्रशासन और पुलिस की ओर से अभी आधिकारिक रूप से हताहतों और मृतकों की सटीक संख्या की पुष्टि नहीं की गई है।
हादसे की भयावहता को देखते हुए परभणी जिला प्रशासन बेहद मुस्तैद नजर आ रहा है। मलबे के नीचे फंसे लोगों को त्वरित चिकित्सा सहायता प्रदान करने के लिए घटनास्थल पर ही कई आपातकालीन एम्बुलेंस और डॉक्टरों की विशेष मेडिकल टीमों को तैनात कर दिया गया है। जैसे ही किसी श्रद्धालु को मलबे से बाहर निकाला जा रहा है, उसे तुरंत इलाज के लिए अस्पताल रवाना किया जा रहा है। जिला अस्पताल को भी पूरी तरह से अलर्ट मोड पर रखा गया है ताकि घायलों को इलाज में कोई देरी न हो।
इस दर्दनाक हादसे की खबर मिलते ही मंत्री मेघना बोरदिकर ने तुरंत पूरी घटना का संज्ञान लिया और वे लगातार स्थिति पर अपनी पैनी नजर बनाए हुए हैं। उन्होंने तत्काल परभणी के जिला कलेक्टर (डीएम) और पुलिस अधीक्षक (एसपी) से फोन पर संपर्क कर घटनास्थल पर भारी क्रेनें, पोकलेन मशीनें और सभी आवश्यक राहत सामग्री भेजने के सख्त निर्देश दिए। इसके साथ ही, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के विधायक राजेश विटेकर और जिले के अन्य तमाम प्रमुख जननेताओं ने भी प्रशासनिक अधिकारियों से बात कर बचाव कार्य की गति को और तेज करने को कहा है ताकि मलबे के नीचे दबी एक-एक जिंदगी को सुरक्षित बचाया जा सके। फिलहाल, पूरा जिला प्रशासन और राहत एजेंसियां मौके पर जमी हुई हैं और ऑपरेशन को तेजी से अंजाम दिया जा रहा है।

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