भारत के टू-व्हीलर बाजार में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए होंडा मोटरसाइकल एंड स्कूटर इंडिया (HMSI) इस साल कई नए उत्पाद लॉन्च करने की तैयारी कर रही है. कंपनी जल्द ही 200cc से ऊपर की 2-3 नई प्रीमियम मोटरसाइकिलें और नई इलेक्ट्रिक स्कूटर बाजार में उतारेगी. बढ़ती आय, प्रीमियम बाइक्स की बढ़ती मांग और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी की लोकप्रियता को देखते हुए होंडा ने यह रणनीति बनाई है.
प्रीमियम बाइक सेगमेंट पर होंडा का फोकस
होंडा की मौजूदा मोटरसाइकिल बिक्री का बड़ा हिस्सा 110cc से 125cc कम्यूटर बाइक्स से आता है. वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी ने 31.6 लाख स्कूटर और 25.9 लाख मोटरसाइकिलें बेचीं. हालांकि, 151cc से 350cc सेगमेंट का योगदान केवल 13 प्रतिशत रहा है. इसी वजह से कंपनी अब प्रीमियम सेगमेंट में अपनी मौजूदगी मजबूत करना चाहती है.
कंपनी के प्रेसिडेंट, सीईओ और मैनेजिंग डायरेक्टर त्सुत्सुमु ओतानी के मुताबिक, पहले प्रीमियम और मनोरंजन के लिए खरीदी जाने वाली बाइक्स का बाजार छोटा था, लेकिन अब लोगों की आय बढ़ने और वैश्विक उत्पादों तक पहुंच आसान होने से ग्राहकों की पसंद बदल रही है. आगे उन्होंने कहा कि कंपनी इस बढ़ती मांग को देखते हुए भारतीय बाजार के लिए अधिक लोकलाइज्ड मॉडल तैयार कर रही है.
मेक इन इंडिया रणनीति को मिलेगा बढ़ावा
होंडा अपनी नई प्रीमियम मोटरसाइकिलों के लिए भारत में ही अधिक से अधिक पुर्जों का निर्माण करना चाहती है. इसके लिए कंपनी सप्लायर्स के साथ मिलकर 200cc से ऊपर की बाइक्स के पार्ट्स का लोकलाइजेशन बढ़ा रही है. कंपनी का कहना है कि उसका फोकस मेक इन इंडिया पर है, जिससे उत्पादन लागत कम हो और भारत को वैश्विक मैन्युफैक्चरिंग हब बनाया जा सके.
होंडा इलेक्ट्रिक स्कूटर
प्रीमियम बाइक्स के साथ होंडा इस साल नई इलेक्ट्रिक स्कूटर भी लॉन्च करेगी. हालांकि, कंपनी इलेक्ट्रिक वाहन बाजार में धीरे-धीरे विस्तार करेगी. होंडा का कहना है कि भविष्य की रणनीति चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास और ग्राहकों की मांग के आधार पर तय की जाएगी.
बता दें कि बढ़ती मांग को देखते हुए होंडा अपने राजस्थान के टपूकारा प्लांट और गुजरात के विठ्ठलापुर प्लांट में हर साल 6.5 लाख यूनिट अतिरिक्त उत्पादन क्षमता जोड़ रही है. इस विस्तार के बाद कंपनी की कुल वार्षिक उत्पादन क्षमता वित्त वर्ष 2028 तक करीब 80 लाख यूनिट तक पहुंच जाएगी.

Related Posts
BSNL का सैटेलाइट फोन लॉन्च, बिना मोबाइल नेटवर्क के होगी कॉलिंग, जानें कीमत और फीचर्स
SEBI ने बदले नियम : अब रुपये में होगी FPI फीस की पेमेंट, म्युचुअल फंड के नियम भी बदले
Tata Power : 2030 तक ₹1 लाख करोड़ रेवेन्यू लक्ष्य, न्यूक्लियर पावर सेक्टर में उतरने की तैयारी