Udaan Desk. रात को अच्छी नींद आने से अगला दिन काफी फ्रेश गुजरता है, लेकिन आजकल के लाइफस्टाइल की वजह से रातों का नींद न आना एक आम समस्या हो चुकी है. करवट बदलते-बदलते रात बीत जाती है. अगर आप चाहते हैं कि रातों की नींद अच्छी हो तो कुछ एक्सरसाइज ट्राय कर सकते हैं. जो आपकी नींद के लिए फायदेमंद हो सकती है.
एरोबिक एक्सरसाइज
अगर आपको नींद न आने की समस्या (insomnia) है, तो कार्डियो वर्कआउट – जिन्हें एरोबिक एक्सरसाइज़ भी कहते हैं, जैसे कि तैराकी, साइकिल चलाना, जॉगिंग या पैदल चलना, आपको सोने में मदद कर सकते हैं. इससे स्लीप एप्निया के लक्षणों में भी कुछ सुधार दिख सकता है. कुछ स्टडीज से पता चलता है कि नींद की सेहत के लिए बहुत ज़्यादा ज़ोरदार एक्सरसाइज के मुकाबले मध्यम-तीव्रता (moderate-intensity) वाली कार्डियो एक्सरसाइज ज़्यादा फायदेमंद होती है.
कार्डियो वर्कआउट
लगातार कार्डियो वर्कआउट करने का एक और फ़ायदा है – बेहतर और सुकून भरी नींद। मध्यम स्तर की एरोबिक एक्सरसाइज यानी ऐसी एक्सरसाइज जिसके दौरान आप बातचीत भी कर सकें. से गहरी नींद की मात्रा बढ़ती है. गहरी नींद वह अवस्था है जिसमें आपका शरीर और दिमाग़ फिर से तरोताजा हो जाते हैं.
स्ट्रेंथ ट्रेनिंग
स्ट्रेंथ ट्रेनिंग, जैसे कि सिट-अप्स, पुश-अप्स और वेट लिफ्टिंग, मांसपेशियों को मजबूत बनाते हैं। शोध से पता चलता है कि इन व्यायामों को नियमित रूप से करने से नींद में सुधार हो सकता है और साथ ही चिंता और अवसाद के उन लक्षणों को कम किया जा सकता है जो नींद में बाधा डालते हैं.
योग
रिसर्च से पता चलता है कि कुछ खास ग्रुप के लोगों, जैसे कि 60 साल से ज़्यादा उम्र के लोग, नींद की समस्या वाली महिलाएं और टाइप 2 डायबिटीज़ वाली महिलाओं के लिए, नियमित रूप से योग करने से हर रात मिलने वाली नींद की क्वालिटी बेहतर हो सकती है.
सांस लेने की एक्सरसाइज
हर रात कुछ मिनट गहरी सांस लेने की एक्सरसाइज़ करने से आपका ब्लड प्रेशर कम होता है, मन शांत होता है और शरीर को आराम मिलता है, जिससे आप अच्छी नींद के लिए बेहतर तरीके से तैयार हो पाते हैं.
स्ट्रेचिंग
सोने से पहले की अपनी रूटीन में आसान स्ट्रेचिंग को शामिल करने से ब्लड सर्कुलेशन बेहतर हो सकता है और मांसपेशियों का तनाव कम हो सकता है, जिससे आप बेहतर तरीके से आराम करके सो पाते हैं. कुछ स्टडीज से पता चलता है कि स्ट्रेचिंग से रैपिड आई मूवमेंट (REM) वाली नींद की मात्रा बढ़ सकती है. इसी दौरान आपका दिमाग यादों को व्यवस्थित और स्टोर करता है.

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