September 3, 2026

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अल-नीनो ने बढ़ाई नई टेंशन : 2026 में टूटेगा गर्मी का रिकॉर्ड! 69% पहुंची सबसे गर्म साल बनने की संभावना

Udaan Publicity. दुनिया में बढ़ती गर्मी के बीच 2026 के अब तक का सबसे गर्म साल बनने की संभावना बढ़ गई है। जलवायु पर शोध करने वाली गैर-लाभकारी संस्था बर्कले अर्थ के ताजा विश्लेषण के मुताबिक, इस साल मजबूत El Nino के कारण 2026 के सबसे गर्म साल बनने की संभावना जुलाई में 12% से बढ़कर अगस्त में 69% हो गई है। विशेषज्ञों का यह भी अनुमान है कि 2027 में तापमान एक नया रिकॉर्ड बना सकता है।

बर्कले अर्थ के मुख्य वैज्ञानिक रॉबर्ट रोडे (Robert Rohde) ने कहा कि अगले एक साल में दुनिया को मौसम की ऐसी परिस्थितियों का सामना करना पड़ सकता है, जिनकी सामान्य तौर पर एक दशक या उससे ज्यादा समय बाद उम्मीद की जाती है। उनके मुताबिक, मजबूत El Nino का असर दुनिया के कई हिस्सों के मौसम पर काफी बड़ा हो सकता है।

क्या है El Nino?
El Nino प्रशांत महासागर में समुद्र की सतह के तापमान से जुड़ी एक प्राकृतिक मौसमी घटना है। इसमें पूर्वी उष्णकटिबंधीय प्रशांत महासागर का पानी सामान्य से काफी ज्यादा गर्म हो जाता है। इसका असर दुनिया के अलग-अलग हिस्सों के तापमान और बारिश पर पड़ता है। इस बार समुद्र के एक खास हिस्से का तापमान सामान्य से करीब 4 डिग्री सेल्सियस ज्यादा बढ़ने का अनुमान है। यह 2015-16 के El Nino के दौरान दर्ज करीब 2.75 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी से काफी अधिक है।

भारत समेत कई देशों में बढ़ सकता है असर
El Nino के कारण कुछ क्षेत्रों में सूखे और गर्मी की स्थिति बढ़ सकती है, जबकि कुछ जगहों पर सामान्य से ज्यादा बारिश हो सकती है। भारत, ऑस्ट्रेलिया और पश्चिमी व दक्षिणी अफ्रीका में इसके कारण सूखे का खतरा बढ़ सकता है। वहीं, अमेरिका के दक्षिणी हिस्सों में ज्यादा बारिश होने की संभावना रहती है।

हाल के महीनों में फ्रांस और स्पेन में भीषण गर्मी के कारण जंगलों में आग की घटनाएं हुईं। अमेरिका के कई हिस्सों में भी गर्मी का असर देखने को मिला। प्रमुख जलवायु आंकड़ों के अनुसार, जुलाई 2026 दुनिया के सबसे गर्म या दूसरे सबसे गर्म जुलाई में शामिल रहा।

इस साल की गर्मी पर El Niño का कितना असर?
बर्कले अर्थ के वैज्ञानिक जेक हाउसफादर (Zeke Hausfather) के मुताबिक, El Niño जलवायु पर पड़ने वाले एक बड़े झटके की तरह है, जो दुनिया के कई हिस्सों में मौसम के सामान्य पैटर्न को प्रभावित कर सकता है।

वहीं, रॉबर्ट रोडे का कहना है कि इस साल देर वसंत और शुरुआती गर्मियों में पड़ी भीषण गर्मी इतनी जल्दी शुरू हो गई थी कि उस पर El Niño का पूरा असर पड़ने की संभावना कम थी। लेकिन अब El Niño तेजी से मजबूत हो रहा है, इसलिए आने वाले महीनों में इसका प्रभाव और ज्यादा दिखाई दे सकता है।

जलवायु परिवर्तन भी बड़ी वजह
वैज्ञानिकों ने यह भी स्पष्ट किया है कि किसी एक साल के सबसे गर्म होने से लंबे समय के जलवायु बदलाव की पूरी तस्वीर सामने नहीं आती। El Nino किसी एक साल के तापमान को काफी प्रभावित कर सकता है, लेकिन धरती के लगातार बढ़ते तापमान के पीछे ग्रीनहाउस गैसों से होने वाला ग्लोबल वार्मिंग भी बड़ी वजह है।

बर्कले अर्थ के विश्लेषण के मुताबिक, मजबूत El Nino और पहले से बढ़ रहे वैश्विक तापमान का असर मिलकर 2026 और 2027 में गर्मी के नए रिकॉर्ड बनने की संभावना बढ़ा सकता है।

अर्थव्यवस्था पर भी पड़ सकता है असर
तेज गर्मी और भारी बारिश का असर सिर्फ मौसम तक सीमित नहीं रहेगा। खासकर विकासशील देशों में इससे कृषि, मछली पकड़ने और अन्य आर्थिक गतिविधियों पर दबाव बढ़ सकता है। उदाहरण के लिए, समुद्र के गर्म होने से पेरू में एंकोवी मछली पकड़ने का काम प्रभावित हुआ है। इस तरह El Nino आने वाले महीनों में मौसम के साथ-साथ खाद्य आपूर्ति और अर्थव्यवस्था के लिए भी चुनौती बढ़ा सकता है।

(साभार : बिजनेस स्टैंडर्ड)

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