June 14, 2026

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रोजाना स्प्राउट्स खाना फायदेमंद, लेकिन गलत तरीका सेहत के लिए पड़ सकता है भारी

स्प्राउट्स यानी अंकुरित अनाज को लंबे समय से हेल्दी डाइट का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है। इनमें प्रोटीन, फाइबर, विटामिन, मिनरल्स और एंटीऑक्सीडेंट्स भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं, जो शरीर को ऊर्जा देने, पाचन तंत्र को बेहतर बनाने और रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत करने में मदद करते हैं। यही वजह है कि बड़ी संख्या में लोग अपने दिन की शुरुआत स्प्राउट्स से करते हैं। हालांकि, स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि यदि स्प्राउट्स को सही तरीके से तैयार और सेवन नहीं किया जाए तो यह फायदे की जगह नुकसान भी पहुंचा सकते हैं।

क्यों फायदेमंद माने जाते हैं स्प्राउट्स

अंकुरित होने के बाद अनाज और दालों में मौजूद पोषक तत्वों की मात्रा बढ़ जाती है। स्प्राउट्स में प्रोटीन, फाइबर, आयरन, मैग्नीशियम, पोटैशियम और कई जरूरी विटामिन पाए जाते हैं। नियमित रूप से सीमित मात्रा में स्प्राउट्स खाने से वजन नियंत्रित रखने, पाचन सुधारने और शरीर की इम्यूनिटी बढ़ाने में मदद मिल सकती है। यह लंबे समय तक पेट भरा रखने में भी सहायक होते हैं, जिससे अनावश्यक भूख कम लगती है।

कच्चे की बजाय हल्का पकाकर खाना ज्यादा सुरक्षित

विशेषज्ञों के अनुसार स्प्राउट्स को पूरी तरह कच्चा खाने के बजाय हल्का उबालकर या भाप में पकाकर खाना ज्यादा सुरक्षित माना जाता है। अंकुरण के दौरान नमी और तापमान के कारण बैक्टीरिया पनपने की संभावना बढ़ जाती है। ऐसे में हल्का पकाने से संक्रमण का खतरा कम हो सकता है और पाचन भी आसान हो जाता है।

खाने से पहले अच्छी तरह धोना जरूरी

स्प्राउट्स को खाने से पहले साफ पानी से कम से कम दो से तीन बार अच्छी तरह धोना चाहिए। इससे उनमें मौजूद धूल, गंदगी और संभावित हानिकारक सूक्ष्मजीवों को हटाने में मदद मिलती है। साफ-सफाई का ध्यान न रखने पर फूड पॉइजनिंग या पेट से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं।

सलाद के रूप में बढ़ाएं पोषण

स्प्राउट्स को टमाटर, खीरा, प्याज, गाजर, नींबू और काली मिर्च जैसी चीजों के साथ मिलाकर खाने से इसका स्वाद और पोषण दोनों बढ़ जाते हैं। इससे शरीर को अतिरिक्त विटामिन और मिनरल्स भी मिलते हैं। कई लोग इसमें हरा धनिया और चाट मसाला मिलाकर भी इसे अधिक स्वादिष्ट बनाते हैं।

ताजे स्प्राउट्स का ही करें सेवन

विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि हमेशा ताजे और ताजा तैयार किए गए स्प्राउट्स का ही सेवन करना चाहिए। यदि स्प्राउट्स से बदबू आने लगे, उनका रंग बदल जाए या वे ज्यादा समय तक रखे हुए हों तो उन्हें खाने से बचना चाहिए। खराब स्प्राउट्स स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकते हैं।

कब बन सकते हैं बीमारी की वजह

जरूरत से ज्यादा स्प्राउट्स खाने से गैस, पेट फूलना, अपच और ब्लोटिंग जैसी समस्याएं हो सकती हैं। जिन लोगों का पाचन तंत्र संवेदनशील है, उन्हें विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों, छोटे बच्चों और कमजोर इम्यूनिटी वाले लोगों को कच्चे स्प्राउट्स खाने से पहले डॉक्टर या न्यूट्रिशन एक्सपर्ट की सलाह लेना बेहतर माना जाता है।

संतुलित मात्रा में ही करें सेवन

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि स्प्राउट्स से अधिकतम लाभ तभी मिलता है जब इन्हें संतुलित मात्रा में और संतुलित आहार के हिस्से के रूप में खाया जाए। केवल स्प्राउट्स पर निर्भर रहने के बजाय अन्य पौष्टिक खाद्य पदार्थों को भी डाइट में शामिल करना जरूरी है।

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