भारत में शेयर बाजार को लेकर लोगों का रुझान बढ़ता जा रहा है। अब निवेश सिर्फ बड़े शहरों या अनुभवी निवेशकों तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि छोटे शहरों और कस्बों के लोग भी तेजी से शेयर बाजार की ओर कदम बढ़ा रहे हैं। इसका ताजा उदाहरण नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के आंकड़ों में देखने को मिला है, जहां निवेशक खातों की संख्या एक नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है।
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया ने जून 2026 में एक बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए 26 करोड़ निवेशक खातों का आंकड़ा पार कर लिया है।
चार महीने में जुड़े 1 करोड़ नए खाते
एनएसई की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, 25 करोड़ से 26 करोड़ निवेशक खातों तक पहुंचने में चार महीने से भी कम समय लगा। यह दर्शाता है कि बाजार में नए निवेशकों की एंट्री लगातार बनी हुई है। बीते एक साल के दौरान ही 4.3 करोड़ से अधिक नए निवेशक खाते जुड़े हैं। यह कुल खातों का करीब 17 प्रतिशत हिस्सा है।
यूनीक निवेशक और ट्रेडिंग खाते में क्या है अंतर?
31 मई 2026 तक एनएसई में पंजीकृत यूनीक निवेशकों की संख्या 13.1 करोड़ से अधिक थी। अप्रैल 2026 में यह आंकड़ा पहली बार 13 करोड़ के पार पहुंचा था।
हालांकि ट्रेडिंग खातों की संख्या यूनीक निवेशकों से काफी ज्यादा है। इसकी वजह यह है कि एक निवेशक अलग-अलग ब्रोकरेज प्लेटफॉर्म के जरिए एक से अधिक ट्रेडिंग खाते रख सकता है। इसलिए निवेशक और खातों की संख्या में अंतर दिखाई देता है।
किन राज्यों में सबसे ज्यादा निवेशक?
निवेशक खातों के मामले में महाराष्ट्र देश में सबसे आगे है। यहां करीब 4.4 करोड़ निवेशक खाते हैं, जो कुल खातों का लगभग 17 प्रतिशत हिस्सा हैं। इसके बाद उत्तर प्रदेश का स्थान आता है, जहां लगभग 3 करोड़ निवेशक खाते मौजूद हैं। गुजरात में 2.2 करोड़, पश्चिम बंगाल में 1.5 करोड़ और राजस्थान में भी लगभग 1.5 करोड़ निवेशक खाते हैं।
ये पांच राज्य मिलकर देश के करीब 49 प्रतिशत निवेशक खातों का प्रतिनिधित्व करते हैं। वहीं पूर्वोत्तर भारत के कई राज्यों में भी निवेशकों की संख्या में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
मोबाइल ट्रेडिंग ने बढ़ाई रफ्तार
विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रेडिंग खातों में तेजी से आई बढ़ोतरी के पीछे डिजिटलाइजेशन की बड़ी भूमिका है। मोबाइल ऐप और ऑनलाइन ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म ने निवेश को पहले से कहीं ज्यादा आसान बना दिया है। आज नकद बाजार के कुल कारोबार का पांचवें हिस्से से अधिक हिस्सा मोबाइल ट्रेडिंग के माध्यम से हो रहा है।
निवेश अब छोटे शहरों तक पहुंचा
एनएसई के मुख्य व्यवसाय विकास अधिकारी श्रीराम कृष्णन ने कहा कि 26 करोड़ निवेशक खातों का आंकड़ा भारतीय पूंजी बाजार में निवेशकों की बढ़ती भागीदारी का मजबूत संकेत है।
उनके अनुसार वैश्विक भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के बावजूद कम समय में 1 करोड़ नए खातों का जुड़ना निवेशकों के भरोसे को दिखाता है। उन्होंने कहा कि आसान KYC प्रक्रिया, मोबाइल ट्रेडिंग और निवेशक जागरूकता कार्यक्रमों ने इस वृद्धि को गति दी है।
सिर्फ शेयर नहीं, कई विकल्पों में बढ़ रहा निवेश
कृष्णन ने बताया कि निवेश अब केवल बड़े शहरों तक सीमित नहीं है, बल्कि टियर-2, टियर-3 और टियर-4 शहरों तक फैल रहा है। उन्होंने कहा कि अब निवेशक केवल शेयर बाजार तक सीमित नहीं हैं। वे इक्विटी के साथ-साथ ETF, REIT, InvIT, सरकारी बॉन्ड और कॉर्पोरेट बॉन्ड जैसे विभिन्न निवेश विकल्पों की ओर भी रुख कर रहे हैं।
हाल ही में शुरू की गई इलेक्ट्रॉनिक गोल्ड रिसीट (EGR) जैसी सुविधाओं ने भी निवेशकों को नए विकल्प उपलब्ध कराए हैं और बाजार तक पहुंच को और आसान बनाया है।

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