दिग्गज फिनटेक कंपनी पेटीएम ने RBI के एक्शन के बाद निवेशकों और ग्राहकों के सामने अपनी स्थिति स्पष्ट की है। कंपनी ने रेगुलेटरी फाइलिंग के जरिए बताया कि पेटीएम पेमेंट्स बैंक लिमिटेड (PPBL) पर भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा की गई किसी भी कार्रवाई का पेटीएम के कारोबार या आर्थिक गतिविधियों पर कोई असर नहीं पड़ेगा। नोएडा स्थित इस कंपनी ने साफ तौर पर दोहराया कि उसका बैंकिंग इकाई के साथ कोई ऐसा व्यावसायिक समझौता नहीं है, जिससे कंपनी के मुख्य कामकाज पर कोई आंच आए।
पेटीएम ने इस बात पर जोर दिया है कि पेमेंट्स बैंक और वन-97 कम्युनिकेशंस दो अलग-अलग इकाइयां हैं। फाइलिंग के अनुसार, PPBL पूरी तरह से स्वतंत्र रूप से काम करता है और पेटीएम का उसके बोर्ड या मैनेजमेंट के फैसलों में कोई दखल नहीं है। कंपनी ने याद दिलाया कि 1 मार्च 2024 को ही उसने यह स्पष्ट कर दिया था कि PPBL के साथ उसका कोई बड़ा कारोबारी लेन-देन नहीं बचा है। कंपनी ने अपनी सेवाओं के बारे में स्थिति साफ करते हुए कहा कि उसकी कोई भी सर्विस PPBL के साथ साझेदारी में नहीं चल रही है।
मुनाफे की राह पर मजबूती से बढ़ता पेटीएम
आर्थिक मोर्चे पर बात करें तो पेटीएम ने निवेशकों को भरोसा दिलाया है कि इस पूरे मामले से उसे कोई सीधा घाटा नहीं होने वाला है। दरअसल, कंपनी ने 31 मार्च 2024 को ही PPBL में किए गए अपने निवेश को ‘इम्पेयर’ (बट्टे खाते में डालना) कर दिया था, इसलिए अब आर्थिक रूप से कंपनी पर कोई नया बोझ नहीं पड़ेगा। पेटीएम ने स्पष्ट किया कि पेटीएम ऐप, पेटीएम UPI, गोल्ड और अन्य सभी सहायक सेवाएं जैसे कि क्यूआर कोड, साउंडबॉक्स और कार्ड मशीनें पहले की तरह ही बिना किसी रुकावट के काम करती रहेंगी। इसके अलावा पेटीएम मनी और पेमेंट गेटवे जैसी सेवाएं भी पूरी तरह सुचारू हैं।
पिछले कुछ सालों में पेटीएम ने अपने मुख्य रेवेन्यू मॉडल को मजबूत करने पर काफी ध्यान दिया है। कंपनी के ऑपरेटिंग मॉडल की मजबूती इस बात से समझी जा सकती है कि वित्त वर्ष 2026 में कंपनी ने लगातार तीन तिमाहियों में मुनाफा दर्ज किया है। हालिया आंकड़ों के मुताबिक, पेटीएम का टैक्स के बाद मुनाफा (PAT) 559 करोड़ रुपये रहा। यदि पेटीएम फर्स्ट गेम्स को दिए गए लोन से जुड़े 190 करोड़ रुपये के एकमुश्त चार्ज को हटा भी दिया जाए, तो भी कंपनी का शुद्ध मुनाफा 369 करोड़ रुपये के करीब बैठता है।
दिसंबर तिमाही के नतीजे भी काफी सकारात्मक रहे थे, जहां कंपनी ने 225 करोड़ रुपये का मुनाफा दर्ज किया था, जो पिछले साल के मुकाबले 433 करोड़ रुपये का बड़ा सुधार था। कंपनी का ईबीआईटीडीए (EBITDA) भी बढ़कर 156 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है।
बाजार विश्लेषकों का मानना है कि पेटीएम अब उन चुनिंदा फिनटेक कंपनियों में शामिल है जिनका मार्जिन प्रोफाइल काफी बेहतर है। इसका मुख्य कारण मर्चेंट पेमेंट और वित्तीय सेवाओं के वितरण से होने वाली उच्च कमाई है। UPI मार्केट में भी पेटीएम की पकड़ मजबूत हो रही है। पिछले नौ महीनों में पेटीएम का कंज्यूमर UPI जीएमवी (GMV) 35 प्रतिशत की दर से बढ़ा है, जबकि इसी अवधि में पूरे उद्योग की ग्रोथ 16 प्रतिशत रही है।

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