नई दिल्ली। जियो प्लेटफॉर्म्स के बोर्ड ने जियो के आईपीओ (इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग) को मंजूरी दे दी है और डीआरएचपी ( ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस) को भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के पास दिन के अंत में जमा किया जाएगा। यह जानकारी रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर मुकेश अंबानी की ओर से शुक्रवार को दी गई। रिलायंस इंडस्ट्रीज की ओर से एक्सचेंज फाइलिंग में कहा गया कि प्रस्तावित आईपीओ में 10 रुपए की फेस वैल्यू वाले 27 करोड़ शेयरों का फ्रैश इश्यू शामिल होगा। इश्यू की अंतिम कीमत सेबी के ‘इश्यू ऑफ कैपिटल एंड डिस्क्लोजर रिक्वायरमेंट्स (आईसीडीआर) रेगुलेशंस, 2018’ के तहत बुक-बिल्डिंग प्रक्रिया से तय की जाएगी। आईपीओ का ऐलान करते हुए अंबानी ने कहा कि यह मेरे लिए, पूरी रिलयांस परिवार और हमारे लाखों शेयरधारकों के लिए भावुक पल है।
उन्होंने आगे कहा कि रिलायंस और उसके शेयरहोल्डर्स के बीच का रिश्ता “गर्व, भरोसे, सम्मान और साथ मिलकर आगे बढ़ने पर आधारित एक गहरा और पवित्र रिश्ता” है, यह एक ऐसा कमिटमेंट है जो धीरूभाई अंबानी के लिए बहुत निजी था और मेरे लिए भी उतना ही पवित्र है।
आकाश, ईशा और अनंत जियो के आईपीओ प्रोसेस को संभाल रहे हैं और भविष्य में वैल्यू बनाने के मौकों के मामले में अगली पीढ़ी का नेतृत्व करेंगे। अंबानी के मुताबिक, “जियो की प्रस्तावित लिस्टिंग दुनिया को दिखाएगी कि भारत ग्लोबल स्तर, ग्लोबल क्षमता और ग्लोबल वैल्यू वाली टेक्नोलॉजी कंपनियां बना सकता है। मैं आपको और सभी संभावित नए निवेशकों को भरोसा दिलाता हूं कि जियो का भविष्य बहुत उज्ज्वल है।”
उन्होंने जियो को “इस साल वैल्यू बनाने की दिशा में सबसे अहम पड़ाव” बताया जा रहा है, जो “रिलायंस के शेयरहोल्डर्स के लिए बड़ी वैल्यू बनाएगा और दूसरों को निवेश का आकर्षक मौका देगा।”

Related Posts
मजबूती की ओर कारोबार : डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन में बंपर उछाल, सरकारी खजाने में आए 5.21 लाख करोड़ रुपए
सहारा डिबेंचर मामला : SAT के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंची SEBI
NSE IPO : 10 साल बाद राह आसान : मंजूरी के लिए DRHP फाइल; क्या बनेगा अब तक का सबसे बड़ा IPO?