July 8, 2026

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Tata Power : 2030 तक ₹1 लाख करोड़ रेवेन्यू लक्ष्य, न्यूक्लियर पावर सेक्टर में उतरने की तैयारी

टाटा पावर ने अगले पांच सालों के लिए बड़ा लक्ष्य तय किया है। कंपनी का लक्ष्य 2030 तक 1 लाख करोड़ रुपए का रेवेन्यू और 10,000 करोड़ रुपए का नेट प्रॉफिट हासिल करना है। कंपनी का कहना है कि इलेक्ट्रिसिटी जनरेशन, ट्रांसमिशन, डिस्ट्रीब्यूशन, रिन्यूएबल एनर्जी और मैन्युफैक्चरिंग सहित सभी कारोबारों के विस्तार के दम पर यह लक्ष्य हासिल किया जाएगा। कंपनी की एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) के दौरान सवाल-जवाब सेशन में टाटा पावर के चेयरमैन नटराजन चंद्रशेखरन ने कहा कि कंपनी का लक्ष्य 2030 तक 10,000 करोड़ रुपए का नेट प्रॉफिट और 1 लाख करोड़ रुपए का रेवेन्यू हासिल करना है।

उन्होंने कहा कि आज टाटा पावर ‘एनर्जी ऐज ए सर्विस’ मॉडल को आगे बढ़ाने में अग्रणी भूमिका निभा रही है। कंपनी रेजिडेंशियल, कमर्शियल एंड इंडस्ट्रियल (C&I) कस्टमर्स को क्लीन एंड ग्रीन एनर्जी सॉल्यूशन अपनाने में मदद कर रही है।

FY26 में कैसा रहा कंपनी का परफॉर्मेंस?

वित्त वर्ष 2025-26 (FY26) में टाटा पावर का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 63,681 करोड़ रुपए रहा। वहीं, कंपनी का नेट प्रॉफिट 5,212 करोड़ रुपए दर्ज किया गया। इसी परफॉर्मेंस के आधार पर कंपनी अब 2030 तक अपने कारोबार और मुनाफे में उल्लेखनीय बढ़ोतरी का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ रही है।

ओडिशा में लगाएगी 10 GW की नई सोलर मैन्युफैक्चरिंग यूनिट

टाटा पावर के चेयरमैन नटराजन चंद्रशेखरन ने बताया कि कंपनी ओडिशा में 10 गीगावॉट (GW) कैपेसिटी की न्यू सोलर इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरिंग प्रोजेक्ट लगाने की तैयारी कर रही है। इस प्रोजेक्ट की औपचारिक घोषणा अगले कुछ महीनों में की जाएगी। फिलहाल कंपनी के पास तमिलनाडु के तिरुनेलवेली में 4.3 GW की सोलर सेल और मॉड्यूल मैन्युफैक्चरिंग कैपैसिटी है। वहीं, बेंगलुरु प्लांट को जोड़ने के बाद कंपनी की टोटल सोलर मैन्युफैक्चरिंग कैपेसिटी 4.9 GW हो जाती है।

हर बिजनेस सेगमेंट में विस्तार की तैयारी
चंद्रशेखरन ने कहा कि टाटा पावर अपने सभी प्रमुख कारोबारों का तेजी से विस्तार कर रही है। इसमें पावर जनरेशन, ट्रांसमिशन, डिस्ट्रीब्यूशन, रिन्यूएबल एनर्जी, रूफटॉप सोलर, इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) चार्जिंग और मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्र शामिल हैं। उन्होंने बताया कि कंपनी सोलर इक्विपमेंट के साथ-साथ इंगट्स और वाफर्स के कंस्ट्रक्शन का भी विस्तार करेगी। ओडिशा में प्रस्तावित 10 GW की न्यू प्रोजेक्ट इसी रणनीति का हिस्सा है। कंपनी का लक्ष्य 2030 तक कुल 30 GW पावर जेनरेशन कैपैसिटी हासिल करना है, जिसमें 20 GW रिन्यूएबल एनर्जी कैपेसिटी होगी।

न्यूक्लियर पावर सेक्टर में उतरने के लिए भी तैयार
टाटा पावर ने संकेत दिया है कि वह भविष्य में न्यूक्लियर पावर सेक्टर में भी कदम रख सकती है। चंद्रशेखरन ने कहा कि कंपनी खास तौर पर स्मॉल मॉड्यूलर रिएक्टर्स (SMRs) के क्षेत्र में अवसरों का आकलन कर रही है। इससे पहले मई में कंपनी ने जानकारी दी थी कि वह तीन राज्यों के साथ न्यूक्लियर एनर्जी प्रोजेक्ट्स को लेकर बातचीत कर रही है। फिलहाल इन प्रोजेक्ट्स की फिजिबिलिटी स्टडी चल रही है और अगले छह महीनों में डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) तैयार होने की उम्मीद है।

डिस्ट्रीब्यूशन कारोबार भी बढ़ाने की योजना
चंद्रशेखरन ने कहा कि जिन राज्यों में पावर डिस्ट्रीब्यूशन के प्राइवेटाइजेशन का प्रस्ताव आएगा, वहां टाटा पावर अपने डिस्ट्रीब्यूशन कारोबार का विस्तार करने के लिए तैयार है। उन्होंने बताया कि कंपनी अब तक 2.5 GW की रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट चालू कर चुकी है और उसके पास 5.1 GW की मजबूत प्रोजेक्ट पाइपलाइन भी मौजूद है। वर्तमान में टाटा पावर का पावर डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क मुंबई, दिल्ली, अजमेर और पूरे ओडिशा सहित 7 डिस्कॉम (DISCOMs) के जरिए 1.31 करोड़ से ज्यादा कंज़्यूमर्स को बिजली सेवाएं उपलब्ध करा रहा है। इससे कंपनी देश की प्रमुख बिजली वितरण कंपनियों में शामिल है।

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