Paytm Payments Bank : भारतीय रिजर्व बैंक ने पेटीएम पेमेंट्स बैंक (PPBL) का बैंकिंग लाइसेंस रद्द कर दिया है। आरबीआई की इस कार्रवाई ने देश के कोने-कोने में हलचल मचा दी है। पेटीएम का इस्तेमाल करने वाले हर व्यक्ति के मन में कई तरह के सवाल हैं कि क्या पेटीएम बंद होने वाला है? वहीं कुछ लोगों का ये भी सवाल है कि पेटीएम पेमेंट्स बैंक में रखे उनके पैसे क्या डूब जाएंगे? अगर आपके भी ऐसे ही कुछ सवाल है, तो आइए जानते हैं इनके जवाब…
पेटीएम बैंक बंद हुआ है ऐप नहीं
दरअसल, पेटीएम के दो मुख्य हिस्से हैं। एक पेटीएम ऐप, जिसे हम भुगतान के लिए इस्तेमाल करते हैं, और दूसरा पेटीएम पेमेंट्स बैंक, जो आपके पैसे को जमा करता था। आरबीआई ने पेटीएम पेमेंट्स बैंक का लाइसेंस बंद किया है। इसका सीधा मतलब यह है कि अगर आप पेटीएम के जरिए यूपीआई (UPI) इस्तेमाल करते हैं और आपका बैंक खाता किसी दूसरे बैंक (जैसे SBI, PNB या HDFC) में है, तो आपको रत्ती भर भी डरने की जरूरत नहीं है। आपकी पेमेंट वैसे ही चलती रहेगी जैसे पहले चलती थी। समस्या सिर्फ उन लोगों के लिए है जिनका पैसा सीधे पेटीएम पेमेंट्स बैंक में जमा था।
पेटीएम के बैंक में पड़े पैसे का क्या होगा?
अगर आपके पास पेटीएम बैंक का सेविंग्स अकाउंट है और आपके खाते में पैसे पड़े हुए हैं, तो डरने की जरूरत नहीं है। आपके पैसे पूरी तरह से सुरक्षित हैं। RBI ने स्पष्ट किया है कि Paytm Payments Bank के पास पर्याप्त फंड हैं और सभी ग्राहकों की जमा राशि लौटाई जाएगी।
वॉलेट का इस्तेमाल करने वालों के लिए भी यही नियम लागू होता है। पेटीएम वॉलेट की सबसे बड़ी खूबी उसका ‘फास्ट पेमेंट’ मोड था। अगर आपके वॉलेट में 500 या 1000 रुपये पड़े हैं, तो आप उन्हें किसी भी दुकान पर स्कैन करके खर्च कर सकते हैं या अपने ही दूसरे बैंक खाते में वापस भेज सकते हैं। लेकिन ध्यान रहे, एक बार वॉलेट खाली हो गया, तो आप इसे दोबारा टॉप-अप या रिचार्ज नहीं कर पाएंगे। इसलिए, अब समय आ गया है कि आप अपनी आदतों में थोड़ा बदलाव लाएं और सीधे यूपीआई (UPI) ट्रांजैक्शन की ओर शिफ्ट हो जाएं।
पेटीएम की ये सर्विस चलती रहेंगी
पेटीएम ने साफ शब्दों में कहा कि पेटीएम (वन 97 कम्युनिकेशंस लिमिटेड) और उसकी सेवाएं, बिना किसी रुकावट के चल रही हैं, और आगे भी बिना किसी रूकावट के जारी रहेंगी। इनमें पेटीएम ऐप, पेटीएम यूपीआई, पेटीएम गोल्ड और सहायक व सहयोगी कंपनियों की अन्य सेवाएं जैसे पेटीएम क्यूआर, पेटीएम साउंडबॉक्स, पेटीएम कार्ड मशीन, पेटीएम पेमेंट गेटवे और पेटीएम मनी आदि शामिल हैं।”
पेटीएम से जुड़े लोगों के कुछ सवाल
1. क्या अब मैं पेटीएम ऐप से पेमेंट कर पाऊंगा?
जवाब: हाँ, बिल्कुल। पेटीएम ऐप पहले की तरह ही काम करता रहेगा। आप स्कैन करके पेमेंट कर सकते हैं, मोबाइल रिचार्ज कर सकते हैं और बिलों का भुगतान कर सकते हैं। असल में, पेटीएम अब दूसरे बड़े बैंकों (जैसे Axis, SBI, YES Bank) के साथ मिलकर काम कर रहा है, इसलिए आपकी पेमेंट सर्विस नहीं रुकेगी।
2. क्या मेरा क्यूआर कोड (QR Code) और साउंडबॉक्स काम करना बंद कर देगा?
जवाब: सभी दुकानदार बेफिक्र रहें। पेटीएम का क्यूआर कोड, साउंडबॉक्स और कार्ड मशीन (EDC) हमेशा की तरह काम करते रहेंगे। कंपनी ने साफ किया है कि वो अपनी ये डिजिटल सेवाएं आरबीआई की इस कार्रवाई से प्रभावित नहीं होने देगी। आप बिना किसी रुकावट के ग्राहकों से पेमेंट लेना जारी रख सकते हैं।
3. मेरे पेटीएम बैंक अकाउंट में जो पैसे हैं, उनका क्या होगा?
जवाब: आपका पैसा पूरी तरह सुरक्षित है। लाइसेंस रद्द होने का मतलब यह नहीं है कि आपका पैसा डूब गया। आप अपने अकाउंट में मौजूद बैलेंस को जब चाहें निकाल सकते हैं या किसी दूसरे बैंक खाते में ट्रांसफर कर सकते हैं। बस ध्यान रहे कि अब आप इस खाते में नया पैसा जमा नहीं कर पाएंगे।
4. क्या मेरी यूपीआई (UPI) आईडी बदल जाएगी?
जवाब: अगर आपकी यूपीआई आईडी किसी दूसरे बैंक से लिंक है, तो कुछ नहीं बदलेगा। लेकिन अगर आपकी आईडी @paytm वाली है और वो पेटीएम पेमेंट्स बैंक से जुड़ी थी, तो पेटीएम ने इसे अब ‘नोडल बैंक’ मॉडल पर शिफ्ट कर दिया है। आपको बस अपना ऐप अपडेट रखना है, बैकएंड पर पेटीएम इसे दूसरे सुरक्षित बैंकों के साथ चालू रखेगा ताकि आपकी पेमेंट फेल न हो।
5. वॉलेट और फास्टैग का अब क्या करें?
जवाब: आपके वॉलेट या फास्टैग में जो भी पुराना बैलेंस है, उसे आप खत्म होने तक इस्तेमाल कर सकते हैं। लेकिन चूंकि अब इसमें टॉप-अप (पैसे डालना) मुमकिन नहीं है, इसलिए सलाह यही है कि आप जल्द से जल्द किसी दूसरे बैंक का नया फास्टैग ले लें और पुराने वॉलेट बैलेंस को खर्च कर दें।

Related Posts
RBI ने रद्द किया Paytm पेमेंट्स बैंक का लाइसेंस, अब जमा पैसों की सुरक्षा पर उठे सवाल
पेट्रोल-डीजल के बाद अब समोसे और साबुन भी महंगे! कहां से आ रही है ये मुसीबत?
सिर्फ ये 2 कारण: बिखरा बाजार, सेंसेक्स में 1000 अंक की गिरावट, हुआ भारी नुकसान