June 17, 2026

Udaan Publicity

The Voice of Democracy

भारत-यूरोपीय संघ व्यापार समझौता : साल के आखिर तक लगेगी मुहर, 99 फीसदी भारतीय निर्यात शुल्क घटेगा

यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने बुधवार को कहा कि भारत और यूरोपीय संघ (ईयू) इस साल के अंत तक महत्वाकांक्षी मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर हस्ताक्षर करेंगे। उन्होंने यह जानकारी जी-7 शिखर सम्मेलन से इतर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ वार्ता के बाद दी। इस बैठक में यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष वॉन डेर लेयन के अलावा यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा भी शामिल हुए।

साल के अंत तक FTA पर हस्ताक्षर की उम्मीद

वॉन डेर लेयन ने सोशल मीडिया पर कहा, “जब से हमने इस ऐतिहासिक व्यापार समझौते को अंतिम रूप दिया है, तब से हम अपनी प्रतिबद्धताओं को पूरा करने के लिए तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। हम इस वर्ष के अंत तक मुक्त व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर कर देंगे और निवेश समझौते पर काम में भी तेजी लाएंगे।”

उन्होंने कहा, ”हम सुरक्षा और रक्षा सहयोग को भी मजबूत करेंगे तथा भारत-पश्चिम एशिया-यूरोप आर्थिक गलियारा (IMEC) परियोजना को आगे बढ़ाकर बेहतर संपर्क व्यवस्था के लिए मिलकर काम करेंगे।”

99% भारतीय निर्यात पर कम होगा शुल्क

भारत और यूरोपीय संघ ने जनवरी में नई दिल्ली में आयोजित शिखर बैठक में इस व्यापक व्यापार समझौते पर वार्ता पूरी होने की घोषणा की थी। अधिकारियों के अनुसार, वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का लगभग एक-चौथाई हिस्सा रखने वाला यह मुक्त व्यापार समझौता यूरोपीय संघ को होने वाले भारतीय निर्यात के 99 फीसदी हिस्से पर शुल्क को कम करेगा और भारत में आने वाले ईयू के 97 फीसदी से ज्यादा निर्यात पर शुल्क में कटौती करेगा। यूरोपीय संघ का अनुमान है कि इस समझौते से यूरोपीय निर्यातकों को वार्षिक शुल्क में चार अरब यूरो तक की बचत होगी।

FTA से मजबूत होंगे भारत-EU संबंध

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी सोशल मीडिया पर कहा कि उन्होंने और ईयू नेताओं ने आर्थिक संबंधों को और गहरा करने पर चर्चा की। उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा, ”इस वर्ष की शुरुआत में भारत को गणतंत्र दिवस समारोह में उनकी मेजबानी करने का सौभाग्य मिला था। भारत-यूरोपीय संघ संबंधों के लिए यह महत्वपूर्ण समय है क्योंकि हमने मुक्त व्यापार समझौते को अंतिम रूप दिया है।” मोदी ने कहा, ”हमारी बढ़ती साझेदारी आज के वैश्विक परिदृश्य में शांति, स्थिरता और समृद्धि को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।”

Spread the love